By अनन्या मिश्रा | Jan 21, 2026
यूटीआई महिलाओं में होने वाली आम समस्याओं में से है। लगभग हर महिला को कभी न कभी UTI यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन ने जरूर परेशान किया होगा। हालांकि इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मौसम में बदलाव होने की वजह से भी यूटीआई का खतरा हो सकता है। सर्दियों में महिलाओं में यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है। सर्दियों की शुरूआत से ही हमारे शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आने लगते हैं। इससे स्किन रूखी हो जाती है, एड़ियां फटने लगती हैं, होंठ फटने लगते हैं, प्यास कम लगती है और सर्दी-जुकाम भी परेशान करने लगता है।
सर्दियों के मौसम में यूटीआई के मामले ज्यादा देखने को मिलता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम इस मौसम में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन क्यों बढ़ जाता है और किन टिप्स से इस समस्या से बचा सकता है।
आपने महसूस किया होगा कि जब टेंपरेचर गिरने लगता है, तो ठंड अधिक बढ़ जाती है। जिस कारण बार-बार यूरिन आता है। हालांकि यह कोई इत्तेफाक नहीं है। सर्दियों में हमें पसीना भी कम आता है, यानी की त्वचा से फ्ल्यूड कम बाहर निकलता है। इसकी भरपाई के लिए फ्ल्यूड यूरिन के माध्यम से बाहर निकलने लगता है। इस दौरान यूटीआई का खतरा अधिक बढ़ जाता है। क्योंकि सर्दियों के मौसम में हम पानी कम पीते हैं, जिस कारण यूरिन गाढ़ा होने लगता है और बैक्टीरिया बढ़ने लगता है। वहीं सर्दियों में इम्यूनिटी कम हो जाती है, जिसकी वजह से इंफेक्शन से लड़ने की शरीर की क्षमता कम होने लगती है।
सर्दियों में हर समय गर्म और टाइट कपड़े पहनने की वजह से यूरिन इंफेक्शन ज्यादा होता है। सर्दी में ब्लड वेसेल्स सिकुड़ने लगती हैं, जिससे कि शरीर की गर्मी बाहर न निकले। इस कारण यूरिनरी ट्रैक्ट के आसपास का एरिया संकुचिन होने लगता है। इससे बैक्टीरिया ज्यादा पनपने लगते हैं। इस मौसम में स्किन ड्राई हो जाती है और यह भी यूटीआई के खतरे को बढ़ा सकता है। इस सभी कारणों से सर्दियों में यूरिन इंफेक्शन ज्यादा परेशान करता है।
यूरिन को होल्ड करने से बचना चाहिए।
वहीं पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, जिससे कि बैक्टीरिया को पनपने का मौका नहीं मिलेगा।
यूरिन पास करने के बाद इंटिमेट एरिया को अच्छे से वॉश करना चाहिए।
ज्यादा अधिक टाइट कपड़े नहीं पहने चाहिए।
हल्की और हेल्दी डाइट लेना चाहिए। डाइट में इम्यूनिटी मजबूत करने वाली चीजों को शामिल करना चाहिए।
सर्दियों में यूटीआई का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। क्योंकि इस मौसम में प्यास कम लगती है और इस कारण हम पानी कम पीते हैं। इसके कारण भी यूरिन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। यूरिन रोकने की वजह से भी ऐसा हो सकता है।