सऊदी को बचाने क्यों नहीं आया अमेरिका, साजिश में सबक के सब शामिल थे? अब खुल गया राज!

By अभिनय आकाश | Oct 13, 2026

एक तरफ यमन के अंसारुल्लाह हूती लड़ाके सीधे रियाद के एयरपोर्ट्स और तेल प्रतिष्ठानों पर मिसाइलों की बमबारी कर रहे हैं। दूसरी तरफ वाशिंगटन से मदद मांगना सऊदी शहजादे के लिए अपने ही हाथों में बारूद का गोला थामने जैसा साबित हो रहा है। इंटरनेशनल थिंक टैंक क्वीनसी इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ विश्लेषक त्रिता पारसी ने बीबीसी को दिए अपने एक खालिया बयान में इस बात की पूरी कड़वी सच्चाई उजागर कर कर रख दी जिसे सुनने के बाद हर कोई हैरान है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सऊदी अरब इस वक्त पूरी तरीके से बुरे विकल्पों के जाल में फंसा हुआ है। यानी कोई भी विकल्प चुनना उसके लिए खतरे से खाली नहीं। अगर सऊदी अरब भूतियों के विनाशकारी हमलों से बचने के लिए अमेरिका से सैन्य सहायता मांगेगा तो वाइट हाउस के पास इसके बदले एक बहुत बड़ी शर्त भी तैयार रखी है। 

इसे भी पढ़ें: Russia ने तोड़ा Donald Trump का Energy Ceasefire, यूक्रेन पर दागे 100 से ज्यादा हथियार


पारसी ने सबसे खौफनाक चेतावनी देते हुए कहा अब तक की जंग नापी तौली और कैलकुलेटेड थी। लेकिन अब यह युद्ध कंट्रोल से बाहर हो रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि यहूतियों को समर्थन देने वाला ईरान खुद इस बात से घबराया हुआ है कि अगर वह यह आग और भड़का देगा तो इसे रोक पाना तेहरान के बस में भी नहीं रहेगा। यानी हूतियों के खिलाफ सऊदी इस वक्त बहुत बुरी हालात में फंसा हुआ है। सवाल है ट्रंप का सऊदी की मदद के लिए युद्ध में ना कूदने के पीछे का कारण तो अमेरिकी एक्सपर्ट त्रेता पारसी ने पहले ही बताया कि अमेरिका बहुत पहले से पिछले कई सालों से हूतियों के साथ 9 हफ्ते तक जंग लड़कर देख चुका है और नतीजा उसका शून्य निकला था। अमेरिका का इस जंग में दूर रहना ही सबसे समझदारी वाली बात होगी। फिलहाल सवाल यह है कि अमेरिका क्या वास्तव में सऊदी अरब की मदद नहीं करेगा? और अगर अमेरिका नहीं करेगा तो पेट्रोल डॉलर का क्या होगा? देखिए हमारी अगली रिपोर्ट। बड़ी खबर आ रही है सऊदी अरब से जहां बिन सलमान को सुरक्षित निकाला गया है।

प्रमुख खबरें

Formula 1 की अफ्रीका में 33 साल बाद वापसी, Rwanda में होगा African Grand Prix

FIFA की पारदर्शिता पर सवाल, Gianni Infantino को वर्ल्ड कप संस्था से मिले 1.72 मिलियन डॉलर

एक से बढ़कर एक हथियार से भारत को लैस कर रहा रूस, SU-57 के बाद अब T-72 टैंक की बारी

ICC Women ODI Rankings में Smriti Mandhana नंबर 1 पर बरकरार, मिले 790 रेटिंग अंक