पंजाब सरकार के पालने में गैंगस्टर मुख्तार अंसारी ! ये रिश्ता क्या कहलाता है ?

By राकेश सैन | Feb 06, 2021

पंजाब की कांग्रेस सरकार जिस तरीके से उत्तर प्रदेश के विधायक व गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को पालने झुला रही है और उसे अपनी जेल में रख कर उसकी सेवा कर रही है उससे पूछा जाने लगा है ये रिश्ता क्या कहलाता है? रूपनगर जेल में बंद मुख्तार अंसारी को पंजाब सरकार ने उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले करने से एक बार फिर मना कर दिया है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि मुख्तार अंसारी की गैरमौजूदगी की वजह से उत्तर प्रदेश में मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। दरअसल, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को 14 आपराधिक मामलों के लिए मुख्तार अंसारी की हिरासत की दरकार है। इसके लिए योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है लेकिन इसके जवाब में पंजाब सरकार ने शपथपत्र दायर किया है। इसके जरिए मुख्तार अंसारी को योगी सरकार की हिरासत में भेजने से मना कर दिया है। पंजाब सरकार ने मुख्तार अंसारी के स्वास्थ्य को इसकी वजह बताया है। जेल अधीक्षक ने इस संबंध में दायर किए गए हलफनामे में कहा है कि मुख्तार अंसारी रक्तचाप, मधुमेह, अवसाद, पीठ दर्द, त्वचा की एलर्जी से पीड़ित है। इसके अलावा पंजाब सरकार ने योगी सरकार की याचिका को खारिज करने की माँग की है और कहा है कि वह चिकित्सकों के निर्देशानुसार काम कर रही है। पंजाब सरकार की ओर से कहा गया है कि योगी सरकार की याचिका विचार करने लायक नहीं है क्योंकि अंसारी को पंजाब की जेल में रखना मौलिक अधिकार है और योगी सरकार इसका उल्लंघन नहीं कर सकती है।

दूसरी तरफ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी बैनामे से सरकारी ज़मीन पर होटल बनाने के मामले में मुख्तार अंसारी की पत्नी आशफां अंसारी की अग्रिम जमानत को मंज़ूरी दी है। हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत के साथ-साथ नियमों का पालन करने का आदेश भी दिया है। दरअसल, आशफां अंसारी पर अनधिकृत बैनामे के ज़रिए सरकारी बंजर ज़मीन पर ग़ैरकानूनी रूप से होटल बनाने का आरोप है। इस मामले की जाँच के लिए बनाई गई समिति ने रिपोर्ट पेश की थी जिसके आधार पर गाजीपुर कोतवाली में सदर तहसील के लेखपाल ने षड्यंत्र, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर आरोपों के अंतर्गत एफ़आईआर दर्ज की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सरकारी ज़मीन का बैनामा दो नाबालिग बेटों अब्बास अंसारी और उमर अंसारी के नाम कराया गया था।

  

बताया जाता है कि अंसारी का पैसा पंजाब में रियल इस्टेट कारोबार में लगाया जा रहा है। अंसारी के इस कारोबार की देखरेख उसका साला शहजाद कर रहा है, जो खुद भी कई मामलों में वांछित है। इस कारोबार में शहजाद की मदद पंजाब का एक नामी गैंगस्टर कर रहा है जो मुख्तार का दोस्त है। 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले अंसारी को मोहाली में एक कारोबारी से रंगदारी वसूलने के मामले में बांदा से पंजाब की रोपड़ जेल में लाया गया था। तब से अब तक अंसारी रोपड़ जेल में ही है। हालांकि उत्तर प्रदेश पुलिस कई बार मुख्तार को ले जाने के प्रयास कर चुकी है लेकिन रोपड़ जेल प्रशासन मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसको यूपी भेजने से मना कर चुका है।

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अंसारी का परिवार भी रोपड़ में ही एक किराए की कोठी में रह रहा है। पत्नी-बेटों और साले शहजाद के रोपड़ पहुंचने पर मुख्तार ने एक बार फिर रियल इस्टेट कारोबार में कदम रखा है। सूत्रों का कहना है कि इन दिनों मोहाली और रोपड़ सहित पंजाब के कई क्षेत्रों में प्रापर्टियों में अंसारी का पैसा लगाया जा रहा है। यह पैसा शहजाद की देखरेख में लगाया जा रहा है। बताते हैं कि इस काम में शहजाद की मदद पंजाब का एक नामी गैंगस्टर कर रहा है। हालांकि यूपी पुलिस को अंसारी के परिवार के रोपड़ में रहने की सूचना है लेकिन दूसरे राज्य के कारण वह अभी तक उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठा पाई है। यूपी के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जल्द ही मुख्तार अंसारी को यूपी ले जाने में सफलता मिलेगी। नए सिरे से कोर्ट में इस मामले को ले जाने की तैयारी की जा रही है।

पंजाब में रियल स्टेट में अंसारी का पैसा लगाने की एक वजह यह भी है कि यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार उसके इस कारोबार को अभी तक बहुत नुकसान पहुंचा चुकी है। यूपी प्रशासन की ओर से अंसारी की कई बड़ी प्रापर्टियों को जब्त करने के साथ ही कई इमारतों को ध्वस्त किया जा चुका है। यूपी में पिछले 32 सालों से अंसारी के रियल इस्टेट का कारोबार देखने वाले प्रापर्टी डीलर गणेश दत्त मिश्र भी राज्य सरकार के निशाने पर आ चुका है। बताया जाता है कि रोपड़ जेल में कैदियों से परिवार के मिलने के लिए बुधवार का दिन तय है। इस दिन अंसारी परिवार के सभी सदस्यों से मुलाकात करता है। इस दौरान वह साले अनवर शहजाद और अन्य सदस्यों से कारोबार को लेकर चर्चा भी करता है। जेल सूत्रों के अनुसार वह कब आते हैं, जेल प्रशासन को इसकी पूर्व में कोई जानकारी नहीं होती है।

-राकेश सैन

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