Bangladesh Protest: आखिर क्यों जल रहा बांग्लादेश, ढाका में राजनीतिक युद्ध, शेख हसीना सरकार के विरुद्ध

By अभिनय आकाश | Jul 31, 2023

बांग्लादेश में चुनाव को लेकर खूनी घमासान हो रहा है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राजधानी ढाका में ऐसा उत्पात मचाया कि पूरा शहर जलने लगा। करीब पचास गाड़ियों को फूंक दिया गया। 100 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी गई। गदर की जो तस्वीरें सामने आईं हैं वो डरा देने वाली हैं। बांग्लादेश के विपक्ष के हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि एक कार्यवाहक सरकार अगले चुनाव की देखरेख करे। सवाल यही है कि आखिर ये उत्पात क्यों हुआ? इसके पीछे किसका हाथ है? 

विपक्ष का कहना है कि वह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव को लेकर चिंतित है। प्रधानमंत्री शेख हसीना को लगातार चौथी बार सत्ता में लौटने की उम्मीद है, जबकि बीमार पूर्व प्रधान मंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व वाली मुख्य विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी हसीना को कार्यालय से बाहर करने के लिए अपना सबसे मजबूत प्रयास कर रही है। बांग्लादेश एक संसदीय लोकतंत्र है, जहां 1991 से हिंसा का इतिहास है, जब हसीना और जिया ने संयुक्त रूप से तत्कालीन तानाशाह एचएम इरशाद को कार्यालय से बाहर कर दिया था। 

इसे भी पढ़ें: Bangladesh Elections: विपक्षी पार्टी BNP का ऐलान, ढाका के प्रवेश स्थलों पर धरना देने का किया फैसला

कट्टर प्रतिद्वंद्वी जिया और हसीना 

 ज़िया तीन बार प्रधान मंत्री बनीं दो बार पूरे पाँच साल के लिए और फिर थोड़े समय के लिए। हसीना 1996 में प्रधानमंत्री बनीं और 2008 में दोबारा सत्ता में लौटीं। वह तब से पद पर बनी हुई हैं। हसीना का कहना है कि चुनाव संविधान में निर्दिष्ट उनकी सरकार की देखरेख में होना चाहिए, लेकिन ज़िया की पार्टी और उसके सहयोगियों का कहना है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए एक गैर-पार्टी कार्यवाहक सरकार की स्थापना की अनुमति देने के लिए हसीना को पद छोड़ना होगा। जिया, जिनकी पार्टी ने हसीना पर 2018 में वोट में धांधली का आरोप लगाया है, भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद इस समय प्रभावी रूप से घर में नजरबंद हैं। अल जजीरा ने बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के हवाले से कहा कि "इस सरकार के तहत कोई निष्पक्ष चुनाव होने की कोई गुंजाइश नहीं है। कार्यकर्ता मिज़ानुर रहमान ने एक विपक्षी रैली में बोलते हुए कहा कि हम निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। आज हम बस यही मांग करते हैं कि वोट देने का अधिकार वापस मिले और अधिकार का प्रयोग करें। 

बांग्लादेश में लोकतंत्र की बहाली 

बीएनपी की एक सूत्री मांग बांग्लादेश में लोकतंत्र की बहाली है... यह केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है, जो मौजूदा शासन के तहत संभव नहीं है। रिष्ठ बीएनपी नेता अब्दुल मोईन खान ने रॉयटर्स को बताया कि इस सरकार को इस्तीफा देना चाहिए और अंतरिम सरकार के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए रास्ता बनाना चाहिए, केवल इसके माध्यम से हम बांग्लादेश में लोगों की सरकार बहाल कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: बीएनपी व जमात की मदद कर पाकिस्तान ‘‘गड़बड़ी’’ में शामिल : बांग्लादेश के सूचना मंत्री

महंगाई अपने चरम पर

बढ़ती महंगाई को लेकर विपक्ष भी विरोध कर रहा है। बढ़ते गुस्से के बीच मुख्य विपक्षी दल ने हाल के महीनों में बड़ी विरोध रैलियां आयोजित की हैं, जिसमें हजारों समर्थक शामिल हुए हैं। देश की हर महत्वपूर्ण संस्था को नष्ट कर दिया गया है और लोगों के अधिकार छीन लिये गये हैं। आलमगीर ने अल जज़ीरा से कहा कि हर आवश्यक वस्तु की कीमतों में बढ़ोतरी ने लोगों के जीवन को दयनीय बना दिया है। रहमान ने कहा कि वस्तुओं की कीमतें...साथ ही बिजली और गैस की स्थिति नियंत्रण से बाहर है। अगर हम लोगों को सेवाएँ प्रदान नहीं कर सकते, तो आर्थिक विकास निरर्थक है। 

 

प्रमुख खबरें

Gurugram में कार की सनरूफ से निकलकर हुड़दंग करने वाले तीन युवक अरेस्ट, Creta जब्त

Ahmedabad Airport पर 13 करोड़ का Hydroponic Ganja जब्त, बैंकॉक से आए दो तस्कर पकड़े गए

UPSSSC PET 2026 संपन्न, 68.79 प्रतिशत अभ्यर्थी हुए शामिल

MP Foundation Day पर बोले CM Mohan Yadav, कई क्षेत्रों में देश में आगे है राज्य