फ्यूचर साइबर, स्पेस या इनफॉर्मेशन वॉरफेयर, चीन हर किसी से आगे क्यों रहता है, कैसे काम करती है MSS और SSF, इसमें क्या किया गया रणनीतिक बदलाव

By अभिनय आकाश | Jul 05, 2023

दूसरे देशों की सीमाओं में घुसपैठ, अपनी महत्वकांक्षी परियोजनाओं के सहारे मदद लेने वाले देशों की जमीन पर कब्जा और विस्तारवाद के अलावा चीन अपने साइबर अटैक के लिए भी काफी फेमस है। हाल ही में खबर आई थी कि दुनिया भर में सर्वर डाउन होने और डेटा चोरी होने व साइबर फ्राड की वजह चीन है। वो पूरी दुनिया में हैकरों से साइबर हमले करवा रहा है। अमेरिकी रिपोर्ट में ये दावा किया गया था। हालांकि चीन ने अमेरिकी रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया था। वहीं चीनी साइबर घुसपैठ की स्ट्रैटिक चेंज को लेकर भी एक थ्योरी सामने आई है। 25 मई को ऑस्ट्रेलिया और फ़ाइव आइज़ इंटेलिजेंस-शेयरिंग नेटवर्क में उसके साझेदारों-कनाडा, न्यूज़ीलैंड, यूके और यूएस-ने 'वोल्ट टाइफून' नामक साइबर हैकिंग समूह का खुलासा किया। समूह को 2021 से महत्वपूर्ण इनफ्रांस्ट्रक्चर में घुसपैठ करते हुए पाया गया है, लेकिन इसके व्यवहार पर हालिया खुफिया जानकारी चीनी साइबर प्रतिष्ठान में चिंताजनक विकास का संकेत देती है। फाइव आइज़ का खुलासा प्रत्यक्ष रूप से वोल्ट टाइफून के लिए चीनी सरकार को जिम्मेदार ठहराता है। खतरे की वास्तविक प्रकृति और निहितार्थ को उजागर करने के लिए कई परतें हैं जिन्हें सामने लाने की जरूरत है। 

चीन से उभरने वाले स्टेट इंपॉन्सर साइबर थ्रेट को दो व्यापक सरकारी संरचनाओं राज्य सुरक्षा मंत्रालय और सामरिक सहायता बल के तहत समूहीकृत किया जा सकता है। किसी भी देश की खुफिया एजेंसियां जाहिर तौर पर सीक्रेट रहती है। लेकिन चीन की मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी यानी एमएसएस अपने आप में एक बड़ा रहस्य है। न तो इसकी कोई आधिकारिक वेबसाइट है और न कोई संपर्कों की लिस्ट और न कोई प्रवक्ता। साल 1983 में स्थापित की गई एमएसएस काउंटर-इंटेलिजेंस, विदेशी इंटेलिजेंस, घरेलू सर्विलांस और नैशनल सिक्यॉरिटी के लिए इंटेलिजेंस के काम करती है। 

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पीपुल्स लिबरेशन आर्मी स्ट्रैटेजिक सपोर्ट फोर्स 

2015 में दिसंबर के महीने में गठित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी स्ट्रैटेजिक सपोर्ट फोर्स यानी एसएसएफ का उद्देश्य चीन के अंतरिक्ष, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के बीच तालमेल बनाना है। पीएलए इन तीन डोमेन को "रणनीतिक ऊंचाइयों पर कमान" के लिए महत्वपूर्ण मानता है। एसएसएफ का गठन इन तीन डोमेन में चीन के प्रभुत्व को अनुकूलित करने और सूचना युद्ध के लिए रणनीतिक निरोध और एकीकरण के पीएलए के व्यापक लक्ष्यों को बढ़ाने में योगदान देने के लिए किया गया था। एसएसएफ यूएस साइबर कमांड के समान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की इंफॉर्मेशन वॉरफेयर है। इसका अमेरिकी समकक्ष पूरी तरह से सैन्य साइबर संचालन पर ध्यान केंद्रित करता है। एसएसएफ के पास इलेक्ट्रॉनिक वॉर, रणनीतिक सैन्य साइबर संचालन और पॉलिटिकल वॉर को कवर करने का व्यापक जनादेश है। एसएसएफ की स्थापना 2015 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में पीएलए में संरचनात्मक सुधारों के हिस्से के रूप में की गई थी।

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