By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 06, 2021
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने माफियाओं और गैंगस्टरों की कमर तोड़ने और उनकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए राज्य में उनकी 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति को जब्त करने या ध्वस्त करने की कार्रवाई की है। अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), कानून व्यवस्था, प्रशांत कुमार ने बताया कि माफियाओं और गैंगस्टरों की कमर तोड़ने और उनकी आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के विशेष अभियान में, हमने उनकी 1,848 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति के जब्तीकरण/ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। यह एक रिकॉर्ड है क्योंकि पहले कभी इस तरह की कार्रवाई नहीं की गई थी।
उन्होंने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई उनमें पूर्व सांसद अतीक अहमद, बसपा विधायक मुख्तार अंसारी, सुंदर भाटी, ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह शामिल हैं। गुजरात की साबरमती जेल में बंद माफिया अतीक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसके गिरोह के 89 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया और 325 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर ध्वस्त कर दिया गया है और उसके द्वारा कब्जाई गई जमीन को भी मुक्त करा लिया गया है। उन्होंने बताया कि कि उसके गिरोह के 60 सदस्यों के हथियारों के लाइसेंस भी रद्द कर दिए गए हैं। बांदा जेल में बंद माफिया व बसपा विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुये पुलिस ने 194 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की और गिरोह के 244 सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि अंसारी गिरोह के 122 सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिए गए जबकि 158 को गिरफ्तार भी किया गया। इसी तरह वर्तमान में सोनभद्र जेल में बंद पश्चिम यूपी के गैंगस्टर सुंदर भाटी के खिलाफ कार्रवाई करते हुये पुलिस ने 63 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की और उसके गिरोह के सदस्यों के चार हथियार लाइसेंस रद्द कर दिए। बलिया जेल में बंद कुंटू सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुये पुलिस ने 17.91 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की है या उसे ध्वस्त किया है।
एडीजी कुमार ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और पुलिस ऐसे तत्वों के खिलाफ अदालतों में उनकी दोषसिद्धि के लिए मामलों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि लखनऊ के ओम प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू श्रीवास्तव, मुजफ्फर नगर के संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा, गौतम बौद्ध नगर के सुंदर भाटी और सिंहराज भाटी जैसे कुख्यात अपराधियों के मामले में पुलिस ने अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा जिस कारण इन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी।