30 साल पुराने मामले में अपनी पैरवी खुद करेगा यासीन मलिक, कहा- नहीं चाहिए किसी वकील की मदद

By अंकित सिंह | Sep 06, 2021

भारतीय वायु सेना के चार कर्मियों की हत्या और तत्कालीन गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी डॉक्टर रुबिया सईद के अपहरण मामले में विशेष अदालत में शनिवार को जिरह की प्रक्रिया शुरू हुई। इस मामले में अब तक यासीन मलिक आरोपी है। तिहाड़ जेल में बंद प्रतिबंधित जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुआ। अदालत में पेश होने के बाद उसने न्यायाधीश से कहा कि वह किसी वकील की मदद नहीं लेना चाहेगा। वह स्वयं गवाहों से जिरह करना चाहेगा।

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आपको बता दें कि पूरा मामला 25 जनवरी 1990 का है। भारतीय वायु सेना के 4 जवानों की हत्या में मलिक और छह अन्य के खिलाफ पिछले साल 16 मार्च को आरोप तय किए गए थे। अन्य आरोपियों में अली मोहम्मद मीर, मंजूर अहमद सोफी उर्फ मुस्तफा, जावेद अहमद मीर उर्फ नलका, शौकत अहमद बख्शी, जावेद अहमद जरगर और नानाजी शामिल है। अगस्त 1990 में सीबीआई ने वायुसेना कर्मियों की हत्या में आरोप पत्र दायर किया था।

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