By अंकित सिंह | Mar 16, 2026
भारतीय युवा कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और एलपीजी की कमी की खबरों के खिलाफ 'संसद घेराव' का प्रदर्शन किया। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि यह व्यापार समझौता देश के किसानों को नुकसान पहुंचाएगा, और अगर हम किसानों को बचाना चाहते हैं, तो हमें इस व्यापार समझौते के खिलाफ लड़ना होगा। राहुल गांधी के नेतृत्व में युवा कांग्रेस इसके खिलाफ लड़ रही है।
युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ता जंतर-मंतर से ‘संसद घेराव’ करने के लिए आगे बढ़े, हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस विरोध प्रदर्शन से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं- रणदीप सिंह सुरजेवाला, सचिन पायलट और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग- ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। चिब ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यवार समझौता दबाव का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हैं और एप्सटीन फाइल के चलते भी सरकार दबाव में है। चिब ने कहा कि सरकार को इस व्यापार समझौते को रद्द करना चाहिए।
इससे पहले युवा कांग्रेस की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने संवाददाताओं से कहा था कि देश भर से पार्टी की युवा शाखा के कार्यकर्ता केंद्र की नीतियों और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर पर एकत्र होंगे। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब करेंगे। लाकड़ा ने कहा कि युवा कांग्रेस यह इस बात की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करेगी कि कैसे व्यापार समझौते से किसानों और कपड़ा क्षेत्र को नुकसान होगा तथा देश की डेटा सुरक्षा से भी समझौता होगा।
उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस के सदस्यों ने पहले एआई शिखर सम्मेलन के दौरान भी विरोध प्रदर्शन किया था। चिब और युवा कांग्रेस के कई अन्य पदाधिकारियों को पिछले महीने ‘एआई इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किया गया था। चिब और कई पदाधिकारियों को जमानत मिल चुकी है। लाकड़ा ने कहा, ‘‘सत्र न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय दोनों ने स्वीकार किया है कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का अभिन्न अंग है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में घोषित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारतीय डेटा अमेरिका तक पहुंच जाएगा और घरेलू क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।