By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 19, 2026
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को दक्षिणी यमन में सरकारी सैन्य बल के एक शिविर पर हमला किया, जिसमें 53 सैनिकों की मौत हो गई। सैन्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि विद्रोहियों ने दक्षिणी प्रांत शबवा में अल-अलम सैन्य शिविर पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया।
इस भीषण हमले में प्रशिक्षण और तैयारी के दौर से गुजर रहे नए रंगरूटों को निशाना बनाया गया। बयान में यमन के राष्ट्रपति, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन और सरकार से शबवा की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए हवाई रक्षा और शुरुआती चेतावनी प्रणाली जल्द उपलब्ध कराने की अपील की गई। इसमें यह भी कहा गया कि प्रांत के दो सरकारी अस्पतालों और अन्य निजी स्वास्थ्य केंद्रों को घायलों का इलाज करने तथा जरूरत पड़ने पर गंभीर रूप से घायल लोगों को विशेष चिकित्सा इकाइयों में भेजने का निर्देश दिया गया है।
सत्तारूढ़ राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख राशद अल-अलीमी ने इस हमले का ‘‘कड़ा जवाब’’ देने का संकल्प जताया। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाली समाचार एजेंसी ‘सबा’ की खबर में दावा किया गया कि विद्रोहियों के हमले में दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए। हालांकि इस बारे में और जानकारी नहीं दी गई।
प्रांतीय राजधानी अटाक के उत्तर में जरदान जिले में स्थित यह शिविर पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के समर्थन वाले लड़ाकों के समूह के नियंत्रण में था। यहां से सरकार के नियंत्रण वाले मारिब प्रांत तक जाने वाला मार्ग गुजरता है। यह मार्ग सरकारी बलों के लिए महत्वपूर्ण आपूर्ति मार्गों में से एक है।
एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि हमले में निशाना बनाए गए जवान ‘रैपिड इंटरवेंशन’ नामक नवगठित बल का हिस्सा थे, जिसे इलाके की रक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि रविवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाली सेनाओं के हवाई हमले में यमन के विद्रोहियों के कब्जे वाले उत्तरी सादा प्रांत में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। यमन में गृहयुद्ध के दौरान सऊदी अरब द्वारा सरकार का समर्थन किए जाने के कारण हूती विद्रोहियों ने हाल के हफ्तों में सऊदी अरब पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं।