लोगों को मारकर नहीं निकाल सकते समाधान...इजरायल पर भयंकर भड़क गए जेडी वेंस

By अभिनय आकाश | Jun 19, 2026

अमेरिकन वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने इजराइल के कुछ नेताओं की खुले शब्दों में आलोचना की और उन्हें कुछ समझाइश दी है। यह कहीं ना कहीं दिखलाता है कि अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान को लेकर मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। अमेरिका ने खुले मंच से क्या पहली बार इजराइल को यह मैसेज दे दिया है कि सिर्फ मिलिट्री का इस्तेमाल करके हर समस्या का हल नहीं निकलता। 17 जून को यूएस प्रेसिडेंट  ट्रंप और ईरान के प्रेसिडेंट मसूद प्रजिशियान के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी एमओयू पर साइन किया गया। ये सिग्नेचर्स दोनों राष्ट्र अध्यक्षों ने बगैर मुलाकात के किए और उन साइन डॉक्यूमेंट्स को इलेक्ट्रॉनिकली एक दूसरे के साथ शेयर किया गया। एक्सचेंज किया गया। इसलिए इसे इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर वाला एमओयू कहा जा रहा है। इस एमओयू का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को खत्म करना और वेस्ट एशिया या मिडिल ईस्ट में तनाव कम करना है। लेकिन इजराइल के राइट विंग मंत्री बैजलेल स्मट्रच और इतामार बनग्वर इस एग्रीमेंट से खुश नहीं है। उनका मानना है कि ईरान की मिलिट्री और न्यूक्लियर काबिलियत को पूरी तरह खत्म किए बगैर किसी समझौते का कोई मतलब नहीं है। इस बात की ग्रेविटी तब और ज्यादा बढ़ जाती है जब इसे इजराइल के कोई आम नेता नहीं बल्कि नेतन्या सरकार के मंत्री कह रहे हो। बेसलेल स्मोट्रेच इजराइल के वित्त मंत्री हैं। जबकि इतामार बनगवीर नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर हैं इजराइल के।

दोनों ही पीएम नेतन्याहू की सरकार में बेहद बड़े पदों पर हैं।  इसलिए उनके इस रुख को लेकर यूएस के वाइस प्रेसिडेंट जे डी वेंस से भी सवाल किया गया। जिस पर न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में जेडी वेंस कहते हैं आपका यानी इजराइल का असल प्रपोजल है क्या? आप 90 लाख आबादी वाले देश हैं। आप अपने हर नेशनल सिक्योरिटी इशू का समाधान लोगों को मार कर नहीं निकाल सकते। यानी जेडी वेंस ने इजराइली नेताओं को साफ-साफ यह समझाइश दे दी है कि आप 90 लाख आबादी वाले तो देश हैं और अपना दुश्मनों को मारकर दिक्कतों का हल निकालने की कोशिश करते हैं। कोई भी देश अपनी हर ही राष्ट्रीय सुरक्षा समस्या का समाधान इस तरह नहीं कर सकता। इसलिए अमेरिका ने ईरान के साथ मिलकर ये एमओयू साइन किया है। जिस एमओयू से इजराइल को इतनी आपत्ति है, जरा उसे भी समझते हैं कि उसमें है क्या-क्या और क्या-क्या तय हुआ है। इसमें स्टेट ऑफ हॉर्मोस को दोबारा खोलने पर सहमति बनी है। ईरानी बंदरगाहों पर लगा अमेरिकन नेवल ब्लॉकेड हटाया जाएगा। यह भी कहा गया है लेबनान समेत सभी मोर्चों पर टकराव खत्म करने की बात कही गई है। ईरान के फॉसिल फ्यूल जैसे ऑयल और नेचुरल गैस उसके एक्सपोर्ट पर कुछ प्रतिबंधों में राहत देने की बात है। सिर्फ ऑयल और नेचुरल गैस नहीं बल्कि पूरे फॉसिल फ्यूल की यहां पर बात हो रही है। 300 अरब डॉलर का रिकंस्ट्रक्शन फंड बनाने का वादा किया गया है। ईरान की फ्रीज की हुई कुछ संपत्तियों को रिलीज करने और बाकी सेंशंस को धीरे-धीरे हटाने की बात भी इस एमओयू में शामिल है।

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इजराइल की सेना नेकहा कि दक्षिणी लेबनान में तेज संघर्ष के दौरान उसके चार सैनिकों की मौत हो गई है। सेना ने बताया कि मारे गए सैनिकों में एक लेफ्टिनेंट कर्नल शामिल है, जबकि अन्य तीन की पहचान बाद में की जाएगी। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, दक्षिणी हिस्से में रातभर हुए इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब ईरान युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत स्विटजरलैंड में होने जा रही ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित वार्ता स्थगित कर दी गई है। खबरों के अनुसार, अरब चैनल ‘अल-मयादीन’ ने बताया कि लेबनान में इजराइल के सैन्य अभियान के कारण ईरान ने भी अपने प्रतिनिधिमंडल की स्विट्जरलैंड यात्रा टाल दी है। इजराइल का कहना है कि उसे दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए रखनी होगी और हिज्बुल्ला के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी क्योंकि यह संगठन उत्तरी इजराइल पर हमले करता रहा है।

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