Punjab Police से 'आर-पार' के मूड में X, लारेंस बिश्नोई के वीडियो हटाने पर पहुंचा High Court

By अभिनय आकाश | Mar 25, 2026

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दायर याचिका तीन महीने से चल रहे गतिरोध के बाद आई है, जो पंजाब पुलिस द्वारा अपराध का महिमामंडन करने वाली सामग्री को हटाने के विरोध में है। यह विवाद 31 जनवरी, 2026 को शुरू हुआ, जब एसएएस नगर (मोहाली) की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने 29 जनवरी की एफआईआर से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई की। एफआईआर में अज्ञात लोगों को "मनगढ़ंत गलत सूचना" फैलाने के लिए निशाना बनाया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि सरकार की एक नई नीति के कारण पंजाब में एक लाख युवाओं की हत्या हो जाएगी। पंजाब पुलिस ने एक्स से जिन वीडियो को हटाने को कहा है, उनमें कई समाचार चैनलों के क्लिप शामिल हैं। पुलिस ने एक्स से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और पाकिस्तानी गैंगस्टर भट्टी के बीच कथित वीडियो कॉल का एक क्लिप भी हटाने को कहा है। यह कॉल गुजरात की जेल से की गई थी और यह मामला पंजाब पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। 

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पुलिस ने एक्स को चेतावनी दी कि उसने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(1) के तहत "सुरक्षित आश्रय छूट" खो दी है और धारा 84B के तहत अभियोजन की धमकी दी। 3 मार्च को, पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत एक्स के एक कर्मचारी को गिरफ्तारी पूर्व नोटिस जारी किया। एक्स ने इसका खंडन करते हुए कहा कि 22 पदों में से 7 तो उसके प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ही नहीं थे, और शेष 15 "केवल प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों, पत्रकारों की रिपोर्टिंग और सार्वजनिक घटनाओं पर निष्पक्ष टिप्पणी" थे। कंपनी ने तर्क दिया कि ये पद अपराध का महिमामंडन नहीं करते और अदालत के सीमित शब्दों वाले आदेश के दायरे से बाहर हैं।

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