#PFIBan | योगी आदित्यनाथ का बयान, PFI पर प्रतिबंध सरकार का बड़ा कदम, ये न्यू इंडिया है, आतंक बर्दाश्त नहीं करेगा

By रेनू तिवारी | Sep 28, 2022

सरकार ने कथित रूप से आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता और आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठनों से ‘‘संबंध’’ होने के कारण ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) व उससे संबद्ध कई अन्य संगठनों पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है। पिछले काफी दिनों ने ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही हैं। अब तक देश के अलग-अलग राज्यों में 378 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका हैं। लगातार छापेमारी में पुलिस और जांच एजेंसियों कों संदिग्ध चीजें मिली हैं जिसके कारण अब केंद्रीय गृहमंत्रालय ने पीएफआई को बैन कर दिया है। 

वहीं  इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग विधायक एमके मुनीर ने कहा है कि अगर यह सही कदम है तो हम #PFIban का स्वागत करते हैं। लेकिन हमें सेक्युलर तरीके से आरएसएस के खिलाफ भी लड़ना है। प्रतिबंध सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है। पहले सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) पर प्रतिबंध लगा था।

 

इससे पहले महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने देश की अखंडता, संप्रभुता और कानून व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश करने वाले पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने एक बयान जारी करके फैसले का समर्थन किया और कहा 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाने वाली PFI को देश में इस तरह के नारे लगाने का कोई हक नहीं है। गृह मंत्रालय उस पर कार्रवाई करेगा। केंद्र सरकार ने सही फैसला लिया है। यह देशभक्तों का देश है। सीएम ने इस फैसले के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया।

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पीएफआई और उसके नेताओं से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। आतंकवाद रोधी कानून ‘यूएपीए’ के तहत प्रतिबंधित संगठनों में ‘रिहैब इंडिया फाउंडेशन’ (आरआईएफ), ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’ (सीएफ), ‘ऑल इंडिया इमाम काउंसिल’ (एआईआईसी), ‘नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन’ (एनसीएचआरओ), ‘नेशनल विमेंस फ्रंट’, ‘जूनियर फ्रंट’, ‘एम्पॉवर इंडिया फाउंडेशन’ और ‘रिहैब फाउंडेशन (केरल)’ के नाम शामिल हैं। इस 16 साल पुराने संगठन के खिलाफ मंगलवार को सात राज्यों में छापेमारी के बाद 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया। इससे पांच दिन पहले भी देशभर में पीएफआई से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई थी और करीब 100 से अधिक लोगों को उसकी कई गतिविधियों के लिए गिरफ्तार किया गया था, जबकि काफी संख्या में संपत्तियों को भी जब्त किया गया। 

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