By अभिनय आकाश | Jul 20, 2026
दिल्ली हाई कोर्ट ने सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल टीम और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की तरफ से अपनी-अपनी मेडिकल रिपोर्ट कल दोपहर 12:30 बजे तक जमा करने को कहा है। यह निर्देश तब आया जब बेंच ने भूख हड़ताल कर रहे एक्टिविस्ट की मेडिकल जांच की वीडियोग्राफी पर कड़े सवाल उठाए। यह निर्देश जंतर-मंतर पर युवाओं और जलवायु को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हाई-प्रोफाइल याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के दौरान दिया गया। दिल्ली पुलिस की "गैर-कानूनी निगरानी" के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) में JNU छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष आइशे घोष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील सुभाष चंद्रन KR ने बताया कि कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल को निजता (प्राइवेसी) पर सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसलों की समीक्षा करने का आदेश दिया है, ताकि कल दोनों मामलों पर एक साथ सुनवाई हो सके।
दोहरी कानूनी चुनौती ने दिल्ली पुलिस के विरोध-प्रदर्शनों पर नज़र रखने के तरीकों को जांच के दायरे में ला दिया है। इससे पहले, सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और तीन मांगें रखीं। इन मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और NEET उम्मीदवारों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा देना शामिल है, जिनमें से "20 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक, जो अस्पताल में हैं, उन्हें "तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।