America के इतिहास का सबसे बुरा दौर, ट्रंप के कार्यकाल में पहली बार पश्चिमी देशों ने पकड़ी अलग राह

By अभिनय आकाश | Sep 23, 2025

अमेरिकी इतिहास में वर्तमान समय को याद रखा जाएगा, लेकिन वो भी शर्मनाक तरीके से क्योंकि ट्रंप अब उस राष्ट्रपति के तौर पर जाने जाएंगे जिनके कार्यकाल में पश्चिमी देश अमेरिका से अलग होकर फिलिस्तीन को मान्यता देने लगे हैं। ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने एक ज्वाइंट डिक्लेरेशन जारी किया। तीनों देशों ने साफ कहा कि हम फिलिस्तीन को देश की मान्यता देते हैं और वो भी 1967 की सीमाओं के आधार पर। यानी वो फिलिस्तीन जिसकी आधी से ज्यादा जमीन को इजरायल ने कब्जा कर लिया है। इन तीनों देशों ने साफ कह दिया है कि ये कब्जा अवैध है और असली फिलिस्तीन 1967 वाला है। यानी जो नक्शा अमेरिका और इजरायल को कभी मंजूर नहीं था। वही आज ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने पूरी दुनिया के सामने स्वीकार कर लिया। 

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पिछले कुछ वक्त से ट्रंप ने पश्चिमी देशों को लगातार परेशान किया। नाटो फंडिंग को लेकर झगड़े किए और ट्रेड वॉर में दबाव वाली रणनीति अपनाई। वहीं यूरोप से चीन-भारत के खिलाफ कार्रवाई करवाने की कोशिश की। पश्चिमी देशों ने अब इस मौके पर ट्रंप को झटका दिया। अमेरिकी राजनीति में ज्यूइश लॉबी का दबदबा है। हर राजनेता जानता है कि चुनाव फंडिंग और पॉलिटिकल फंडिंग में इस लॉबी का दबदबा है। इसलिए अमेरिका में कोई भी राष्ट्रपति खुलकर इजरायल के विरोध में नहीं जाता है।  लेकिन अब हालात उल्टे हैं। ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने जो कदम उठाया है। उसने ट्रंप को विलेन बना दिया है। 

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इस कदम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टू नेशन सॉल्यूशन को जिंदा रखने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। लेकिन इस फैसले से इजरायल और अमेरिका के साथ पश्चिमी देशों के रिश्तों में खिंचाव आ सकता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से कुछ दिन पहले ही ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने फलस्तीन को बतौर देश आधिकारिक मान्यता दे दी है। ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ये फैसला फलस्तीन और इजरायल लोगों के लिए शांति की उम्मीद और टू स्टेट सॉल्यूशन को जिंदा करने की दिशा में उठाया गया कदम है। 

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