By अंकित सिंह | Dec 22, 2025
बिहार में भले ही चुनाव संपन्न हो गए हैं। लेकिन अभी भी वहां सियासी दांव पेंच लगातार जारी है। इसका बड़ा कारण यह है कि बिहार में मार्च के बाद राज्यसभा की पांच सीटे खाली हो रही है। ऐसे में अब सबकी अपनी अपनी दावेदारी है। राज्यसभा की जो पांच सीटें खाली हो रही हैं, उसमें राजद कोटे से दो है। जबकि जदयू कोटे से भी दो है। वहीं एक भाजपा कोटे से है। लेकिन वर्तमान स्थिति में देखें तो अब भाजपा और जदयू को दो-दो सीट आसानी से मिल जाएंगे। जबकि एक सीट पर चुनाव की संभावना है। हालांकि वह सीट आरजेडी के खाते में नहीं जाएगी।
जदयू कोटे से वर्तमान में जो दो सदस्य हैं उन पर नीतीश कुमार फिर से भरोसा जाता सकते हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि हरिवंश अभी राज्यसभा के उपसभापति है। वही, रामनाथ ठाकुर केंद्र में राज्य मंत्री हैं। ऐसे में शायद ही नीतीश कुमार इन दोनों चेहरों के अलावा किसी अन्य पर इस वक्त दांव लगाएंगे। वहीं एक सीट को लेकर अब सियासी तापमान बढ़ती हुए दिखाई दे रही है। चिराग पासवान की मां का नाम सबसे ज्यादा चर्चाओं में है। हालांकि उसके लिए विधायकों का जुगाड़ करना पड़ सकता है। इसके अलावा उस सीट पर उपेंद्र कुशवाहा भी अपने दिलचस्पी दिखा सकते हैं। हालांकि उनके पास सिर्फ चार विधायक ही हैं जबकि चिराग के पास 19 विधायक है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने रविवार को आगामी राज्यसभा चुनावों में सीट की मांग करके राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। मांझी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोकसभा चुनावों के दौरान राज्यसभा सीट का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। मांझी एचएएम के एकमात्र लोकसभा सदस्य हैं, हालांकि पार्टी ने हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनावों में पांच सीटें जीती थीं। मांझी के बेटे और एचएएम अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में मंत्री हैं। उन्होंने अपने बेटे से भाजपा के पूर्व वादे को निभाने और पार्टी की बेईमानी से निराश न होने का आग्रह किया।