By Ankit Jaiswal | Jun 16, 2026
फुटबॉल विश्व कप के बीच ट्यूनीशिया की टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। टीम के पहले ही मुकाबले के बाद मुख्य कोच साबरी लामूशी को उनके पद से हटा दिया गया और उनकी जगह अनुभवी फ्रांसीसी कोच एर्वे रेनार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के दौरान किसी टीम द्वारा इतना बड़ा फैसला लेना काफी दुर्लभ माना जा रहा है।
बता दें कि विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में ट्यूनीशिया को स्वीडन के खिलाफ 5-1 से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे थे। वहीं, रिपोर्टों के अनुसार ड्रेसिंग रूम के भीतर भी माहौल ठीक नहीं था और खिलाड़ियों तथा कोचिंग स्टाफ के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
गौरतलब है कि साबरी लामूशी को टूर्नामेंट से पहले ट्यूनीशिया की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि उनके कार्यकाल के दौरान टीम के भीतर कई मुद्दों को लेकर असंतोष की खबरें सामने आती रहीं। स्वीडन के खिलाफ मिली बड़ी हार के बाद महासंघ ने तत्काल प्रभाव से बदलाव का फैसला लिया।
फुटबॉल इतिहास की बात करें तो पुरुष विश्व कप में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी टीम ने टूर्नामेंट में केवल एक मुकाबला खेलने के बाद ही अपने मुख्य कोच को हटा दिया हो। यही वजह है कि ट्यूनीशिया का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे एर्वे रेनार का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में लंबा अनुभव रहा है। यह उनका लगातार तीसरा पुरुष विश्व कप होगा, जिसमें वह अलग-अलग देशों की टीमों का नेतृत्व करेंगे। वर्ष 2018 के विश्व कप में उन्होंने मोरक्को की टीम की कमान संभाली थी। उस टूर्नामेंट में मोरक्को एक मुकाबला बराबरी पर खेलने के बावजूद समूह चरण से आगे नहीं बढ़ सका था।
इसके बाद वर्ष 2022 के विश्व कप में रेनार सऊदी अरब के मुख्य कोच बने। उनके नेतृत्व में सऊदी अरब ने टूर्नामेंट के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक करते हुए अर्जेंटीना को हराया था। उस अर्जेंटीना टीम की अगुवाई विश्व फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में शामिल लियोनेल मेसी कर रहे थे। हालांकि बाद के मुकाबलों में हार मिलने के कारण सऊदी अरब भी अगले दौर में जगह नहीं बना सका था।
बता दें कि एर्वे रेनार केवल पुरुष फुटबॉल तक ही सीमित नहीं रहे हैं। वर्ष 2023 में महिला विश्व कप के दौरान उन्होंने फ्रांस की महिला टीम का भी मार्गदर्शन किया था। उस प्रतियोगिता में फ्रांस की टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
मौजूद जानकारी के अनुसार पूर्व ट्यूनीशियाई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी वहबी खाजरी, जो साबरी लामूशी के सहायक कोच थे, नई व्यवस्था में भी टीम के साथ बने रहेंगे। ऐसे में एर्वे रेनार को टीम और खिलाड़ियों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अब ट्यूनीशिया की नजर आगामी मुकाबलों पर होगी, जहां नई कोचिंग व्यवस्था के तहत टीम वापसी करने का प्रयास करेगी। प्रशंसकों को उम्मीद है कि अनुभवी एर्वे रेनार के नेतृत्व में टीम बेहतर प्रदर्शन करते हुए विश्व कप में अपनी चुनौती को मजबूत बनाए रख सकेगी।