By रितिका कमठान | Jan 20, 2023
देश के कई नामचीन पहलवान जंतर मंतर पर भारतीय कुश्ती महासंघ के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे हैं। लगातार तीसरे दिन पहलवानों का भारतीय कुश्ती महासंघ के खिलाफ धरना प्रदर्शन जारी है। इस प्रदर्शन में जहां पहलवान संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ पहलवानों को अब बॉक्सर विजेंदर सिंह का भी साथ मिला है।
हालांकि खिलाड़ियों ने कांग्रेस पार्टी से जुड़े होने के कारण विजेंदर को भी मंच पर आने की इजाजत नहीं दी। विजेंदर खिलाड़ियों से मुलाकात कर वापस लौटे। इस दौरान पहलवानों को खेल से जुड़े दिग्गजों समेत कई बीजेपी नेताओं का भी समर्थन मिला है।
केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान खिलाड़ियों के साथ खड़े नजर आए हैं। उन्होंने कहा कि धरने पर बैठे खिलाड़ियों से मेरा व्यक्तिगत स्नेह और परिचय है। जानकारी के मुताबिक संजीव बालियान ने बजरंग पुनिया से फोन पर बात भी की है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के सम्मान का पूरा ध्यान दिया जाएगा।
इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी खिलाड़ियों के साथ खड़े नजर आए है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है और इसे गंभीरता से लिया गया है। इससे खिलाड़ियां का मनोबल टूटता है। उन्होंने कहा कि हम खेल विभाग में खिलाड़ियों की सुरक्षा पर विचार कर जो भी आवश्यकता होगी वह पूरा करेंगे।
जंतर मंतर पर पहलवान इंसाफ को लेकर दंगल कर रहे है। बता दें कि इससे पहले भारतीय पहलवानों की केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ गुरुवार रात बैठक हुई थी। हालांकि ये बैठक बेनतीजा रही क्योंकि उन्होंने सरकार के भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को तुरंत भंग करने की अपनी मांग से पीछे हटने से इनकार कर दिया।
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों के विरोध के दूसरे दिन गुरुवार को रात करीब 10 बजे मैराथन बैठक शुरू हुई। पहलवान रात एक बजकर 45 मिनट पर ठाकुर के घर से निकले और बाहर इंतजार कर रहे पत्रकारों से बात नहीं की। ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया, रवि दहिया, साक्षी मलिक और विश्व चैम्पियनशिप की पदक विजेता विनेश फोगाट बैठक का हिस्सा थे।
पहलवान करेंगे खेल मंत्री से मुलाकात
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक पहलवान शुक्रवार को फिर से खेल मंत्री से मिलेंगे। मंत्रालय बृजभूषण शरण सिंह को तब तक इस्तीफा देने के लिए मजबूर नहीं कर सकता जब तक कि उसे डब्ल्यूएफआई से लिखित जवाब नहीं मिल जाता क्योंकि सरकार ने खुद कुश्ती संघ से स्पष्टीकरण मांगा है। डब्ल्यूएफआई ने अभी तक खेल मंत्रालय को जवाब नहीं दिया है जिसने बुधवार को कुश्ती संघ को कई महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न और उसके अध्यक्ष द्वारा डराने-धमकाने के आरोपों का जवाब देने के लिए 72 घंटे का समय दिया था।