Garuda Govinda Temple: वृंदावन के इस एक मंदिर में पूजा करने से दूर होता है कालसर्प दोष, जीवन का हर संकट होगा दूर

By अनन्या मिश्रा | Apr 19, 2025

भारत में कई ऐसे मंदिर हैं, जो किसी न किसी संकट या दोष की पूजा के लिए लाभकारी माने जाते हैं। इन्हीं में से एक मंदिर भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थल वृंदावन में मौजूद है। वैसे तो वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित कई मंदिर हैं। लेकिन वृंदावन के इस खास मंदिर में पूजा कराने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिल जाती है। फिर कितना ही भयंकर कालसर्प दोष लगा हो या उसका प्रभाव कितना ही तीव्र क्यों न हो। वृंदावन के इस मंदिर में पूजा कराने से न सिर्फ कालसर्प दोष दूर होता है बल्कि उसका प्रभाव भी तेजी से घटना है और व्यक्ति को शुभ परिणाम मिलने लगते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको वृंदावन के इस खास मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं।

काल सर्प दोष की पूजा

इसे भी पढ़ें: Gyan Ganga: रामचरितमानस- जानिये भाग-15 में क्या क्या हुआ

गरुड़ गोविंद मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्ति है, जिसकी पूजा की जाती है। यह पूजा स्थल भक्तों के लिए फेमस है। हालांकि इस मंदिर के बारे में अधिकतर ब्रज लोगों को ही पता है। गरुड़ गोविंद मंदिर के बारे में बाहर के लोगों को कम जानकारी है। इस मंदिर को काल सर्प दोष की पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि जब यमुना में कालिया नाग ने अपना स्थान बनाया था। तब श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का दमन कर यमुना से भगा दिया था। जिसके बाद श्रीकृष्ण ने गरुड़ को उस स्थान पर विराजमान रहने के लिए कहा था। जिससे कि कोई भी नाग ब्रज भूमि में प्रवेश न कर पाए। तभी से इस मंदिर में कालसर्प दोष की पूजा का विशेष महत्व है।

गरुड़ मंदिर में कालसर्प दोष की पूजा करने से इसका फल जरूर मिलता है। साथ ही कालसर्प दोष भी दूर होता है और व्यक्ति को नकारात्मक प्रभावों से छुटकारा मिलता है। इस मंदिर में भगवान कृष्ण और गरुड़ की एक साथ पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से हर संकट का नाश हो जाता है। जिस तरह श्रीकृष्ण के हर कार्य में गरुड़ सहायक बनते हैं, वैसे ही वह अपने भक्तों पर भी कृपा बनाए रखते हैं।

प्रमुख खबरें

SIR पर Election Commission के कदम नाकाफी, Congress ने उठाए सवाल

NSE प्रमुख Ashish Chauhan बोले नए UPI Merchant Tax पर सरकार से नहीं हुई कोई बातचीत

Congress 29 सितंबर को Delhi में करेगी Dalit Adivasi Swabhiman Baithak

पारिवारिक मामलों में अदालती फैसले थोपे हुए लगते हैं: Supreme Court जस्टिस NV Anjaria