Yash Chopra Death Anniversary: यश चोपड़ा ने रोमांस के जादूगर बने फिल्म इंडस्ट्री पर किया राज, जानिए रोचक बातें

By अनन्या मिश्रा | Oct 21, 2024

आज ही के दिन यानी की 21 अक्तूबर को फिल्म निर्माता यश चोपड़ा का निधन हो गया था। हिंदी सिनेमा में जितनी पहचान अभिनेताओं और अभिनेत्रियों को मिलती है। उतनी पहचान फिल्मों का निर्देशन करने वाले निर्देशकों को नहीं मिलती है। यश चोपड़ा ने अपनी फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में रोमांस को परिभाषित किया। यश चोपड़ा का नाम सुनकर बड़े-बड़े अभिनेता भी उनकी फिल्मों में काम करने के लिए तैयार हो जाते थे। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर यश चोपड़ा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

अंग्रेजों के शासन काल के दौरान 27 सितंबर 1932 को लाहौर में यश चोपड़ा का जन्म हुआ था। वहीं साल 1945 में उनकी फैमिली पंजाब के लुधियाना में आकर बस गया। पढ़ाई के दौरान यश चोपड़ा इंजीनियर बनना चाहते थे। वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए लंदन भी जाना चाहते थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। ऐसे में वह मुंबई आकर अपने बड़े भाई बीआर चोपड़ा से उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखने लगे।

इसे भी पढ़ें: Kishore Kumar Death Anniversary: मरने की एक्टिंग करते-करते सच में दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए थे सिंगर किशोर कुमार

पहली फिल्म 

बता दें कि साल 1959 में यश चोपड़ा की पहली फिल्म 'धूल का फूल' आई। यह फिल्म अवैध संबंधों के भावों को जागृत करने वाले नाटक पर आधारित थी। इस फिल्म के बाद हिंदी फिल्म निर्माता को वह निर्देशक मिला, जिसने एक से बढ़कर एक कालजयी और यादगार फिल्में बनाईं। बी आर चोपड़ा और यश चोपड़ा ने मिलकर 60 के दशक में कई और सफल फिल्में बनाईं। 

फिल्म प्रोडक्शन कंपनी

साल 1973 में यश चोपड़ा ने अपने फिल्म प्रोडक्शन कंपनी 'यश राज फिल्म्स' की स्थापना की। इसके बाद यश चोपड़ा को कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वहीं उन्होंने कई यादगार फिल्मों का निर्देशन और निर्माण किया। यश चोपड़ा की यादगार फिल्मों में 'दीवार', 'डर', 'दाग', 'त्रिशूल', 'दिल तो पागल है', 'वीर जारा', 'जब तक है जान' जैसी कई अन्य फिल्में शामिल हैं।

पुरस्कार

दिग्गज फिल्म निर्देशक यश चोपड़ा के नाम कई पुरस्कार हैं। फिल्म निर्देशक के नाम 6 राष्ट्रीय पुरस्कार और 8 फिल्मफेयर पुरस्कार हैं। इसके अलावा यश चोपड़ा को दादासाहेब फाल्के और पद्म भूषण से भी नवाजा गया। उनके नाम फिल्मफेयर में बेस्ट डायरेक्टर कैटेगरी में सबसे ज्यादा बार नॉमिनेट होने का भी रिकॉर्ड है। इस कैटिगरी में यश चोपड़ा को 14 बार नॉमिनेशन भी मिला है। साथ ही यश चोपड़ा को स्विट्जरलैंड से काफी लगाव था, उन्होंने अपनी कई फिल्मों स्विट्जरलैंड की खूबसूरती दिखाई है। जिसकी वजह से वहां पर टूरिज्म को बढ़ावा मिला। इस कारण स्विट्जरलैंड सरकार ने वहां पर यश चोपड़ा की कांस्य की 250 किलो वजन वाली मूर्ति लगवाई है। वहीं स्विट्जरलैंड में यश चोपड़ा के नाम से एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई और उनके नाम पर एक सड़क भी है।

निधन

यश चोपड़ा को रोमांस का जादूगर भी कहा जाता था। उन्होंने दुनिया से जाते-जाते भी लोगों के सामने एक प्रेम कहानी पेश की थी। साल 2012 में आई फिल्म 'जब तक है जान' यश चोपड़ा की आखिरी फिल्म थी। लेकिन इससे पहले 21 अक्तूबर 2012 को यश चोपड़ा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। 

प्रमुख खबरें

Hindustan Zinc में Stake Sale की तैयारी, ₹80,000 करोड़ का Disinvestment Target पूरा करेगी सरकार

Womens Asia Cup से पहले Pakistan को बड़ा झटका, Najiha Alvi चोटिल होकर बाहर, Sadaf Shamas की हुई एंट्री

England Cricket में बड़ा बवाल, Nightclub के बाहर हथकड़ी में दिखे Brydon Carse टेस्ट मैच से बाहर

हरियाणा में Godrej Group का मेगा प्लान, 20,000 करोड़ के Investment से खुलेंगे 40,000 Jobs के नए द्वार