Chai Par Sameeksha: संजय सिंह दे पाएंगे AAP को संजीवनी, BJP के लिए क्या हैं चुनौतियां?

By अंकित सिंह | Apr 08, 2024

प्रभासाक्षी के खास कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में हमने इस सप्ताह चुनावी माहौल पर विश्लेषण किया। हमेशा की तरह प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। हमने नीरज कुमार दुबे से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और भाजपा की स्थिति को लेकर सवाल पूछा। नीरज कुमार दुबे ने कहा कि कहीं ना कहीं जमीनी हकीकत यही है कि भाजपा के लिए मुकाबला एकतरफा दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ एक तबके ऐसे हैं जो सरकार से नाराज चल रहे हैं। हालांकि उन्हें मनाने की कोशिश हो रही है। इसके साथ ही नीरज दुबे ने बताया कि कहीं ना कहीं बसपा को कमजोर रखना बड़ी गलती होगी। मायावती ने भले ही अपनी सक्रियता उस तरीके से नहीं दिखाई, लेकिन उनका वोट बैंक पूरी तरीके से सुरक्षित नजर आ रहा है और इस चुनाव में भी उसका कमाल देखने को मिल सकता है।

इसे भी पढ़ें: संजय सिंह के बाहर आने से बदलेगी आम आदमी पार्टी की राजनीति

नीरज दुबे ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की कार्य क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। कई ऐसी सीटें है जहां पर उनके उम्मीदवार लगातार बदले जा रहे हैं। ऐसे में यह लग रहा है कि समाजवादी पार्टी को कोई कंट्रोल कर रहा है। आधा दर्जन से अधिक सीटों पर उम्मीदवारों को बदले जा रहे हैं। इससे मतदाताओं में अच्छा संकेत नहीं जा रहा है। नीरज दुबे ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए 2014 में भी मुश्किल रही। 2019 में भी मुश्किल थी और 2024 में भी मुश्किल रहने वाली है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पूरी ताकत लगाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा यहां जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश कर रही है। एक बार फिर से पश्चिम उत्तर प्रदेश में कानूनी व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश भाजपा की ओर से की जा रही है। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना का विपक्ष बार-बार मुद्दा उठता है। लेकिन जमीन पर इसका कोई प्रभाव अब तक देखने को नहीं मिला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी लोगों ने इस तरह की बातों को पूरी तरीके से खारिज किया है।

अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी की रणनीति पर बात करते हुए नीरज दुबे ने कहा कि जिस तरीके से दिल्ली के मुख्यमंत्री की तस्वीर भगत सिंह और बी आर अंबेडकर के साथ लगाई गई वह पूरी तरीके से गलत है। हमारे महान विभूतियों के समक्ष कोई भी बराबरी नहीं कर सकता। भगत सिंह, बाबा साहब अंबेडकर हर व्यक्ति के दिल में बसते हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी की ओर से इस तरह की चीज नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हां, यह बात सही है कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उनके लिए लोगों में थोड़ी बहुत सहानुभूति है। लेकिन वह वोट में कितना बदल पाएगा, यह तो 4 जून को ही पता लग पाएगा। दिल्ली वालों को पता है कि यह विधानसभा का चुनाव नहीं बल्कि लोकसभा का चुनाव है और ऐसे में जो मजबूत दल है, जहां मजबूत प्रधानमंत्री बनने की कवायत है, उसके पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने कहा कि हां, संजय कुमार के जमानत के बाद पार्टी में एक नई जान आई है। संजय कुमार लगातार पार्टी में संजीवनी फूकने का काम कर रहे हैं। लेकिन देखना होगा कि वह कितने इसमें कामयाब हो पाते हैं। 

प्रमुख खबरें

West Asia संकट के बीच MEA का बड़ा एक्शन, Iran से 1862 भारतीयों की सुरक्षित वापसी में मदद की

CM Nishant Kumar के नारों पर Nitish की मुस्कान, क्या Bihar में पक रही है कोई Political खिचड़ी?

नजफगढ़ का ‘प्रिंस’: जिसने आईपीएल का सपना पूरा करने के लिए कांस्टेबल की परीक्षा छोड़ दी थी

घुसपैठ से ध्यान भटकाने का खेल? Nishikant Dubey का आरोप- TMC ने Pakistan से दिलवाया बयान