By अभिनय आकाश | Jul 17, 2026
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास किसी एक देश का सोलो परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि ग्लोबल सहयोग का तालमेल होना चाहिए। शंघाई में 2026 वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि AI बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और इसे इस तरह से विकसित किया जाना चाहिए जो मानवता के लिए सकारात्मक और फायदेमंद हो। यह बयान तब आया जब 29 देशों ने शंघाई में 'वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन' बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह एक स्वतंत्र अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन होगा जिसका मुख्यालय इसी शहर में होगा। इस कदम ने AI गवर्नेंस और विकास पर व्यापक सहयोग के लिए चीन की कोशिशों को एक अंतरराष्ट्रीय आयाम दिया।
शी ने यह भी कहा कि अगले पांच सालों में चीन विकासशील देशों में AI के विकास में मदद करेगा। इन देशों में 'एसोसिएशन ऑफ़ साउथईस्ट एशियन नेशंस' (ASEAN), अरब लीग, शंघाई सहयोग संगठन, अफ़्रीकी संघ, लैटिन अमेरिका और ब्रिक्स (BRICS) देशों के सदस्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चीन 5,000 AI रिसर्च प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ ट्रेनिंग, सेमिनार प्रोग्राम और सहयोग केंद्र भी उपलब्ध कराएगा। इससे पहले, सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, 29 देशों ने 'वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन' (विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहयोग संगठन) बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर किए। चीन के अलावा कज़ाकिस्तान, लाओस, पाकिस्तान, रूस और इंडोनेशिया जैसे देशों के प्रतिनिधियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए और संगठन के संस्थापक सदस्य बने। हस्ताक्षर समारोह में मौजूद देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी शामिल थे। समझौते के अनुसार, यह संगठन संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों को बनाए रखेगा, साझा लाभ के लिए व्यापक विचार-विमर्श और संयुक्त योगदान का समर्थन करेगा, और लोगों पर केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएगा।