By एकता | Oct 01, 2026
अगर आपके 1 से 3 साल के बच्चे के दांत काले पड़ रहे हैं या उनमें कैविटी की समस्या दिख रही है, तो रात में बार-बार दूध पीने की आदत पर ध्यान देना जरूरी है। डॉक्टर साक्षी बरनवाल के मुताबिक, दूध अपने आप में नुकसानदायक नहीं है, लेकिन रात में बार-बार दूध पीना, खासकर ब्रश करने के बाद, दांतों पर कैविटी का खतरा बढ़ा सकता है।
डॉक्टर साक्षी बरनवाल के अनुसार, माता-पिता को बच्चे की रात की इस रूटीन पर खास ध्यान देना चाहिए। कई बार रूटीन कुछ ऐसी होती है बच्चा ब्रश करता है, फिर कहता है कि उसे दूध चाहिए और दूध पीकर सो जाता है। यही आदत बदलने की जरूरत है, क्योंकि ब्रश के बाद दूध पीने से दांतों पर दूध की शुगर रातभर बनी रह सकती है।
रात की रूटीन का क्रम बदलना एक आसान तरीका हो सकता है। कोशिश करें कि बच्चे को पहले दूध दें, उसके बाद ब्रश करवाएं और फिर कहानी सुनाने या बच्चे को गले लगाकर सुलाने जैसी रूटीन रखें। यानी सही क्रम होना चाहिए दूध, फिर ब्रश, फिर कहानी या प्यार से समय बिताना और फिर नींद। ध्यान रखें कि सोने से पहले ब्रश बच्चे के खाने-पीने का आखिरी स्टेप होना चाहिए।
अगर बच्चा रात में उठकर बार-बार दूध मांगता है, तो इसे अचानक बंद करने की बजाय धीरे-धीरे रूटीन बदलने की कोशिश करें। बच्चे को दूध पिलाने के बाद ब्रश करवाकर सुलाने की आदत डालें। रात में बच्चा दोबारा उठे तो बार-बार दूध देने के बजाय पानी देने की कोशिश की जा सकती है। इस बदलाव को धीरे-धीरे अपनाएं, ताकि बच्चे के लिए यह बहुत बड़ा बदलाव न बने।
डॉक्टर साक्षी बरनवाल के अनुसार, 1 से 3 साल की उम्र में बच्चे के दांतों की सफाई को लेकर कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। बच्चे के दांत दिन में दो बार ब्रश करवाएं और फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट इस्तेमाल करें। 3 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए टूथपेस्ट की मात्रा चावल के एक दाने जितनी या बहुत थोड़ी, यानी स्मीयर मात्रा होनी चाहिए। ब्रश करते समय माता-पिता बच्चे की मदद करें और खास तौर पर रात में होने वाली ब्रशिंग को दिन की आखिरी ब्रशिंग रखें।
इसके अलावा, बच्चे को बार-बार मीठे पेय या मीठे स्नैक्स देने से बचें। बच्चे की पहली डेंटल विजिट 1 साल की उम्र तक हो जानी चाहिए, ताकि दांतों की शुरुआती समस्याओं का समय पर पता लगाया जा सके।