Chai Par Sameeksha: Bihar में स्टार प्रचारक रहने वाले Lalu खामोश क्यों हैं, क्या है RJD की रणनीति?

By अंकित सिंह | Nov 03, 2025

बिहार विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) दोनों ने अपने-अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं। पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्रियों जीतन राम मांझी, चिराग पासवान तथा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की मौजूदगी में एनडीए ने अपना विस्तृत घोषणापत्र प्रस्तुत किया। एनडीए के घोषणापत्र में एक करोड़ रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे में निवेश पर ज़ोर दिया गया है। घोषणापत्र में हर जिले में मेगा स्किल सेंटर, औद्योगिक पार्क, महिला उद्यमिता मिशन, खेती के लिए एमएसपी की गारंटी, और सात नए एक्सप्रेसवे जैसी योजनाओं की घोषणा की गई है। इसके साथ ही गरीबों के लिए 50 लाख नए घर, 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली, मुफ्त राशन और बेहतर शिक्षा-स्वास्थ्य ढांचा का वादा किया गया है।

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प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे ने कहा कि बिहार की राजनीति में राहुल गांधी ने एक बार फिर वही गलती दोहरा दी है जो वह पहले भी कर चुके हैं। यह गलती है जनता की आस्था को ‘ड्रामा’ बताने की गलती। हैरानी की बात यह है कि राहुल गांधी की इस प्रकार की हर गलती का बड़ा खामियाजा कांग्रेस को हर बार भुगतना पड़ता है लेकिन राहुल फिर भी नहीं सबक लेते। छठ पूजा, पर राहुल गांधी का तंज न केवल राजनीतिक भूल थी, बल्कि चुनावी मायने में आत्मघाती भी थी। दिल्ली के यमुना तट पर छठ आयोजन का हवाला देते हुए जब राहुल ने कहा कि “प्रधानमंत्री छठ पूजा के बहाने ड्रामा करते हैं,” तो यह तीर सीधे प्रधानमंत्री मोदी पर नहीं, बल्कि उन करोड़ों माताओं-बहनों के दिल पर लगा, जो साल दर साल निर्जला व्रत रखकर सूर्यदेव और छठी मैया की पूजा करती हैं। राहुल गांधी का यह बयान भाजपा के लिए जैसे राजनीतिक वरदान बन गया। मुजफ्फरपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी को मुद्दा बनाते हुए महागठबंधन पर जोरदार हमला बोला। मोदी ने कहा, “जब आपका बेटा छठी मैया की जय-जयकार दुनिया में करा रहा है, तब ये कांग्रेस और आरजेडी वाले उसी छठी मैया का अपमान कर रहे हैं। क्या बिहार की माताएं-बहनें इसे बर्दाश्त करेंगी?''

दरभंगा की सभा में अमित शाह ने महागठबंधन को “ठगबंधन” बताते हुए कहा कि “लालू प्रसाद अपने बेटे तेजस्वी को मुख्यमंत्री और सोनिया गांधी अपने बेटे राहुल को प्रधानमंत्री बनाना चाहती हैं, लेकिन दोनों पद रिक्त नहीं हैं।” उन्होंने मिथिला की बेटी सीता का स्मरण करते हुए कहा कि “राजग ने मिथिला की अस्मिता को सम्मान दिया— मैथिली को आधिकारिक भाषा का दर्जा और पुनौराधाम में माता सीता मंदिर का निर्माण इसका प्रमाण है।” शाह ने अनुच्छेद 370, आतंकवाद और पीएफआई पर राजद-कांग्रेस की “ढिलाई” को निशाना बनाते हुए कहा कि “राजग किसी भी कीमत पर देशविरोधी ताकतों को बाहर नहीं आने देगा।"

वहीं दरभंगा की ही एक रैली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजद पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “बिहार के एक पूर्व मुख्यमंत्री का पूरा परिवार भ्रष्टाचार में डूबा है। मुद्दा साफ है— बिहार को विकास चाहिए या जंगलराज?” उन्होंने कहा कि “संप्रग ने बिहार को 10 साल में दो लाख करोड़ दिए, जबकि मोदी सरकार ने 11 साल में 15 लाख करोड़।” राजनाथ ने नीतीश कुमार की ईमानदारी को “बिहार का सबसे बड़ा पूंजी” बताते हुए कहा कि ''इतने ईमानदार व्यक्ति पर उंगली उठाना बिहार की जनता का अपमान है।''

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