By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 28, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हर युवा को उसकी योग्यता, रुचि और क्षमता के अनुरूप सीखने, अवसर पाने, उद्यम करने और आगे बढ़ने का भरपूर अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘डबल इंजन’ सरकार ने प्रदेश में अनुकूल माहौल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में शिक्षा और कौशल विकास से लेकर आधारभूत अवसंरचना, निवेश, स्टार्टअप, एमएसएमई और उद्योग तक एक ऐसी व्यापक परिस्थितिकी विकसित की है जो युवाओं की क्षमता को अवसर, अवसर को रोजगार और रोजगार को आर्थिक समृद्धि में बदलने में सहायक हो सकती है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के पांचवें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पास क्षमता की कोई कमी नहीं है। हमारे पास विशाल युवा शक्ति, कृषि शक्ति, उद्यमिता, प्राकृतिक संसाधन और समृद्ध ज्ञान परंपरा है। आवश्यकता इन सभी को एक दिशा, एक अनुकूल पारिस्थितिकी और नए अवसर से जोड़ने की है।
पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने इसी दिशा में बदलाव की मजबूत नींव तैयार की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी शिक्षा की यात्रा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य ऐसे सक्षम युवा तैयार करना है जो अपने ज्ञान और कौशल से अवसर पैदा कर सकें।
अवसर को रोजगार में और रोजगार को प्रगति में बदल सकें। विद्यार्थी केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए नहीं बल्कि वास्तविक समस्याओं को समझने और उसका समाधान निकालने का माध्यम बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास भारत की हजारों वर्षों की ऋषि परंपरा की ज्ञान की एक बड़ी धरोहर है।
ज्ञान की उस विरासत को आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने स्वास्थ्य को जीवन के रूप में देखा है। योग, आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, जड़ी-बूटी, पारंपरिक कृषि ज्ञान के रूप में हमारे पास हजारों वर्षों की विरासत मौजूद है।
अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के साथ हजारों वर्षों का भारतीय ज्ञान भविष्य के नवोन्मेष, नए अवसर और नयी अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन सकता है। स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री एवं अन्य अभ्यागतों का स्वागत करते हुए एमजीयूजी के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल ने कहा कि युगों-युगों से गोरक्षपीठ मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि स्थापना के पांच वर्ष में ही यहां पाठयक्रम की संख्या 12 से बढ़कर 53 हो गई है।