By अनन्या मिश्रा | Nov 10, 2025
पूर्वी चंपारण की चिरैया विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होगा। साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई थी। जिसके बाद यहां तीन बार चुनाव हुए और तीनों ही बार भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली। इस विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी और आरजेडी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलती रही है। यह शिवहर लोकसभा सीट के तहत आने वाली विधानसभा सीट है।
साल 2010 के पहले चुनाव में भाजपा के अवनीश कुमार सिंह ने आरजेडी उम्मीदवार को हराया था। फिर साल 2015 में भाजपा ने लाल बाबू प्रसाद गुप्ता को अपना उम्मीदवार बनाया और उन्होंने भी जीत हासिल की। इसके बाद साल 2020 में जेडीयू की दोबारा एनडीए में एंट्री हुई और लाल बाबू प्रसाद गुप्ता ने फिर आरजेडी उम्मीदवार को शिक्सत देकर जीत हासिल की। ऐसे में इस बार भी मुकाबला दिलचस्प रहने की उम्मीद है।
चिरैया विधानसभा सीट पर यादव, राजपूत, भूमिहार, मुसलमान और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते हैं। इसके अलावा सवर्ण, पिछड़ा और मुस्लिम वोट बैंक के समीकरण भी सीट से चुनावी परिणाम को प्रभावित करते रहे हैं।