By Ankit Jaiswal | Jul 01, 2026
विंबलडन 2026 की शुरुआत मेजबान ब्रिटेन के लिए उम्मीदों के बिल्कुल उलट रही। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही देश के दो सबसे बड़े टेनिस सितारे एमा राडुकानू और जैक ड्रेपर चोट के कारण प्रतियोगिता से बाहर हो गए। इसके बाद पहले दिन कोर्ट पर उतरे घरेलू खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी बेहद निराशाजनक रहा। मौजूद जानकारी के अनुसार, अपने पहले दौर के मुकाबले पूरे करने वाले सभी 10 ब्रिटिश खिलाड़ी हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए, जबकि एक अन्य खिलाड़ी का मुकाबला खराब रोशनी के कारण बीच में रोकना पड़ा।
उधर ब्रिटेन के शीर्ष पुरुष खिलाड़ी जैक ड्रेपर ने भी लंबे समय से चली आ रही हाथ की चोट के कारण विंबलडन से हटने का फैसला किया। गौरतलब है कि पिछले वर्ष वह प्रतियोगिता में चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी थे और वर्ष 2024 के अमेरिका ओपन के सेमीफाइनल तक भी पहुंचे थे। इस बार उनका पहले दौर में अमेरिका के टेलर फ्रिट्ज से मुकाबला होना था।
जैक ड्रेपर ने अपने बयान में कहा कि पिछले एक वर्ष में उन्हें कई मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा, लेकिन विंबलडन से हटना उनके लिए सबसे अधिक दर्दनाक फैसला रहा। उन्होंने कहा कि घरेलू ग्रैंड स्लैम में नहीं खेल पाना किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद कठिन होता है।
ड्रेपर के हटने से ब्रिटेन के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी एंडी मरे की वापसी की योजना भी अधूरी रह गई। बता दें कि दो बार विंबलडन जीतने वाले एंडी मरे इस बार ड्रेपर की टीम का हिस्सा बनने वाले थे और पूरे घास के कोर्ट सत्र में उनका मार्गदर्शन करने वाले थे। मरे ने वर्ष 2013 में विंबलडन जीतकर 77 वर्षों बाद किसी ब्रिटिश पुरुष खिलाड़ी को यह प्रतिष्ठित खिताब दिलाया था।
वहीं एमा राडुकानू के हटने पर ऑल इंग्लैंड क्लब की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैली बोल्टन ने भी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी का अपने घरेलू ग्रैंड स्लैम से ठीक पहले हटना बेहद दुखद होता है। उनके अनुसार राडुकानू के लिए यह व्यक्तिगत रूप से भी बहुत बड़ा झटका है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई थी कि अन्य ब्रिटिश खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
लेकिन टूर्नामेंट के पहले ही दिन घरेलू खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। वर्ष 2022 में विंबलडन के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले कैमरून नॉरी भी पांच सेट तक चले मुकाबले में हार गए। वह इस बार प्रतियोगिता में एकमात्र वरीयता प्राप्त ब्रिटिश खिलाड़ी थे। इसके अलावा पहले दौर के अपने मुकाबले पूरे करने वाले बाकी सभी ब्रिटिश खिलाड़ी भी जीत दर्ज नहीं कर सके।
एक अन्य ब्रिटिश खिलाड़ी जैक पिनिंग्टन जोन्स का मुकाबला अमेरिका के ब्रैंडन नाकाशिमा के खिलाफ जारी था। वह दो सेट गंवा चुके थे और तीसरे सेट में भी पिछड़ रहे थे। इसी दौरान रोशनी कम होने के कारण मैच रोक दिया गया।
गौरतलब है कि विंबलडन दुनिया के चार ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है। ऐसे में घरेलू खिलाड़ियों के शुरुआती दौर में लगातार बाहर होने से ब्रिटिश टेनिस प्रशंसकों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। अब सबकी नजरें उन कुछ बचे खिलाड़ियों पर रहेंगी, जो आगे के मुकाबलों में देश की चुनौती को जीवित रखने की कोशिश करेंगे और बेहतर प्रदर्शन के साथ वापसी करने का प्रयास करेंगे।