Chai Par Sameeksha: LPG Shortage क्यों हुई, क्या गैस की कमी के संकट का ठीक से सामना नहीं कर रहे PM

By अंकित सिंह | Mar 17, 2026

प्रभासाक्षी के साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह हमने देश में गैस संकट को लेकर चर्चा की। हमने नीरज दुबे से सवाल किया कि क्या वाकई में देश में एलपीजी गैस सिलेंडर का संकट है या विपक्ष सिर्फ अफवाह फैला रहा है जिस बात का दवा सरकार की ओर से किया जा रहा है। इसके जवाब में नीरज दुबे ने कहा कि हां, संकट जरूर है लेकिन वह संकट सिर्फ व्यावसायिक सिलेंडर पर है। घरेलू सिलेंडर आपको ढाई दिनों के अंदर मिल जा रहे हैं और इसके लिए हमें कुछ अतिरिक्त करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। जहां से भी लाइन लगे रहने की तस्वीर सामने आ रही है वह सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि अफवाहें तेजी से फैल रही है। नीरज दुबे ने यह भी कहा कि हमने पहले भी देखा है कि किस तरीके से एक बार नमक खत्म होने का फैलाया गया था और लंबी-लंबी लाइन देखने को मिली थी।

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इसी संकट के दौरान पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता अपेक्षाकृत सामान्य बनी हुई है। पैट्रोल पंपों पर न तो लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं और न ही कीमतों में अचानक उछाल आया है। इसका कारण यह है कि भारत ने पिछले वर्षों में कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर अपेक्षाकृत अधिक लचीला ढांचा विकसित किया है। आज भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है और रूस, अमेरिका तथा अफ्रीका के कई देशों से आने वाला तेल ऐसे मार्गों से भारत पहुंचता है, जो होर्मुज पर निर्भर नहीं हैं। इसके अतिरिक्त भारत के पास रणनीतिक पैट्रोलियम भंडार भी मौजूद हैं, जिनमें आपातकालीन परिस्थितियों के लिए लाखों बैरल कच्चा तेल संग्रहीत किया जाता है। इन भंडारों और विविध आपूर्ति स्रोतों के कारण पैट्रोल और डीजल की उपलब्धता तुरंत प्रभावित नहीं होती।

संसद में विपक्ष द्वारा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ ले गए प्रस्ताव को लेकर भी हमने नीरज दुबे से सवाल पूछा। नीरज दुबे ने इसको लेकर कहा कि विपक्ष की भूमिका लोकतंत्र में बेहद अहम है लेकिन विपक्ष का बर्ताव जिस तरीके से रहा है वह सही नहीं है। राहुल गांधी को हमेशा बोलने का मौका मिलता है। लेकिन वह मुद्दों पर नहीं रहते बल्कि इधर-उधर की बातें ज्यादा करते हैं। राहुल गांधी को समझना होगा कि वह विपक्ष के नेता है और उनकी बातों में गंभीरता होनी चाहिए।

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