China में क्यों छपते हैं दुनिया के कई देशों के नोट? थाइलैंड, नेपाल, श्रीलंका, पोलैंड समेत कई नाम शामिल, बिठा रखा है सबसे बड़ा प्रिंटिंग सेटअप

By अभिनय आकाश | Mar 28, 2024

दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो अपनी करेंसी को किसी और देश में छपवाते हैं। ऐसे भी कई देश हैं जो दूसरे की करेंसी को छापते हैं। खास बात ये है कि चीन इन सबमें सबसे आगे हैं। यानी चीन दुनिया का एकलौता ऐसा देश है जो सबसे अधिक करेंसी को प्रिंट करता है। वो भी दूसरे देशों के और करेंसी छपवाने की कतार में कई देश हैं। इनमें पोलैंड, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश शामिल है। यही वजह है कि चीन कई देशों की मुद्रा की छपाई कर वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इससे उसे एक तरफ तगड़ी कमाई तो हो ही रही है। वहीं दूसरी तरफ उसकी खुद की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष लियू गुइशेंग ने मई में चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा संचालित द्विमासिक पत्रिका चाइना फाइनेंस में एक लेख में लिखा था कि चीन को 2015 में नेपाल से पैसे छापने का पहला अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक ऑर्डर प्राप्त हुआ।

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बीआरआई एशियाई देशों, अफ्रीका, चीन और यूरोप के बीच कनेक्टिविटी और सहयोग में सुधार पर केंद्रित है। चीन का कहना है कि 60 से अधिक देशों ने बीआरआई निवेश के लिए हस्ताक्षर किए हैं। बीआरआई में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) शामिल है, जिस पर भारत ने विरोध जताया है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरता है।

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'चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन', जिसका मुख्यालय बीजिंग में है, खुद को पैमाने के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा मनी प्रिंटर बताता है। अखबार में कहा गया है कि 18,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ, यह कागजी नोटों और सिक्कों के उत्पादन के लिए 10 से अधिक कड़ी सुरक्षा वाली सुविधाएं चलाता है। निगम की सहायक कंपनी 604 फैक्ट्री में काम करने वाले एक कर्मचारी के अनुसार, हेबेई प्रांत के बाओडिंग में देश की सबसे बड़ी मुद्रा पेपर मिल "बड़े ऑर्डर" के अचानक आगमन के साथ हरकत में आ गई। 

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