By अभिनय आकाश | Sep 10, 2026
रूस और यूक्रेन में चल रही जंग के बीच एक ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया। खबर यह थी कि रूसी हमले में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलस्की मरते मरते बचे। यह दावा है नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर का है। उन्होंने बताया कि यह सब तब हुआ जब वह विमान से मोलदोवा से ऑस्लो जा रहे थे। उस वक्त विमान में उनके साथ उनकी पत्नी सवार थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी दौरान रूसी ड्रोन लगभग विमान से टकराने ही वाला था। लेकिन गनीमत यह रही कि मौका रहते विमान किसी हादसे का शिकार होने से बच गया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री के दावे के मुताबिक बीते मंगलवार को जेलस्की नॉर्वे के लिए रवाना हो रहे थे और उनका विमान चिशनाऊ एयरपोर्ट से टेक ऑफ करने वाला था।
ड्रोन विमान के कितने करीब पहुंचा और आखिर रूस से हजारों किलोमीटर दूर नहीं बल्कि यूरोप के एयर स्पेस में यह खतरा कैसे पहुंच गया। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला इस वीडियो में। यह घटना 8 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। जेलेंस्की उस समय मोलदोवा में थे और वहां से नॉर्वे जाने के लिए अपने विमान में सवार हुए। इसी दौरान एक जेड पावर ड्रोन ने मलदोवा के एयर स्पेस में प्रवेश किया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास कार स्टोर ने बताया कि जेलस्की का विमान टेक ऑफ के वक्त इस ड्रोन की चपेट में आने के बेहद करीब था। यानी कि कुछ सेकंड या कुछ दूरी का फर्क होता तो यह घटना बेहद गंभीर हो सकती थी।
यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक यह ड्रोन रूसी शाहिद टाइप ड्रोन था। मोलदोवन अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन करीब शाम 4:30 बजे के बाद मोलदोआ के एयर स्पेस में घुसा। इसके बाद मोलदोवा ने एयर स्पेस को अस्थाई रूप से बंद कर दिया। ड्रोन बाद में रिसकानी जिले के माहिलनियाई वेची इलाके के पास एक खेत में जा गिरा और उसमें विस्फोट हो गया। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। लेकिन चार जगहों पर आग लगने की सूचना मिली। अब सवाल यह भी है कि क्या इस ड्रोन का निशाना जेलस्की थे? देखिए इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा सवाल यही है। यूक्रेनी अधिकारियों को शक है कि ड्रोन संभवत जेलस्की के विमान के लिए खतरा बन सकता था। विमान में मौजूद एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह रूसी शाही टाइप ड्रोन था और वह जेलस्की के विमान के बेहद करीब से गुजरा। लेकिन अभी तक ऐसी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई कि ड्रोन को खासतौर पर जेलस्की के विमान को मार गिराने के लिए भेजा गया था और रूस की तरफ से भी इस आरोप पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। जेलस्की मंगलवार शाम नॉर्वे पहुंचे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर के साथ बैठक की। इस दौरान यूक्रेन के लिए नॉर्वे की सैन्य मदद और एयर डिफेंस सिस्टम पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने नागरिक सहायता को लेकर बातचीत की।
जेलस्की ने नॉर्वे के रक्षा उद्योग से जुड़े अधिकारियों के साथ भी बैठक की थी। इसमें यूरोप के प्रस्तावित एफआरई वाई जे एयर डिफेंस सिस्टम पर चर्चा हुई। यह एक एंटीबैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम है। इसका मकसद यूरोप के आसमान को मिसाइल और ड्रोन हमलों से सुरक्षित करना है। इस घटना की गंभीरता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि मामला सिर्फ यूक्रेन तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक ड्रोन ने यूक्रेन और रोमानिया के एयर स्पेस से होते हुए मोलदोवा में प्रवेश किया। रोमानियो नाटो का सदस्य है। यानी एक रूसी ड्रोन की गतिविधि ने एक साथ यूक्रेन नाटो सदस्य रोमानिया और मोलदोवा के एयर स्पेस को प्रभावित किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्पेनिश F18 लड़ाकू विमानों ने भी रोमानिया के ऊपर ड्रोन को ट्रैक किया। यही वजह है कि इस घटना ने यूरोप की एयर सिक्योरिटी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए। यहां यह घटना कोई सामान्य घटना नहीं है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।