By अंकित सिंह | Mar 04, 2026
बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो सकता है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं। जबकि राज्य की कमान भाजपा के हाथों में आ सकती है। राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। हालांकि जदयू की ओर से अभी तक पत्ते नहीं खोले गए हैं। ऐसे में इस बात की चर्चा अब तेज हो गई है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के रास्ते दिल्ली जा सकते हैं जबकि राज्य में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है और ऐसे में उसके हाथ में कमान हो सकती है।
इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में यह अनुमान लगाया गया था कि निशांत राज्यसभा के लिए नामांकन के साथ राजनीति में पदार्पण कर सकते हैं। हालांकि, जनता दल यूनाइटेड की ओर से उनकी उम्मीदवारी से संबंधित दस्तावेज अभी तक तैयार नहीं हुए हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि नीतीश कुमार की अनुपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार नामित करेगी या नहीं। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने मंगलवार को घोषणा की कि निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश की पुष्टि हो चुकी है और पार्टी जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा करेगी।
मीडिया से बात करते हुए कुमार ने कहा कि होली के अवसर पर मैं यह बताना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, जिनका नाम कुछ समय से पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है, जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं। यह कदम उन कई युवाओं की लंबे समय से चली आ रही इच्छा को पूरा करेगा जो उन्हें सार्वजनिक जीवन में आने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।