By अभिनय आकाश | Apr 04, 2024
दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके पद से हटाने की याचिका खारिज कर दी है। पहले भी हाई कोर्ट ने इस तरह की याचिका एक बार खारिज की थी। कोर्ट ने कहा कि जब हम एक बार इस तरह की याचिका पर फैसला दे चुके हैं तो दोबारा कैसे अपने फैसले को पलटे? वैसे भी कोर्ट ने कहा कि दिल्ली की सरकार चल रही है या नहीं चल रही। ये तय करने का अधिकार कोर्ट के पास नहीं है। एलजी इस मामले में सक्षम अधिकारी हैं। कोर्ट की तरफ से किसी तरह का कोई दिशा निर्देश देने की कोई जरूरत नहीं है। वो अपने आप कानून के हिसाब से फैसला लेने को स्वतंत्र हैं। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद सवाल उठने लगा है कि क्या दिल्ली की सरकार बर्खास्त हो सकती है। कोर्ट ने दूसरी बार ये साफ किया है कि इस मामले में कोई भी फैसला लेना है या दिल्ली की सरकार नहीं चल पा रही है तो इस मामले में जो भी फैसला लेना है वो दिल्ली के उपराज्यपाल को लेना है। पिछली बार भी जब इस तरह की याचिका आई थी तो कोर्ट ने यही कहा था कि एलजी इस मामले में कोई भी फैसला कानून के मुताबिक लेने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्हें अपने फैसले के लिए किसी से भी सलाह-मशवरा करने की जरूरत नहीं है।
क्या है अनुच्छेद 239AB
दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लागू करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239AB के अंतर्गत आता है। इस प्रावधान के तहत, यदि राष्ट्रीय राजधानी का प्रशासन संवैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं कर सकता है या यदि यह उचित प्रशासन के लिए आवश्यक है, तो उपराज्यपाल (एलजी) राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं। अनुच्छेद 239AB राष्ट्रपति को विधानसभा की शक्ति को निलंबित करने की व्यापक शक्तियाँ प्रदान करता है। कानून बनाना, विधानसभा को पूरी तरह से निलंबित करना या भंग करना या यहां तक कि राष्ट्रीय राजधानी के दैनिक प्रशासन के लिए कानून बनाना।