By अभिनय आकाश | Feb 03, 2026
रूस ने मंगलवार को कहा कि उसे भारत से रूसी तेल की खरीद रोकने के संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं मिला है और मॉस्को नई दिल्ली के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना चाहता है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत के साथ एक व्यापार समझौते की घोषणा के एक दिन बाद आया है, जिसके तहत भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद रोकने और व्यापार बाधाओं को कम करने के बदले में अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच एक साल से अधिक समय से चल रहे व्यापारिक तनाव के बाद हुए इस समझौते की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा, भारत रूस से तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका से अधिक तेल खरीदने पर सहमत हो गया है।
2022 में यूक्रेन में मॉस्को के युद्ध की शुरुआत के बाद भारत रियायती रूसी समुद्री मार्ग से आने वाले कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया। इससे पश्चिमी देशों में आक्रोश फैल गया, जिन्होंने रूस के ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाते हुए प्रतिबंध लगाए, जिनका उद्देश्य मॉस्को के राजस्व को कम करना और युद्ध के लिए धन जुटाना मुश्किल बनाना था। ट्रम्प ने बार-बार भारत पर रूसी तेल की खरीद के माध्यम से यूक्रेन में रूस की आक्रामकता को अप्रत्यक्ष रूप से वित्तपोषित करने का आरोप लगाया था।