By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 02, 2025
सरकार ने सोमवार को कहा कि मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल के लिए अनिवार्य, निरंतर सिम-‘डिवाइस बाइंडिंग’ पर उसका ताजा निर्देश सुरक्षा खामी को दूर करने के लिए जरूरी है। इस गड़बड़ी का फायदा अक्सर सीमापार साइबर अपराधी बड़े पैमाने पर डिजिटल धोखाधड़ी करने के लिए उठा रहे हैं। बीते वर्ष 2024 में साइबर धोखाधड़ी से होने वाले नुकसान 22,800 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान लगाते हुए सरकार ने यह बात कही।
इसके साथ, ‘‘दूरसंचार साइबर सुरक्षा नियमों के तहत ये समान, लागू करने योग्य निर्देश दूरसंचार पहचानकर्ताओं के दुरुपयोग को रोकने, पता लगाने की क्षमता सुनिश्चित करने और भारत के डिजिटल परिवेश में नागरिकों के विश्वास की रक्षा करने के लिए एक उचित उपाय हैं।’’ बैंकिंग और भुगतान ऐप में ‘डिवाइस बाइंडिंग’ और स्वचालित रूप से सत्र ‘लॉगआउट’ का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है ताकि अन्य गैर-भरोसेमंद उपकरणों से खातों में सेंध लगाने या किसी प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सके।
इसी उद्देश्य से इसे ऐप-आधारित संचार मंच तक बढ़ाया गया है जो अब ‘साइबर धोखाधड़ी के केंद्र’ हैं। पिछले सप्ताह, केंद्र ने कुछ निर्देश जारी कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि व्हाट्सएप, सिग्नल, टेलीग्राम जैसे ऐप-आधारित संचार सेवाएं उपयोगकर्ता के सक्रिय सिम कार्ड से लगातार जुड़ी रहें।