Islamabad Peace Talks | क्यों किले में तब्दील हुआ इस्लामाबाद! Pakistan पर होने वाला है भीषण हमला? आसमान में लड़ाकू विमानों का पहरा

By रेनू तिवारी | Apr 10, 2026

मध्य-पूर्व के भविष्य को तय करने वाली US-ईरान शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को एक अभेद्य किले में बदल दिया गया है। 11 अप्रैल से शुरू होने वाली इस उच्च-स्तरीय बैठक के लिए सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए गए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। शहर के स्कूलों से लेकर बाजारों तक पर ताले लटक रहे हैं और आसमान में लड़ाकू विमानों का पहरा है।सशस्त्र पुलिस गार्डों ने पूरे शहर में कई जगह चेकपॉइंट बना दिए हैं, और अधिकारियों ने आने वाली टीमों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफ़िक के रास्ते बदल दिए हैं। अधिकारियों ने इस अहम बातचीत से पहले आम लोगों की आवाजाही कम करने के मकसद से गुरुवार और शुक्रवार को राजधानी में छुट्टी का भी ऐलान किया है। कई स्कूल और दुकानें बंद कर दी गई हैं, और कुछ इलाकों में ही सीमित हलचल देखने को मिल रही है।

यह आगामी बातचीत तेहरान और वॉशिंगटन के बीच दो हफ़्ते के संघर्ष-विराम के बाद हो रही है। इस संघर्ष-विराम का ऐलान 28 फ़रवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद भड़के भीषण संघर्ष के दौर के बाद किया गया था।

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पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल से संभव हुआ यह अस्थायी संघर्ष-विराम, दोनों पक्षों को बातचीत में शामिल होने का एक छोटा और नाज़ुक मौका देता है। इस बातचीत का मकसद संघर्ष को और बढ़ने से रोकना है।


पाकिस्तान ने US राजदूत को 'पुख्ता सुरक्षा' का भरोसा दिया

'गल्फ़ न्यूज़' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने US राजदूत को भरोसा दिलाया है कि आने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को "पुख्ता सुरक्षा" दी जाएगी। इस रिपोर्ट के अनुसार, उनका यह भरोसा ऐसे समय में आया है जब 30 सदस्यों वाली एक अमेरिकी 'एडवांस टीम' सुरक्षा इंतज़ामों का जायज़ा लेने के लिए इस्लामाबाद पहुँच चुकी है।

हालाँकि, इस अहम कार्यक्रम की सुरक्षा को लेकर इस्लामाबाद की क्षमता पर कुछ सवाल भी उठाए गए हैं। यह कार्यक्रम 'होटल सेरेना' में होना तय है, जो एक मशहूर पाँच-सितारा होटल है और अक्सर उच्च-स्तरीय कूटनीतिक मुलाकातों का गवाह बनता रहा है।

व्हाइट हाउस के पूर्व प्रेस सचिव एरी फ़्लेशर ने इस्लामाबाद में मौजूद अमेरिकी वार्ताकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर की है। उनका तर्क है कि पाकिस्तान एक खतरनाक जगह है, क्योंकि वहाँ की सरकार का अपने ही देश पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं है।

इस्लामाबाद से बाहर भी सुरक्षा के इंतज़ाम

कई रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि बातचीत से पहले इस्लामाबाद ने अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए हैं। ओपन सोर्स डेटा के अनुसार, पाकिस्तान वायु सेना ने आने वाले प्रतिनिधिमंडलों के लिए सुरक्षित हवाई प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने हेतु IL-78 रीफ्यूलिंग टैंकर और C-130 विमान तैनात किए हैं।

ईरान के बंदर अब्बास के ऊपर PAF के लड़ाकू विमान देखे गए हैं, जो ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान को एस्कॉर्ट (सुरक्षा घेरा) प्रदान कर रहे हैं। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, उड़ान मार्ग पर एक "सुरक्षा कवच" स्थापित करने के लिए एक AWACS प्लेटफॉर्म तैनात किया गया है। यह कदम इस्लामाबाद यात्रा के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल पर किसी भी संभावित इजरायली हमले को रोकने के लिए उठाया गया है।

पाकिस्तान वार्ता के लिए 'वीज़ा-ऑन-अराइवल' जारी करेगा

इस बीच, पाकिस्तान ने आगामी वार्ता के लिए यात्रा करने वाले सभी व्यक्तियों को 'वीज़ा-ऑन-अराइवल' जारी करने का निर्णय लिया है। पाकिस्तान सरकार के आंतरिक और नारकोटिक्स नियंत्रण मंत्रालय के एक दस्तावेज़ के अनुसार, पत्रकारों सहित सभी प्रतिनिधियों को आगमन पर ही वीज़ा प्रदान किया जाएगा। सरकार ने आने वाले लोगों की सहायता के लिए हवाई अड्डों पर विशेष सुविधा डेस्क भी स्थापित किए हैं।

विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता को समर्थन देने के लिए प्रवेश प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया है। मध्य-पूर्व संघर्ष के बीच पाकिस्तान के एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभरने के साथ, सभी की निगाहें इस्लामाबाद की उस क्षमता पर टिकी होंगी, जिसके तहत वह इन दो कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के बीच होने वाली महत्वपूर्ण वार्ताओं को सफलतापूर्वक संपन्न कराएगा।

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