Yoga Day 2024: महिला सशक्तिकरण के लिए योग जरुरी है

By डॉ. शंकर सुवन सिंह | Jun 20, 2024

नारी राष्ट्र का अभिमान है। नारी राष्ट्र के विकास की नींव है। नारी सृष्टि की सुंदरता का अनमोल उपहार है। संस्कृत में एक श्लोक है- यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः। अर्थात्, नारी की पूजा जहां होती है, वहां देवता निवास करते हैं। भारतीय संस्कृति में नारी के आदर को महत्व दिया गया है। लगभग सभी धर्मों में नारी सशक्तिकरण का उदाहरण देखने को मिलता है। वैदिक साहित्य में नारी को अत्यंत गरिमामयी स्थान प्रदान किया गया है। धर्म ग्रन्थ वेद महिलाओं को परिवार की सम्राज्ञी कहते हैं। महिलाएं देश की शासिका बनने का अधिकार रखती हैं। 

इसे भी पढ़ें: International Yoga day 2024: योग को न जोड़ें व्यवसाय और राजनीति से?

संयुक्त परिवार की शक्ति का केंद्र बिंदु महिलाएं ही हैं। महिलाएं सशक्त होंगी तो परिवार भी सशक्त होगा। योग परिवार को जोड़ने का काम करता है। योग अर्थात जोड़ना। महिलाएं, योग के द्वारा परिवार, समाज और देश में एकता को बल प्रदान करती हैं। योग एक होने का ही नाम है। एकता का सूत्र, योग के द्वारा ही संभव है। महिलाएं योग के द्वारा संतुलित जीवनशैली को प्रोत्साहित करती हैं। योग से महिला सशक्तिकरण को बल मिलता है। नारी सशक्त बनेगी तो देश सशक्त बनेगा। योग, महिला सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली साधन है। योग, महिला सशक्तिकरण का केंद्र बिंदु है। अतएव हम कह सकते हैं कि योग, महिलाओं को एकता के सूत्र में पिरोता है। 

- डॉ. शंकर सुवन सिंह

असिस्टेंट प्रोफेसर

फ़ूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग

सैम हिग्गिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज,

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)

प्रमुख खबरें

155 एयरक्राफ्ट, किसी ने लीक किया प्लान, ट्रंप ने ईरान में चलाए गए ऐतिहासिक रेस्क्यू की कहानी सुनाई

West Asia में तनाव घटाने की बड़ी कोशिश, Iran-USA के बीच Ceasefire प्रस्ताव पर पाकिस्तान की मध्यस्थता

Iran में अमेरिकी बचाव अभियान बना चेतावनी, जमीनी कार्रवाई पर उठे बड़े सवाल

Sathankulam Custodial Death केस में 9 Policeकर्मियों को फांसी, Madurai कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला।