By अभिनय आकाश | Jun 06, 2026
जब आसमान से मौत बरस रही थी और इमारतें मलबे में तब्दील हो रही थी उस वक्त ईरान के सुप्रीम लीडर के दफ्तर में क्या चल रहा था? अमेरिका और इजराइल के विनाशकारी हमलों के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची बाल-बाल कैसे बचे? 48 घंटों तक सुप्रीम लीडर का कोई अता-पता क्यों नहीं था? लेबनान के एक टीवी चैनल पर ईरान के विदेश मंत्री ने उस खौफनाक रात का जो आंखों देखा हाल सुनाया वो पूरी दुनिया को हैरान कर देने वाला है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अलमयादीन टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में एक ऐसा सच बताया जिसने सबको चौंका दिया। अरागची ने बताया कि 28 फरवरी को संघर्ष के शुरुआती घंटों में जब दिग्ब सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामनेई के दफ्तर पर हमला हुआ तो वह खुद उसी इमारत में मौजूद थे।
अरागची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले के लिए किसी भी पड़ोसी देश के अमेरिकी बेस का इस्तेमाल हुआ तो ईरान उसका विनाशकारी जवाब देगा। उनका कहना था कि क्षेत्रीय सरकारों ने अपनी जमीन के इस्तेमाल का विरोध किया था। लेकिन वाशिंगटन ने उनकी एक ना सुनी और ईरान पर हमले कर दिए। ईरान के विदेश मंत्री का यह सनसनीखेज खुलासा बताता है कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच यह संघर्ष कितना भयानक था और कैसे ईरान का शीर्ष नेतृत्व मौत के मुंह से वापस लौटा है। खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर ईरान की ये चेतावनी क्या मिडिल ईस्ट के एक नए युद्ध की नींव रख रही है।