Health Tips: डायबिटीज मरीजों के लिए Jowar और Barley रोटी क्यों है जरूरी? जानें इसके फायदे

By अनन्या मिश्रा | Aug 06, 2026

डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट का खास ख्याल रखना जरूरी होता है। दवाओं के साथ जब तक आप सही डाइट नहीं लेंगे, हेल्दी लाइफस्टाइल को नहीं फॉलो करते हैं। तब तक ब्लड शुगर को कंट्रोल करना पॉसिबल नहीं है। डायबिटीज मरीजों के लिए डाइट में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स को शामिल करना जरूरी है। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स का मतलब उन फूड्स से है, जो ब्लड में ग्लूकोज लेवल जल्दी नहीं बढ़ाते हैं। वहीं मौसम के हिसाब से भी अपनी डाइट में बदलाव करना जरूरी होता है।

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ज्वार की रोटी

मानसून में डायबिटीज के मरीजों को ज्वार से आटे से बनने वाली रोटी को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ज्वार की रोटी खाने से ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता है। इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है और यह ग्लूटन फ्री है। इसको खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है और वेट कम करने में भी मदद मिलती है।

जौ की रोटी

डायबिटीज मरीजों के लिए जौ की रोटी फायदेमंद होती है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है और गट हेल्थ के लिए भी इसको अच्छा माना जाता है। जौ में मौजूद बीटा-ग्लूकॉन नामक घुलनशील फाइबर ग्लूकोज के अब्जॉर्बशन को स्लो कर देता है। अगर आप भी जौ के आटे की रोटी नहीं खाना चाहती हैं, तो आप इसमें गेहूं का भी आटा मिला सकती हैं।

चने के आटे की रोटी

डायबिटीज के मरीजों को चने के आटे यानी कि बेसन वाली रोटी को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। गेहूं की रोटी की तुलना में बेसन में कार्बोहाइड्रेट कम होता है। इससे ब्लड शुगर लेवल बैलेंस होता है। इससे मेटाबॉलिज्म भी दुरुस्त रहता है और वेट लॉस में भी मदद मिलती है। वहीं बेसन की रोटी खाने से इंसुलिन रेजिस्टेंस और कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कम होता है।

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