ट्रंप की लगातार ऊटपटांग बयानबाजी पर दिल्ली में इतना सन्नाटा क्यों है, क्या पर्दे के पीछे कोई बड़ा गेम कर रहे मोदी?

By अभिनय आकाश | Jan 08, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार व्यक्तिगत रूप से उनसे मुलाकात का अनुरोध किया था, साथ ही उन्होंने टैरिफ, तेल आयात और अपाचे हेलीकॉप्टर की खरीद के बारे में भी बात की। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुझसे बहुत खुश नहीं हैं, क्योंकि अब भारत को अमेरिका को ज्यादा टैरिफ देना पड़ रहा है।' ट्रम्प ने हाउस मेंबर्स जीओपी रिट्रीट के दौरान कहा, पीएम मोदी मुझसे मिलने आए थे। वह मेरे पास आए और बोले- सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूं? और मैंने कहा- हां। हालांकि ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि यह सारी बातचीत कब और कहां हुई। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत को निशाना बनाते हुए टिप्पणियां की हैं, लेकिन दिल्ली ने इस बार संयमित प्रतिक्रिया दी है।

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ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन द्वारा रूसी तेल की खरीद पर दिल्ली पर लगाए गए टैरिफ के कारण मोदी उनसे ज्यादा खुश नहीं हैं। 25 प्रतिशत के जुर्माने के बाद भारत पर टैरिफ बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। ट्रंप ने रक्षा सहयोग की बात करते हुए कहा कि भारत लंबे वक्त से अपाचे हेलीकॉप्टर्स का इंतजार कर रहा था। उन्होंने कहा हम इसे बदल रहे हैं। भारत ने 68 अपाचे हेलीकॉप्टर ऑर्डर किए हैं। दिल्ली में सरकारी सूत्रों ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि भारत ने अमेरिका से केवल 28 अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदे है। 22 भारतीय वायु सेना के लिए और 6 भारतीय सेना के लिए। और ये सभी हेलीकॉप्टर डिलीवर किए जा चुके हैं। 22 अपाचे हेलीकॉप्टरों का पहला सौदा ओबामा प्रशासन के दौरान सितंबर 2015 में हुआ था, और इनकी डिलीवरी ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल में हुई। 6 अपाचे हेलीकॉप्टरों का दूसरा सौदा, जिस पर ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान फरवरी 2020 में हस्ताक्षर हुए थे, उसमें देरी हुई और इनकी डिलीवरी जनवरी-फरवरी 2024 के बजाय दिसंबर 2025 तक हुई

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दरअसल, फरवरी 2025 में मोदी की व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी पर चर्चा हुई थी। ट्रम्प की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देने के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है, वहीं राजनयिक जगत ने ऐसे बयानों से बचने की सलाह दी है और संयम और राजनीतिक परिपक्वता का आह्वान किया है। सूत्रों ने कहा कि ऐसी प्रतिक्रियाएँ अक्सर विपरीत परिणाम देती हैं और अभिमान जताने का कोई फायदा नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों पर विस्तार से टिप्पणी करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय हमें अपने व्यापारिक समझौतों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और यही हमारी प्राथमिकता है।

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अगस्त 2025 में ट्रंप ने इसी तरह की टिप्पणियां की थीं, जब उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने मोदी से कहा था कि अमेरिका आपके साथ कोई समझौता नहीं करने वाला है, या हम आप पर इतने ऊंचे टैरिफ लगाएंगे कि आपका सिर चकरा जाएगा। उस समय, अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद, ट्रंप ने कहा मैं एक बहुत ही शानदार व्यक्ति, नरेंद्र मोदी से बात कर रहा हूँ। मैंने उनसे पूछा आप और पाकिस्तान के बीच क्या चल रहा है? नफरत बहुत ज़्यादा थी। यह बहुत लंबे समय से चल रहा है, जैसे, कभी-कभी अलग-अलग नामों से, सैकड़ों वर्षों से… मैंने कहा, मैं आपके साथ कोई व्यापार समझौता नहीं करना चाहता। आप लोग परमाणु युद्ध में उलझ जाएँगे। मैंने कहा, मुझे कल फिर से फोन करना। लेकिन हम आपके साथ कोई समझौता नहीं करेंगे, या हम आप पर इतने ऊँचे टैरिफ लगाएँगे कि आपका सिर चकरा जाएगा। पाँच घंटे के भीतर, यह सब हो गया। हो सकता है यह फिर से शुरू हो जाए, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो मैं इसे रोक दूँगा

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