घुटनों पर आए युनूस, भारत से गिड़गिड़ाकर मांगा डीजल, फिर जो हुआ!

By अभिनय आकाश | Jan 09, 2026

पाकिस्तान और चीन के साथ हाथ मिलाकर हिंदुओं के खिलाफ जाने वाला यूनुस अब भारत के सामने घुटने टेक रहा है। बांग्लादेश अपनी हैसियत और औकात दोनों भूल गया है। बांग्लादेश दुनिया को यह दिखा रहा है कि वो भारत से डरता नहीं है। लेकिन पर्दे के पीछे भारत से ही भीख मांग रहा है। बांग्लादेश लगातार भारत को उकसा रहा है। कभी पाकिस्तान से गले मिल रहा है तो कभी चीन के नजदीक जा रहा है तो कभी भारत के इलाकों को अपने नक्शे में दिखा रहा है। मगर सच्चाई तो यह है कि बांग्लादेश तेजी से भूखमरी की तरफ बढ़ रहा है। कट्टरपंथियों का यह देश फर्टीचर बन चुका है। तभी तो बांग्लादेश एक के बाद एक लगातार भारत से भीख मांग रहा है। ताजा मांगी भीख से पहले 500 टन चावल के लिए भी बांग्लादेश भारत के सामने खूब गिड़गिड़ाया था। इसकी कीमत करीब $355 प्रति टन है। यह चावल भी बांग्लादेश के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि बांग्लादेश यही चावल किसी और देश से अगर लेता तो उसे ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती। पाकिस्तान की गोद में बैठकर भारत के खिलाफ जहर घोलने वाले यूनुस कोच की हैसियत फिर एक बार याद आ गई है। यूनुस अब चावल के बाद भारत से नई भीख मांगने आ गया है।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान क्या बांग्लादेश को अपना 'कबाड़' फाइटर जेट चिपकाने की तैयारी में है? डील को लेकर इस्लामाबाद में हुई मीटिंग

यूनुस शायद यह भूल गया था कि भारत से आने वाला पानी, अनाज, दवा, चावल, खाना, ऊर्जा और कई मदद से ही बांग्लादेश चल रहा है। और जब भारत ने अपनी कूटनीति दिखाई तो यूनुस की चालबाजी और बांग्लादेश में उसकी हवा कुछ इस तरीके से निकल गई। अंतरिम सरकार ने बताया कि 1880 टन डीजल की लागत 119.13 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी कि बांग्लादेशी मुद्रा में लगभग 14.62 करोड़ टका तय किया गया है

इसे भी पढ़ें: Pakistan ने ट्रंप से मिलने के लिए खर्च किए 45 करोड़, आखिर खुल गया युद्ध विराम का राज

इस सौदे में प्रति बैरल डीजल का बेस प्राइस 83.22 अमेरिकी डॉलर तय किया गया हैबता दें कि बेस प्राइस अंतरराष्ट्रीय बाजार दरों के अनुसार तय किया जाता है और आयात अनुबंध और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के अनुसार बदलाव इसमें नजर आते हैंभारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है और भारत हर बार बिना किसी स्वार्थ के कई देशों की मदद करता है और यह समय-समय पर पूरी दुनिया भी देख चुकी है और बता दें कि डीजल की आपूर्ति को आसान और सस्ता बनाने के लिए भारत और बांग्लादेश के बीच बनी बांग्लादेश इंडिया फ्रेंडशिप पाइपलाइन का इस्तेमाल किया जाएगा।इस पाइपलाइन के जरिए ईंधन सीधे बांग्लादेश भेजा जाएगाजिससे परिवहन लागत कम होगी और सप्लाई अधिक स्थिर बना रहेगा

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान गाजा जाए या न जाए, हमास की इस्लामाबाद में एंट्री जरूर हो चुकी है!

डीजल आयात का यह फैसला साफ संकेत देता है कि बांग्लादेश अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए भारत को साझेदार मान रहा हैक्योंकि बांग्लादेश यह जानता है कि अगर कोई देश उसकी सबसे पहले और कम टाइम में मदद कर सकता है तो वह केवल और केवल भारत हैक्योंकि बांग्लादेश बॉर्डर मुख्य रूप से दो देशों के साथ लगती हैभारत पश्चिम उत्तर और पूर्व में बांग्लादेश के साथ में अपनी सीमा साझा करता है और वहीं म्यांमार दूसरी तरफ बांग्लादेश की सीमा साझा करता है जो दक्षिण और पूर्व से घिरी हुई है। 

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Shahid Kapoor Birthday: जब Audition के लिए मांगते थे उधार के कपड़े, आज हैं बॉलीवुड के Superstar हैं शाहिद कपूर

PM Modi Israel Visit | Benjamin Netanyahu से मिलने के लिए उत्साहित हूं, दीर्घकालिक संबंधों के मजबूत होने की आशा, पीएम मोदी का बयान

Jamia Millia Islamia का बड़ा खुलासा: निकाह व्यवस्था वाली अधिसूचना पूरी तरह फर्जी, Delhi Police में शिकायत दर्ज

Madhya Pradesh बनेगा औद्योगिक हब! रेल मंत्री Ashwini Vaishnav ने दी ₹48,000 करोड़ की परियोजनाओं और नए फ्रेट कॉरिडोर की सौगात