By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 30, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगना अवंती बाई लोधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रविवार को कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का श्रेय कोई एक व्यक्ति, पार्टी या क्षेत्र नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए पूरे भारत ने एक स्वर और एक दिशा में संघर्ष किया, जिसके सामने ब्रिटिश सत्ता का सिंहासन भी डोल उठा था। मुख्यमंत्री ने यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में जिला लोधी क्षत्रिय राजपूत सभा, लखनऊ द्वारा वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की लखनऊ में स्थापित प्रतिमा के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
यदि महिलाओं को अवसर मिले तो वे जीवन के हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं और नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती हैं। आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने जिस प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) को समाप्त करने का काम किया था, उसे उनकी सरकार ने पुनर्गठित किया है। उन्होंने कहा कि पीएसी की 54 कंपनियों को फिर से सक्रिय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने यह भी तय किया है कि पीएसी में बेटियां भी नेतृत्व करेंगी। इसके तहत तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है, जिनमें एक लखनऊ, दूसरी गोरखपुर और तीसरी बदायूं में है। उन्होंने बताया कि बदायूं में गठित महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर रखा गया है और इसका काम अंतिम चरण में है।
वहीं, लखनऊ की महिला पीएसी वाहिनी का नाम वीरांगना ऊदा देवी और गोरखपुर की महिला पीएसी वाहिनी का नाम वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर रखा गया है। आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि 50 हजार बेटियों को महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी देने की योजना भी शुरू की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रदेश के खजाने से गया एक-एक पैसा वसूल कर वापस लाया जाएगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में बना जेपीएनआईसी समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है और सपा ने इसे अपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का अड्डा जैसा बना दिया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले जयप्रकाश नारायण के नाम पर सपा शासनकाल में शुरू की गयी इस परियोजना की लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 864 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद यह अधूरा रहा।
आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि जिस काम को 18 महीने में पूरा होना था, वह दो साल बाद भी अधूरा था। केंद्र पर सपा का कब्जा रखने के लिए एक कमेटी गठित की गई, जिसमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, अखिलेश के निजी सचिव और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महापुरुष के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता।
प्रदेश सरकार अपराध व अपराधियों के साथ-साथ बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी कतई न बर्दाश्त करने की नीति पर काम कर रही है। योगी ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी के सम्मान में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ ने विधान भवन के सामने उनकी अश्वारोही प्रतिमा स्थापित कराई थी। अलीगढ़ में उनके नाम पर स्टेडियम का निर्माण भी कराया जा रहा है।
वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान लखनऊ में तिरंगा फहराने वाले अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के सम्मान में उन्नाव के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया गया है। बुलंदशहर में कल्याण सिंह की स्मृति में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया गया है। लखनऊ के कैंसर संस्थान का नाम भी बाबूजी के नाम पर रखा गया और वहां उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित कराई गई है।
उन्होंने अति पिछड़ा वर्ग लोधी समाज से जुड़े नेताओं और महापुरुषों का उल्लेख करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी हमला बोला। आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के नाम पर समाज को बांटने वाले लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि तक नहीं दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का आचरण महापुरुषों के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।
इस समारोह को केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्य सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह और संदीप सिंह समेत कई प्रमुख नेताओं ने भी संबोधित किया।