बेलारूस में था प्रिगोझिन का बॉडी डबल! रहस्य बना वैगनर चीफ का ठिकाना, कहीं रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन के खिलाफ बड़ी साजिश तो नहीं?

By अभिनय आकाश | Jul 08, 2023

वैगनर बॉस येवगेनी प्रिगोझिन को कथित तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ उनके भाड़े के समूह के संक्षिप्त विद्रोह के बाद बेलारूस में निर्वासित कर दिया गया था। बाद की रिपोर्टों से पता चला कि भाड़े के समूह के चीफ को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में देखा गया था। लेकिन, पेंटागन के एक अनाम अधिकारी ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि तख्तापलट की असफल कोशिश के बाद येवगेनी प्रिगोझिन वास्तव में रूस में थे। अधिकारी ने एनवाईटी को बताया कि ऐसा प्रतीत करने के लिए कि वह रूस से भाग गए है, हो सकता है कि उनके बॉडी डबल को नियुक्त किया गया हो।

अधिकारी ने दावा किया कि वैगनर के किसी भी सैनिक को बेलारूस नहीं भेजा गया और अधिकांश अभी भी पूर्वी यूक्रेन में हैं। ऐसा तब हुआ जब बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने संवाददाताओं से कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि वैगनर लड़ाके बेलारूस आएंगे या नहीं, क्योंकि उन्होंने पहले उन्हें देश में एक रेगिस्तानी सैन्य अड्डे की पेशकश की थी। उन्होने कहा कि जहां तक ​​प्रिगोझिन की बात है, वह सेंट पीटर्सबर्ग में है। वह बेलारूस के क्षेत्र में नहीं है। अलेक्जेंडर लुकाशेंको की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रेमलिन ने कहा कि वह प्रिगोझिन के मूवमेंट को ट्रैक नहीं कर रहे हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि नहीं हम उनके कदमों को ट्रैक नहीं कर रहे हैं। हमारे पास ऐसा करने की न तो क्षमता है और न ही इच्छा है। 

इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi Exclusive: Xi Jinping ने Putin को Ukraine पर परमाणु हमला करने से क्यों रोक दिया?

तो येवगेनी प्रिगोझिन कहाँ है?

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, येवगेनी प्रिगोझिन का ठिकाना एक रहस्य बना हुआ है। वैगनर प्रमुख के निजी जेट ने जून के अंत में बेलारूस के लिए उड़ान भरी, लेकिन उसी शाम रूस लौट आए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि उन्हें सेंट पीटर्सबर्ग और मॉस्को के बीच कई उड़ानें ली। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी कि प्रिगोझिन विमान में थे या नहीं? येवगेनी प्रिगोझिन ने शीर्ष रूसी रक्षा अधिकारियों के खिलाफ कई सार्वजनिक बयान देने के बाद 24 जून को क्रेमलिन के खिलाफ तख्तापलट का ऐलान किया था। भाड़े के समूह ने रोस्तोव-ऑन-डॉन पर कब्ज़ा कर लिया लेकिन यह कहते हुए आगे नहीं बढ़े कि वे रूसी खून बहाने से बचना चाहते थे।

प्रमुख खबरें

Beleghata Assembly Seat: TMC के गढ़ बेलेघाटा में हैट्रिक के बाद बदला चेहरा, Kunal Ghosh की राह में BJP की चुनौती

Atal Pension Yojana ने बनाया नया Record, Modi सरकार की इस Scheme पर 9 करोड़ लोगों ने जताया भरोसा

CDRI Report का बड़ा खुलासा: सड़क, रेलवे, पावर सेक्टर Disaster Risk से निपटने में फेल, बड़ा खतरा

Panihati Assembly Election: West Bengal की Panihati सीट पर BJP का इमोशनल कार्ड, पीड़िता की मां ने बदला चुनावी समीकरण