By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 06, 2026
(फाइल फोटो के साथ) लखनऊ, छह अक्टूबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर तथा कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में निवेश के साथ अब मोबाइल फोन ‘असेंबल’ करने से आगे बढ़कर माइक्रोचिप बनाने और भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की नींव रखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ असेंबली से एआई तक: नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान...पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश की असीमित क्षमता का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि इसे बीमारू ही बनाए रखा। आज साढ़े नौ वर्षों के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक घटक के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है।
क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था। जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार की और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा? ’’ आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य ने अपनी ‘एआई प्रज्ञा’ पहल के तहत 10 लाख युवाओं को उभरती प्रौद्योगिकियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि वह मंगलवार को लखनऊ में एचसीएलटेक की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। ‘एचसीएल गुवी इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर’ की शुरुआत का साक्षी बनेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ यह ‘नए उत्तर प्रदेश’ की नई उड़ान है।