चुनाव बाद भी यात्रा मोड में क्यों हैं राहुल गांधी, क्या कांग्रेस को मिल गया चुनावी सफलता का कोई मंत्र?

By अंकित सिंह | Jul 15, 2024

इस बार के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के 99 सीटें क्या आई, उसके वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के कार्यशैली में बड़ा बदलाव साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। विपक्ष के नेता के तौर पर पदभार संभालने के बाद राहुल गांधी की जमीनी सक्रियता लगातार जारी है। अक्सर ऐसा होता है कि बड़े चुनाव के बाद नेता कुछ दिनों के लिए ब्रेक पर चले जाते हैं। लेकिन राहुल गांधी के साथ इस बार ऐसा दिखाई नहीं दे रहा है। संसद के उद्घाटन सत्र में ही उन्होंने बता दिया कि इस बार उनकी भूमिका अलग रहने वाली है। जो कि कहीं ना कहीं भाजपा को टेंशन में ला रही होगी।

इतना ही नहीं राहुल गांधी असम और मणिपुर भी पहुंच गए। असम में उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की जबकि मणिपुर में राहुल ने राहत शिविरों का दौरा किया और केंद्र की मोदी सरकार से कई सवाल भी पूछे। राहुल लगातार प्रधानमंत्री से मणिपुर का दौरा करने की अपील कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि वह राज्य में हिंसा भड़कने के बाद तीसरी बार पहुंचे थे लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वह अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली भी पहुंचे जहां उन्होंने आम लोगों से मुलाकात की। राहुल और कांग्रेस को लग रहा है कि जनीन पर संघर्ष के साथ ही उनकी पार्टी एर बार फिर उभर सकती है। 

राहुल गांधी की जमीनी सक्रियता को देखें तो ऐसा लगता है 99 सीटों से कांग्रेस को एक संजीवनी बूटी मिली है जिसकी बदौलत पार्टी एक बार फिर से उभरने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा राहुल गांधी अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि जो लोग हमें खत्म करने की बात कर रहे हैं वह कमजोर हो चुके हैं। हमें जमीन पर मेहनत करनी चाहिए और पार्टी एक बार फिर से मजबूती के साथ उभर सकती है। राहुल गांधी अपने भीतर के जुझारूपन को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बना रहे। यही कारण है कि गुजरात जैसे राज्य का दौरा करने के दौरान वह दावा कर रहे हैं कि हम यहां भी भाजपा को हराने जा रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: भाई-बहन पढ़े लिखे अनपढ़ लगते हैं... Lucknow में कार्यसमिति की बैठक में JP Nadda ने बिना नाम लिए Priyanka और Rahul Gandhi पर साधा निशाना

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा और भारत छोड़ो न्याय यात्रा की बदौलत देश की जमीनी हकीकत को समझा। इन दोनों यात्राओं ने उन्हें जमीन का नेता बनने में अहम भूमिका निभाई है। साथ ही साथ यह भी दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी को अब लगने लगा है कि एकजूटता और जमीनी लड़ाई के आधार पर भाजपा को आसानी से हराया जा सकता है। इसका बड़ा कारण उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजे हैं। राहुल गांधी ही थे जिन्होंने लगातार इंडिया गठबंधन की वकालत की। मन मुताबिक सीटें नहीं मिलने के बावजूद भी उन्होंने गठबंधन को बनाए रखना जरूरी समझा। 

प्रमुख खबरें

Hero MotoCorp का बड़ा प्लान, CEO बोले- इस साल भी Double-Digit Growth की उम्मीद

Iran पर जल्द होगा Big Announcement? अमेरिकी मंत्री Marco Rubio बोले- आखिरी फैसला Donald Trump लेंगे

Health Alert: महिलाओं में Bloating हो सकता है Ovarian Cancer का संकेत, ये लक्षण न करें नजरअंदाज

भारत-अमेरिका दोनों देशों में मौजूद हैं बेवकूफ लोग, USA में Racism पर बोले Marco Rubio