उत्तर कोरिया में लोकतंत्र की अपनी परिभाषा, चुनाव से पहले नतीजे तय

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 10, 2019

प्योंगयांग। उत्तर कोरियाई लोकतंत्र की एक नई परिभाषा गढ़ते हुए रविवार को अनोखे चुनाव कराने जा रहा है, जिसके नतीजे पहले से ही तय हैं। नेता किम जोंग-उन की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की ‘डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया’पर मजबूत पकड़ से सभी वाकिफ हैं। लेकिन दिखावे के लिए यहां हर पांच वर्ष में ‘सुप्रीम पीपुल्स असेंबली’ के चुनाव कराए जाते हैं जिसके नतीजे सब पहले से ही जानते हैं।

इसे जारी रखते हुए रविवार को यहां मतदान कराया जा रहा है।उत्तर कोरिया इस बार भी ‘‘एकचित्त एकता’’ के नारे के साथ चुनाव करा रहा है। मतदान के दौरान हर मतपत्र पर केवल एक ही स्वीकृत नाम होगा। मतदाता मत डालने से पहले नाम को काट सकते हैं लेकिन ऐसा वास्तविकता में ऐसा होता नहीं है। आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘केसीएनए’ के अनुसार पिछले साल 99.97 प्रतिशत मतदान हुआ था और केवल उन लोगों ने मतदान नहीं किया था जो देश से बाहर थे। शत प्रतिशत मतदान नामित उम्मीदवारों के पक्ष में हुआ था।

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