By अनन्या मिश्रा | Mar 27, 2026
पश्चिम बंगाल राज्य देश के पूर्वी हिस्से में है। पश्चिम बंगाल का नाम सिर्फ दिशा नहीं बल्कि भारत के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अध्याय की कहानी है। साल 1947 में भारत आजाद हुआ। वहीं देश के बंटवारे के साथ ही बंगाल दो हिस्सों में बंट गया। जिस हिस्से में मुस्लिम आबादी ज्यादा थी, वह पूर्वी बंगाल बना और यह पाकिस्तान के साथ चला गया। वहीं अधिक हिंदू आबादी वाला हिस्सा भारत के साथ रहा। क्योंकि यह हिस्सा पुराने अविभाजित बंगाल के पश्चिम में था, इसलिए इसका नाम पश्चिम बंगाल पड़ गया।
पश्चिम बंगाल में हिंदू धर्म को जनसंख्या के तीन-चौथाई से अधिक लोग मानते हैं। बाकी शेष लोग मुस्लिम है। पूरे राज्य में बौद्ध, ईसाई, जैन और सिख छोटे अल्पसंख्यक समुदाय रहते हैं। इस राज्य की मुख्य भाषा बंगाली है। जोकि अधिकांश आबादी द्वारा बोली जाती है। वहीं अन्य भाषाओं में हिंदी, सांतली, उर्दू और नेपाली है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में मुख्य रूप से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का वर्चस्व है। कई दशकों से पश्चिम बंगाल में भीषण राजनीतिक हिंसा व्याप्त है। साल 2011 के विधानसभा चुनाव में वाममोर्चा को हटाने के बाद से राज्य में तृणमूल कांग्रेस का शासन रहा है।
पश्चिम बंगाल राज्य में कुल 42 लोकसभा सीटें और 295 विधानसभा सीटे हैं। राज्य में हर पांच साल में विधानसभा चुनाव होते हैं। साल 2011 के बाद से वाममोर्चा को सत्ता से हटाने के बाद से तृणमूल कांग्रेस शासन में है।
लोकसभा सीटें- 42
विधानसभा सीटें - 295
वर्तमान सीएम- ममता बनर्जी
अनुमानित जनसंख्या- 9,12,76,115
अनुमानित पुरुष जनसंख्या- 3,61,37,975
अनुमानित महिला जनसंख्या- 3,60,09,055
साक्षरता दर- लगभग 80.09%