By अनन्या मिश्रा | Jun 17, 2026
हिंदू धर्म में किसी भी अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। वहीं साल में 12 अमावस्या तिथियां होती हैं और सभी तिथियों का अपना अलग-अलग महत्व होता है। माना जाता है कि अमावस्या तिथि पर पितरों की शांति के लिए कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं। जिससे जातक के जीवन में शुभता बनी रहती है और पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है। अमावस्या तिथि को लेकर कई नियम भी बनाए गए हैं। माना जाता है कि अगर आप इन नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो आपके जीवन में कई समस्याएं भी आ सकती हैं।
धार्मिक मान्यता है कि कभी भी अमावस्या तिथि को बाल नहीं धोना चाहिए। इस दिन बाल धोना शुभ नहीं माना जाता है। अगर महिलाएं अमावस्या के दिन बाल धोती हैं, तो घर में कलह-कलेश होता है और धन हानि के भी योग बनते हैं। पैसा गलत जगह पर खर्च होने लगता है। वहीं अमावस्या को यदि कोई विवाहिता बाल धोती है, तो उसके मायके में समस्याएं आ सकती हैं। बाल धोने को लेकर फैले इस भ्रम की असली वजह बालों का टूटना माना जाता है। इसदिन बाल धोने से ज्यादा अशुभ बालों का टूटना माना जाता है।
शास्त्रों की बात की जाए, तो बाल धोने के कुछ नियमों में से एक नियम यह भी है कि अमावस्या तिथि को बाल नहीं धोना चाहिए। सुहागिन महिलाओं को खास तौर पर इस दिन बाल नहीं धोने चाहिए। क्योंकि बाल धोने के बाद सिंदूर लगाया जाता है और अमावस्या तिथि को बालों में सिंदूर भी नहीं लगाया जाता है। वहीं सुहागिन महिलाओं को अन्य कुछ दिनों में भी बाल धोने की मनाही होती है। जैसे गुरुवार, मंगलवार और शनिवार को बाल नहीं धोना चाहिए।
यह प्रथा प्राचीन समय से चली आ रही है। जब लोग नदियों में स्नान करते थे। अमावस्या तिथि पर बाल धोने पर पानी गंदा हो जाता था, इसलिए लोग नदियों में स्नान के लिए जाते थे, तो उनको कोई समस्या न हो। इस कारण ऐसे नियम बनाए गए थे। आज भी अमावस्या तिथि पर उन्हीं नियमों का पालन किया जाता है।
माना जाता है कि अगर आपको पूजा से पहले बाल धोए बिना शुद्धिकरण नहीं लगता है। तो इस स्थिति में आप अमावस्या से एक दिन पहले बाल धो लें। वहीं अगर आपको लगता है कि सिर से पूरा स्नान किए बिना शुद्धि हुई है, तो आप इस दिन स्नान करने के बाद बाल न धोएं और बालों में सिर्फ पानी छिड़क लें। अगर आप किसी कारण इस दिन बालों को धो रही हैं, तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे अमावस्या को पूरे बालों को खोलकर नहीं धोना चाहिए बल्कि सिर्फ सिर पर पानी डालकर हल्का सा साफ करें, इससे आप शुद्ध हो जाएंगी और मान्यताओं का पालन भी होगा।