सभी मामलों में लिखित आधार जरूरी नहीं, कर्नाटक HC ने गिरफ्तारी को लेकर क्या कहा

By अभिनय आकाश | Dec 02, 2024

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बेंगलुरु में जमीन हड़पने के कई मामलों में आरोपी एक व्यक्ति की गिरफ्तारी को कर्नाटक संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (केसीओसीए) और भारतीय दंड संहिता के तहत कानूनी रूप से वैध माना है और एक आपराधिक मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया है। 56 वर्षीय जॉन मोसेस ने यह कहते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया कि 21 जुलाई को संगठित अपराध और धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस के आपराधिक जांच विभाग द्वारा उनकी गिरफ्तारी अवैध थी क्योंकि उन्हें अपनी गिरफ्तारी के लिए लिखित कारण उपलब्ध नहीं कराए गए थे, जैसा कि सर्वोच्च आदेश दिया गया था।

इसे भी पढ़ें: UPSC की परीक्षा देकर IPS अधिकारी बनें, कड़ी ट्रेनिंग की... पहली पोस्टिंग जाते वक्त 26 साल के हर्षवर्धन की मौत, कलेजा चीर देने वाली दर्दनाक खबर

हालाँकि, उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 50 के तहत अनिवार्य जानकारी केसीओसीए अपराधों या भारतीय दंड संहिता अपराधों से जुड़े मामलों में पर्याप्त होगी और आतंकवाद, मनी लॉन्ड्रिंग और निवारक हिरासत के मामलों में गिरफ्तारी के लिखित आधार आवश्यक होंगे। हाई कोर्ट ने फैसले में कहा कि मेरे विचार में मामले में याचिकाकर्ता को बताई गई गिरफ्तारी के आधार की जानकारी पर्याप्त होगी और इससे गिरफ्तारी प्रभावित नहीं होगी और जमानत या अंतरिम जमानत देने में बढ़ोतरी नहीं होगी।

हाई कोर्ट ने कहा कि शीर्ष अदालत ने उपरोक्त तीन मामलों में इसे इस तथ्य के कारण अनिवार्य माना है कि यूएपीए और पीएमएलए के तहत अपराधों के लिए किसी आरोपी को जमानत देना बेहद सीमित है। यह साबित करने का बोझ कि वह दोषी नहीं है। दरअसल यह आरोपी पर उल्टा बोझ है। इसलिए, ऐसे मामलों में आरोपी को गिरफ्तारी का आधार बताया जाना चाहिए। यदि शीर्ष अदालत ने उपरोक्त फैसले में जो कहा है, उसे मामले में प्राप्त तथ्यों के आधार पर माना जाता है, तो जो स्पष्ट रूप से सामने आएगा वह यह है कि सीआरपीसी की धारा 50 के तहत जो निहित है।

प्रमुख खबरें

US Dollar के मुकाबले Rupee 14 पैसे मजबूत होकर 94.61 के स्तर पर पहुंचा

CEC Gyanesh Kumar पर रिश्वतखोरी के आरोपों की Kerala में विजिलेंस जांच के आदेश

रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov का फर्जी वीडियो शेयर करने पर Prashant Bhushan पर FIR

BJP बुधवार को देशभर में निकालेगी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च, दिग्गज नेता होंगे शामिल