By अभिनय आकाश | Oct 23, 2026
आपने कई बार देखा होगा कि कैसे पाखंडी विदेशी मीडिया और अहंकारी विदेशी एक्सपर्ट्स खुद रूस से गैस खरीदने के बावजूद रूसी तेल का नाम लेकर हमेशा भारतीय विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर को फंसाने की कोशिश करते रहे हैं। लेकिन हर बार विदेश मंत्री एस जयशंकर इनकी सरेआम धुलाई कर देते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ लेकिन किरदार थोड़े बदल गए। इस बार भी अहंकारी और पाखंडी विदेशियों को 440 वोल्ट का झटका दिया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मोर्चा संभाला। पीयूष गोयल ने जिस तरह से यूरोप के धागे खोले हैं, वह ऐतिहासिक है। दरअसल, जर्मनी के शहर बर्लिन में क्लाइमेट चेंज को लेकर एक चर्चा चल रही थी। तीन यूरोपीय बैठे थे और पीयूष गोयल अकेले ही काफी थे। पीयूष गोयल के सामने बैठी यह विदेशी महिला अचानक अजीब-अजीब हरकतें करने लगी। ड्रामा करते हुए हाथ उठाकर बोली कि जलवायु परिवर्तन एक गंभीर मामला है। यह कोई मामूली बात नहीं है। आप इन यूरोपीय लोगों का पाखंड देखिए। पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं लोगों ने पहुंचाया है और अब यहां पर बैठकर भारत को नसीहत देने लगे।
तो यह समस्या आपने पैदा की है। आप सभी अपनी अर्थव्यवस्थाओं का विकास कर रहे थे। आपने दिन रात कोयला जलाया। पीयूष गोयल के तथ्यों को सुनकर पीली पड़ चुकी इस महिला को बचाने के लिए एक दूसरा विदेशी एक्सपर्ट कूद पड़ा। इसने पीयूष गोयल से कहा कि सिर्फ यूरोप ही जिम्मेदार थोड़ी है। अमेरिका ने भी तो यही किया है। लेकिन यह सुनने के बाद भी पीयूष गोयल अपने जवाब से भटके नहीं। उन्होंने कहा कि आज मैं यहां पर सिर्फ यूरोप की बात कर रहा हूं। पर्यावरण को जो नुकसान आपने पहुंचाया है उसकी बात कर रहा हूं। पीयूष गोयल ने कहा कि मुझे 1.4 अरब लोगों की जरूरतें पूरी करनी है। उनकी ऊर्जा जरूरतें, उनके भोजन की जरूरतें और एक राष्ट्र के रूप में अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी है। लेकिन इसके बावजूद भारत दुनिया का सबसे स्वच्छ ऊर्जा यानी क्लीन एनर्जी प्रोग्राम चला रहा है।