By अंकित सिंह | Feb 12, 2026
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को मौजूदा संसद सत्र के दौरान अपने खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव की संभावना से जुड़े सवालों को लेकर मीडिया के कुछ वर्गों पर जमकर निशाना साधा। सरकार द्वारा विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की योजना के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में गांधी ने कहा कि आप पूरी तरह से भाजपा के गुलाम नहीं हैं। कम से कम थोड़ा तो निष्पक्ष होकर काम करने की कोशिश कीजिए, यह बेहद शर्मनाक है… हद हो गई है। आप जिम्मेदार लोग हैं। आप मीडियाकर्मी हैं, निष्पक्ष रहना आपकी जिम्मेदारी है। आप सिर्फ उनकी दी हुई बात को मानकर अपना पूरा कार्यक्रम नहीं चला सकते… आप इस देश का अपमान कर रहे हैं।
उनकी ये टिप्पणी संसद में जारी राजनीतिक खींचतान के बीच आई है, जिसमें विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्य हालिया विवादों को लेकर तीखी बहस में उलझे हुए हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ सदन को कथित तौर पर गुमराह करने और बेबुनियाद बयान देने के आरोप में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाएगा। रिजिजू ने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रस्ताव कब लाया जाएगा या कौन इसे शुरू करेगा, हालांकि यह माना जा रहा है कि लोकसभा में सत्ता पक्ष का कोई सदस्य इसे शुरू कर सकता है।
यह घटनाक्रम गांधी द्वारा केंद्रीय बजट पर बहस के दौरान भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के माध्यम से सरकार पर "भारत माता को बेचने" का आरोप लगाने के बाद सामने आया है। उन्होंने समझौते को पूरी तरह से आत्मसमर्पण बताते हुए आरोप लगाया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका को सौंप दी गई है और किसानों के हितों से समझौता किया गया है। गांधी ने कहा कि अगर इंडिया गठबंधन की सरकार ने व्यापार समझौते पर बातचीत की होती, तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भारत को बराबरी का दर्जा देने के लिए कहती। उन्होंने हालिया व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा, “आपने भारत को बेच दिया है। क्या आपको भारत को बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी माता, भारत माता को बेच दिया है।”