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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[Offbeat Destinations for Monsoon: भीड़भाड़ से दूर सुकून की तलाश? Meghalaya और Arunachal के इन गांवों में लें आनंद]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/best-monsoon-village-destinations-in-north-east-india]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>आजकल युवाओं में घूमने-फिरने का चलन काफी बढ़ गया है। लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर किसी शांत प्लेस को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं। मानसून के समय हर कोई हरियाली से भरपूर, बादल, झरने और सुकून हो वाली जगहों पर घूमने का प्लान बनाते हैं। इस बार आप बरसात के समय भारत के कुछ खूबसूरत गांव को एक्सप्लोर कर सकते हैं।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">इस मौसम में यहां पर पहाड़ हरे रंग को हे जाते हैं, बादल घरों के बीच से गुजरने नजर आते हैं और हर तरफ आपको ताजगी का माहौल देखने को मिलता है। इस बार आप भी इन जगहों का आनंद जरुर लें। चलिए आपको इस लेख में बताते हैं मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग, नागालैंड का खोनोमा और अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली आपके लिए सबसे बेहतरीन रहने वाली है। आइए आपको बताते हैं इन तीन गांवों में ऐसा क्या खास है,जो आपको मानसून के समय जरुर विजिट करना चाहिए।</span></div><div><br></div><div><b>मावल्यान्नॉन्ग (मेघालय)</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">आपको बताते चलें कि मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग गांव अपनी साफ-सफाई के लिए दुनियाभर में काफी फेमस है। इसकी गिनती एशिया के सबसे साफ गांव में मानी जाती है। यहां पर रहने वाले सभी लोग इस गांव को हमेशा साफ रखते हैं। बरसात के मौसम में चारों तरफ हरियाली छा जाती है। पेड़-पौधे, फूल और बारिश से धुले रास्ते गांव की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। यहां आप इन जगहों पर विजिट कर सकते हैं-</span></div><div><br></div><div>- लिविंग रुट ब्रिज</div><div><br></div><div>- बांस से बना स्काई व्यू पॉइंट</div><div><br></div><div>- छोटे-छोटे झरने&nbsp;</div><div><br></div><div>- खासी गांव की लाइफस्टाइल</div><div><br></div><div><b>खोनोमा (नागालैंड)</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आप नेचर लवर हैं, नागालैंड के खोनोमा गांव में जरुर विजिट करें। यहां की नेचुरल ब्यूटी और पर्यावरण संरक्षण बेहद लोकप्रिय है। बता दें कि, इसे भारत के पहले ग्रीन विलेज में गिना जाता है। बरसात के समय यहां पर सीढ़ीदार वाली खेती, पहाड़ और जंगल के काफी खूबसूरत नजर आते हैं। बादलों से घिरे पहाड़ भी इस गांव की खूबसूरती को बढ़ा देते हैं। यहां पर इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।</span></div><div><br></div><div>- गांव में पैदल वॉक करना</div><div><br></div><div>- सीढ़ीदार खेत देखना</div><div><br></div><div>- लोकर नागा कल्चर को करीब से देख सकते हैं</div><div><br></div><div>- नेचर वॉक और बर्ड वॉचिंग&nbsp;</div><div><br></div><div><b>जीरो (अरुणाचल प्रदेश)</b></div><div><br></div><div>मानसून के समय अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली में घूमने का प्लान जरुर बनाएं। यह जगह अपनी नेचुरल ब्यूटी और अपतानी जनजाति की अनोखी कल्चर के लिए जानी जाती है। इधर मानसून के समय काफी खूबसरत लगता है। बरसात के समय धान के खेत, पहाड़ और हल्का कोहरा मिलकर ऐसा नजारा बनाते हैं, जिसे देखकर मन एकदम खुश ही हो जाती है। यहां आप क्या-क्या कर सकती हैं-</div><div><br></div><div>- हरे-भरे धान के खेतों को देख सकती हैं</div><div><br></div><div>- अपतानी जनजाति के पारंपरिक गांव को एक्सप्लोर कर सकती है</div><div><br></div><div>- खूबसूरती पहाड़ी रास्ते</div><div><br></div><div>&nbsp;- यहां लोकल बाजार और खाने का जायका लेना</div><div><br></div><div><b>मानसून के समय इन गांव में यात्रा करने से पहले जानें जरुरी बातें</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- बरसात से बचने के लिए रेनकोट और बढ़िया क्वालिटी की छतरी साथ रखें।</span></div><div><br></div><div>- इस दौरान फिसलन ज्यादा हो सकती है, इसलिए मजबूत ग्रिप वाले शूज ही पहनें।</div><div><br></div><div>&nbsp;- मौसम का अपडेट देखकर ही ट्रिप प्लान करें।</div><div><br></div><div>&nbsp;- वहां के नियमों का पालन जरुर करें।</div><div><br></div><div>- दरअसल, पहाड़ी इलाकों में शाम जल्दी हो जाती है, इसलिए समय का भी ध्यान जरुर रखें।</div><div><br></div><div>- प्लास्टिक या कचरा कहीं भी ने फेंकें, ताकि इन गांवों के सुंदरता बनीं रहे।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 16:52:37 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/best-monsoon-village-destinations-in-north-east-india</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Sikkim Travel Guide: मॉनसून में IRCTC का बड़ा तोहफा, मात्र ₹18,610 में सिक्किम और Darjeeling की सैर का मौका]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/analysis-of-irctc-sikkim-tour-package-costs]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>क्या आप भी अगस्त में घूमने का प्लान बना रहे हैं। बरसात के मौसम में घूमने का एक अलग ही मजा होता। चारों तरफ हरियाली और सुकून भरा मौसम होता है। इस बीच, भारतीय रेलवे ने अगस्त 2026 के कई टूर पैकेज को लाइव किया है। इन पैकेज की सबसे बड़ी खासियत यह ही कि इनमें भारत के फेमस हिल स्टेशन, प्राकृतिक पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक विरासत से संबंधित कई जगहों पर घूमने का अवसर प्राप्त होगा।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">मानसून के दौरान शिमला, मनाली, दार्जिलिंग, ऊटी, मुन्नार और नैनीताल जैसी जगहों पर भी इन पैकेज के जरिए मस्त घूमा जा सकता है। आइए आपको इस लेख में बताते हैं मानसून के समय घूमने का शानदार पैकेज।</span></div><div><br></div><div><b>IRCTC के अगस्त टूर पैकेज से सिक्किम जाएं घूमने</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">बारिश के मौसम में सिक्किम का नजारा देखने लायक होता है। अगस्त के महीने में यदि आप भी सुंदर पहाड़ी और बदलों के बीच खोना चाहते हैं, तो आप सिक्किम टूर पैकेज जरुर बुक करें। यहां के खूबसूरत झरने, हरे-भरे पहाड़ और करीब से उड़ते हुए बादल आपको देखने को मिल जाएंगे। वैसे यह जगह प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है, इसके साथ ही यहां पर शांति काफी देखने को मिलती है।</span></div><div><br></div><div><b>पैकेज की डिटेल्स</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- पैकेज का नाम SIKKIM SILVER</span></div><div>- पैकेज कोड: EHH121</div><div>- समय: 5 रातें/6 दिन</div><div>- पैकेज की शुरुआत: बागडोगरा / न्यू जलपाईगुड़ी</div><div>- डेस्टिनेशन (घूमने की जगहें): दार्जिलिंग / गंगटोक / कलिम्पोंग&nbsp;</div><div>- पैकेज की शुरुआत: 03 अगस्त 2026</div><div>- यात्रा कैसे होगी? बस</div><div><br></div><div><b>सिक्किम टूर पैकेज फीस क्या है?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि सिक्किम में गाड़ियों का किराया काफी ज्यादा होता है, ऐसे में आप पैकेज से जाएंगी ,तो आपको काफी फायदा मिलेगा। इस पैकेज में आपको 5 रातें/6 दिन के लिए होटल, घूमना-खाना और इंश्योरेंस जैसी तमाम सुविधाएं इसमें शामिल है। वैसे आप अलग बुक करेंगी तो आपको काफी महंगा पड़ सकता है।</span></div><div><br></div><div><b>पैकेज फीस</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- 2 लोगों के साथ यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति फीस ₹29,350 है।</span></div><div><br></div><div>- 3 लोगों के साथ यात्रा करने पर पैकेज फीस प्रति व्यक्ति ₹22,700 है।</div><div><br></div><div>- 4 लोगों का ग्रुप: ₹22,500 प्रति व्यक्ति</div><div><br></div><div>- 6 लोगों का ग्रुप: ₹18,610 प्रति व्यक्ति</div><div><br></div><div><b>Deluxe कैटेगरी</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- 2 लोगों के साथ यात्रा करने पर ₹37,350 प्रति व्यक्ति फीस होगी।</span></div><div><br></div><div>- 3 लोगों के साथ यात्रा करने पर ₹28,700 प्रति व्यक्ति फीस देनी होगी।</div><div><br></div><div>- 4 लोगों का ग्रुप: ₹30,500 प्रति व्यक्ति</div><div><br></div><div>-6 लोगों का ग्रुप: ₹26,610 प्रति व्यक्ति</div><div><br></div><div><b>सिक्किम पैकेज में क्या सुविधाएं मिल रही हैं?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, पिक-सीजन के मुकाबले प्रति व्यक्ति 8000 से 10,000 रुपये की सीधी बचत देखने को मिलेगी। इसके अतिरिक्त कई जगहों के लिए परमिट बनवाना पड़ता है। इस पैकेज को बुक करने से ट्रांसपोर्ट और होटल का मैनेजमेंट टूर कंपनी करती है। इसलिए आपका समय और मेहनत दोनों ही बच जाएंगे।</span></div><div><br></div><div>- होटल प्रति व्यक्ति के अनुसार है।</div><div><br></div><div>- जहां भी आप इस पैकेज में घूमने जाएंगे, वहां आप शेयरिंग वाहन से जाएंगे।</div><div><br></div><div>- नाश्ता और रात का भोजन शामिल है।</div><div><br></div><div>- इस पैकेज में आपको यात्रा बीमा भी मिलेगा।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 17:17:37 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/analysis-of-irctc-sikkim-tour-package-costs</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Travel Tips: मानसून में Landslide का खतरा? सुरक्षित सफर के लिए बेस्ट हैं ये 4 Hill Stations, पढ़ें Travel Tips]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/landslide-threat-during-monsoon-these-hill-stations-best-for-safe-journey-read-our-travel-tips]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>देश के ज्यादातर राज्यों में मानसून ने दस्तक दे दी है। कई जगहों पर बारिश से मौसम बेहद सुहावना हो गया है। तो कहीं बादल आफत बनकर बरसते हैं, तो कई पहाड़ी इलाकों पर लैंडस्लाइड, सड़कें बंद होने की समस्याएं देखने को मिल रही है। ऐसे में अगर आप भी इन जगहों पर घूमने की प्लानिंग कर रहे थे, तो इस यात्रा को टालना बेहतर होगा। लेकिन अच्छी बात यह है कि आपको अपनी छुट्टियां पूरी तरह से कैंसिल करने की जरूरत नहीं है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 4 ऐसे हिल स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं कि मानसून के दौरान आप इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। वहीं यह जगहें सेफ भी हैं और आपकी ट्रिप भी यादगार बनेगी।</div><div><br></div><h2>शिमला</h2><div>मॉनसून में घूमने के लिए शिमला अच्छी जगह है। पहाड़ों की रानी कहलाने वाला शिमला मॉनसून के दौरान बेहद खूबसूरत नजर आता है। यहां पर आप जाखू मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। चाय के साथ पहाड़ों पर तैरते बादलों और मनमोहक नजारों का आनंद ले सकते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/plan-trip-to-these-hill-stations-in-tamil-nadu-during-monsoon-season-it-remember-forever" target="_blank">Travel Tips: मानसून सीजन में बना लें तमिलनाडु के इन 5 हिल स्टेशंस का प्लान, हमेशा कि लिए यादगार बन जाएगी ट्रिप</a></h3><div><br></div><h2>कूनूर</h2><div>मॉनसून में आप तमिलनाडु में स्थित कुनूर भी घूमने के लिए जा सकते हैं। यह एक बेहद खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन है। यहां पर हरे-भरे चाय के बागान और भी अधिक खूबसूरत दिखते हैं। यहां पर सिम्स पार्क एक्सप्लोर कर सकते हैं। इसके अलावा आप लैम्ब्स रॉक और डॉल्फिन्स नोज जैसे शानदार नजारों का आनंद ले सकते हैं। वहीं आप फेमस नीलगिरि रेलवे की सवारी का मजा ले सकती हैं। अगर आप भी फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है।</div><div><br></div><h2>माउंट आबू</h2><div>बारिश के मौसम में आप माउंट आबू भी घूमने जा सकते हैं। यह राजस्थान का ऐसा हिल स्टेशन है, जो बारिश के मौसम में हरियाली से खिल उठता है और इसकी खूबसूरती भी देखने लायक होती है। ऐसे में अगर आप भी किसी ऐसी जगह घूमने जाना चाहते हैं, जहां पर लैंडस्लाइड न हो। तो यह एक परफेक्ट जगह है।</div><div><br></div><h2>सापुतारा</h2><div>मॉनसून में शांति का अनुभव करने के लिए आप गुजरात के सापुतारा हिल स्टेशन को एक्सप्लोर कर सकते हैं। बारिश के मौसम में इस हिल स्टेशन की खूबसूरती दोगुनी हो जाती है। वहीं यहां की हरियाली और झरनों की खूबसूरती आपका दिल जीत लेगी। सातपुरी झील में आप बोटिंग भी कर सकते हैं। वहीं रोपवे की सवारी कर शानदार दृश्य देख सकते हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 16:08:25 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/landslide-threat-during-monsoon-these-hill-stations-best-for-safe-journey-read-our-travel-tips</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[Travel Tips: मानसून सीजन में बना लें तमिलनाडु के इन 5 हिल स्टेशंस का प्लान, हमेशा कि लिए यादगार बन जाएगी ट्रिप]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/plan-trip-to-these-hill-stations-in-tamil-nadu-during-monsoon-season-it-remember-forever]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>तमिलनाडु का नाम सुनकर अक्सर लोगों के मन में एक ऐसे राज्य की तस्वीर उभर आती है। जो अपने गर्म मौसम के लिए जाना जाता है। लेकिन प्रकृति ने इस राज्य को कई खूबसूरत हिल स्टेशंस से नवाजा है। जो आपको सुकून और शांति का एहसास कराते हैं। ऐसे में अगर आप भी तमिलनाडु घूमने का प्लान कर रहे है, तो आपको यहां के कुछ फेमस हिल स्टेशंस को एक्सप्लोर करना चाहिए।</div><div><br></div><h2>ऊटी</h2><div>तमिलनाडु में मानसून के दौरान घूमने के लिए 'क्वीन ऑफ हिल्स' के नाम से फेमस ऊटी जा सकते हैं। नीलगिरि पहाड़ियों पर बसा यह हिल स्टेशन पहाड़ों, चाय के बागानों और खूबसूरत झीलों के लिए जाना जाता है। यहां आने वाले पर्यटक नीलगिरि माउंटेन रेलवे की सवारी का भी मजा ले सकते हैं। इसके अलावा आप ऊटी झील में नाव की सवारी का लुत्फ उठा सकते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/adventure-awaits-in-the-dark-passages-of-mawsmai-cave" target="_blank">Nature का बेजोड़ नमूना: Meghalaya की Mawsmai Cave में देखें लाखों साल पुरानी अद्भुत Limestone संरचनाएं</a></h3><div><br></div><h2>कोडाइकनाल</h2><div>मानसून में आप कोडाइकनाल के घने जंगलों, खूबसूरत झरनों और बादलों से ढकी घाटियों को देख सकते हैं। इन शानदार नजारों को देखकर आपको जन्नत में आने का एहसास होगा। बारिश के बाद बॅायट पार्क, कोकर वॉक, पिलर रॉक्स और सिल्वर कैस्केड फॉल्स जैसी जगहों को देख सकते हैं। वहीं यहां के सुहावने मौसम में आप साइकिलिंग, नेचर वॉक और फेमस कोडाई झील के किनारे सुकून भरे पल बिता सकते हैं।</div><div><br></div><h2>यरकौड</h2><div>शेवरॉय पहाड़ियों में बसा यरकौड एक शांत और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह कॉफी बागानों और संतरे के बागों के लिए जाना जाता है। मॉनसून के दौरान किलीयूर फॉल्स, यरकौड झील और लेडीज सीट व्यू पॉइंट की खूबसूरती देखने लायक होती है।&nbsp;</div><div><br></div><h2>कुन्नूर</h2><div>कुन्नूर धुंध भरी पहाड़ियों, चाय के बागानों और पूरे साल रहने वाले सुहावने मौसम के लिए फेमस है। मॉनसून के दौरान डॉल्फिंस नोजस, सिम्स पार्क और कैथरीन फॉल्स जैसी जगहे बेहद खूबसूरत लगती हैं। यहां पर आकर आप टॉय ट्रेन की सवारी का लुत्फ ले सकते हैं। इसके अलावा चाय बनाने का प्रोसेस जानने के लिए आप चाय की फैक्ट्रियां घूम सकते हैं।</div><div><br></div><h2>कोटागिरी</h2><div>यह नीलगिरि के सबसे पुराने हिल स्टेशनों में से एक है। कोटागिरी अपने शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। मॉनसून में यहां की घाटियां हरियाली से भर जाती हैं। कैथरीन फॉल्स झरने की खूबसूरती देखने वाली होती है। नेचर लवर्स यहां पर चाय के बागानों, ट्रेकिंग ट्रेल्स और शानदार व्यू पॉइंट देख सकते हैं। यह जगह भीड़भाड़ से कम दूर ठंडे मौसम और ताजी हवा के लिए परफेक्ट है।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 16:56:16 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/plan-trip-to-these-hill-stations-in-tamil-nadu-during-monsoon-season-it-remember-forever</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Nature का बेजोड़ नमूना: Meghalaya की Mawsmai Cave में देखें लाखों साल पुरानी अद्भुत Limestone संरचनाएं]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/adventure-awaits-in-the-dark-passages-of-mawsmai-cave]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>मेघालय की प्राकृतिक सुंदरता पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। ऊँचे-ऊँचे पहाड़, हरे-भरे जंगल, झरने और रहस्यमयी गुफाएँ यहाँ आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। इन्हीं प्राकृतिक चमत्कारों में से एक है Mawsmai Cave। यह गुफा मेघालय के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चेरापूंजी के पास स्थित है और अपनी अद्भुत चूना-पत्थर संरचनाओं तथा रोमांचकारी वातावरण के लिए जानी जाती है।</div><div><br></div><div>मावस्माई गुफा चेरापूंजी से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह गुफा प्राकृतिक रूप से बनी हुई है और लाखों वर्षों में पानी तथा चूना-पत्थर की क्रिया से इसका निर्माण हुआ है। गुफा के भीतर प्रवेश करते ही ऐसा प्रतीत होता है मानो किसी रहस्यमयी दुनिया में आ गए हों। अंदर की ठंडी हवा, अंधकार और चट्टानों की विचित्र आकृतियाँ पर्यटकों को रोमांच से भर देती हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/why-is-cherrapunji-the-place-with-the-world-highest-rainfall-the-top-choice-for-nature-lovers" target="_blank">Meghalaya Tourism: दुनिया में सर्वाधिक वर्षा वाली जगह Cherrapunji क्यों है Nature Lovers की पहली पसंद?</a></h3><div>इस गुफा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी स्टैलेक्टाइट और स्टैलेग्माइट संरचनाएँ हैं। छत से लटकती और जमीन से ऊपर उठती ये चट्टानी आकृतियाँ प्रकृति की अद्भुत कला का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। गुफा के भीतर कई स्थान इतने संकरे हैं कि पर्यटकों को झुककर या सावधानी से निकलना पड़ता है। यही रोमांच इस स्थल को युवाओं और साहसिक यात्रा पसंद करने वालों के लिए बेहद आकर्षक बनाता है।</div><div><br></div><div>गुफा के अंदर प्रकाश की उचित व्यवस्था की गई है, जिससे पर्यटक सुरक्षित रूप से इसकी सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। बरसात के मौसम में यहाँ का वातावरण और भी मनोहारी हो जाता है। चेरापूंजी विश्व के सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में गिना जाता है, इसलिए यहाँ की हरियाली और प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।</div><div><br></div><div>मावस्माई गुफा के आसपास भी कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल स्थित हैं। इनमें सबसे प्रमुख है Nohkalikai Falls, जो भारत के सबसे ऊँचे जलप्रपातों में से एक है। ऊँचाई से गिरता जल और उसके आसपास फैली हरियाली अत्यंत मनोहारी दृश्य प्रस्तुत करती है। इसके अतिरिक्त Seven Sisters Falls भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। वर्षा ऋतु में यह झरना सात धाराओं में बहता दिखाई देता है, जिससे इसका दृश्य अत्यंत आकर्षक बन जाता है।</div><div><br></div><div>यदि पर्यटक प्राकृतिक रोमांच का और अधिक अनुभव करना चाहें तो Double Decker Living Root Bridge अवश्य देख सकते हैं। यह पुल पेड़ों की जड़ों से बना हुआ है और स्थानीय जनजातियों की अद्भुत पारंपरिक तकनीक का उदाहरण है। इसके अलावा Eco Park Cherrapunji भी घूमने के लिए एक सुंदर स्थान है, जहाँ से बांग्लादेश के मैदानी क्षेत्रों का मनोहारी दृश्य दिखाई देता है।</div><div><br></div><div>मावस्माई गुफा तक पहुँचने के लिए सबसे निकटतम हवाई अड्डा शिलांग में स्थित है। शिलांग से सड़क मार्ग द्वारा चेरापूंजी आसानी से पहुँचा जा सकता है। सड़क यात्रा के दौरान पहाड़ी रास्तों और बादलों से घिरे दृश्य यात्रा को और भी यादगार बना देते हैं।</div><div><br></div><div>यहाँ घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल के बीच माना जाता है, क्योंकि इस समय मौसम सुहावना रहता है। हालांकि, बरसात के मौसम में भी यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है। पर्यटकों को गुफा के भीतर जाते समय आरामदायक जूते पहनने चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कुछ स्थान फिसलन भरे हो सकते हैं।</div><div><br></div><div>मावस्माई गुफा केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति की अद्भुत कला और रहस्यमयी सौंदर्य का जीवंत उदाहरण है। यहाँ की शांत वादियाँ, रोमांचकारी गुफाएँ और आसपास के झरने हर यात्री को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हैं। जो भी व्यक्ति प्रकृति, रोमांच और शांति का आनंद लेना चाहता है, उसके लिए मावस्माई गुफा एक आदर्श पर्यटन स्थल है।</div><div><br></div><div>-प्रीटी</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 17:51:08 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/adventure-awaits-in-the-dark-passages-of-mawsmai-cave</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Meghalaya Tourism: दुनिया में सर्वाधिक वर्षा वाली जगह Cherrapunji क्यों है Nature Lovers की पहली पसंद?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/why-is-cherrapunji-the-place-with-the-world-highest-rainfall-the-top-choice-for-nature-lovers]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>उत्तर–पूर्वी राज्य मेघालय में स्थित चेरापूंजी प्राकृतिक सौंदर्य का अनुपम उदाहरण है। स्थानीय भाषा में इसे “सोहरा” भी कहा जाता है। यह स्थान दुनिया में अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में गिना जाता है। हरे-भरे पहाड़, बादलों से ढकी घाटियाँ, विशाल झरने, गुफाएँ और जीवित जड़ों से बने पुल चेरापूंजी को एक अद्भुत पर्यटन स्थल बनाते हैं। प्रकृति प्रेमियों, साहसिक यात्रियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है।</div><div><br></div><div>चेरापूंजी समुद्र तल से लगभग 1,300 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यहाँ का मौसम वर्षभर सुहावना रहता है। मानसून के समय यह क्षेत्र बादलों और बारिश से पूरी तरह घिर जाता है, जिससे इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। यहाँ की हरियाली और स्वच्छ वातावरण पर्यटकों को मानसिक शांति का अनुभव कराते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/ocean-glows-like-blue-fireflies-witness-this-magic-of-nature-at-tourist-destinations" target="_blank">Travel Tips: नीले जुगनुओं सा चमकता है समंदर, भारत के इन Tourist Destinations पर देखें कुदरत का ये Magic</a></h3><div>चेरापूंजी का सबसे प्रसिद्ध आकर्षण Nohkalikai Falls है। यह भारत के सबसे ऊँचे जलप्रपातों में से एक माना जाता है। लगभग 1,100 फीट की ऊँचाई से गिरता यह झरना अत्यंत मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है। वर्षा ऋतु में इसका सौंदर्य और भी अद्भुत हो जाता है। झरने के नीचे बना नीले रंग का जलकुंड पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है।</div><div><br></div><div>इसके अलावा Seven Sisters Falls भी यहाँ का प्रमुख आकर्षण है। सात धाराओं में गिरता यह जलप्रपात दूर से देखने पर अत्यंत सुंदर प्रतीत होता है। मानसून के दौरान इसकी भव्यता चरम पर होती है। यहाँ से आसपास की पहाड़ियों और घाटियों का मनोरम दृश्य दिखाई देता है।</div><div><br></div><div>चेरापूंजी की एक और अनोखी पहचान हैं यहाँ के “लिविंग रूट ब्रिज” अर्थात जीवित जड़ों से बने पुल। Double Decker Living Root Bridge पर्यटकों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है। यह पुल रबर के पेड़ों की जड़ों को वर्षों तक मोड़कर और जोड़कर बनाया गया है। यह स्थानीय जनजातियों की अद्भुत पारंपरिक तकनीक और प्रकृति के साथ उनके सामंजस्य का प्रतीक है। इस पुल तक पहुँचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है, जो रोमांच प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव बन जाती है।</div><div><br></div><div>गुफाओं के शौकीनों के लिए Mawsmai Cave एक शानदार स्थान है। यह प्राकृतिक चूना-पत्थर की गुफा अपनी संकरी सुरंगों, अनोखी आकृतियों और रहस्यमयी वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। गुफा के भीतर का दृश्य रोमांच और कौतूहल से भर देता है।</div><div><br></div><div>चेरापूंजी के आसपास भी अनेक दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। यहाँ से लगभग 50 किलोमीटर दूर Shillong स्थित है, जिसे “पूर्व का स्कॉटलैंड” कहा जाता है। शिलांग अपनी खूबसूरत झीलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। Umiam Lake यहाँ का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहाँ नौकायन और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लिया जा सकता है।</div><div><br></div><div>इसके अतिरिक्त Dawki River भी पर्यटकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। इस नदी का पानी इतना स्वच्छ है कि नाव पानी के ऊपर तैरती हुई प्रतीत होती है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।</div><div><br></div><div>चेरापूंजी केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खान-पान के लिए भी जाना जाता है। यहाँ की खासी जनजाति की संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली और आतिथ्य पर्यटकों को विशेष अनुभव प्रदान करते हैं। स्थानीय व्यंजनों में चावल, बाँस की कोपलों से बने पकवान और पारंपरिक मांसाहारी भोजन विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।</div><div><br></div><div>अंततः कहा जा सकता है कि चेरापूंजी प्रकृति का एक अनुपम उपहार है। यहाँ की वर्षा, हरियाली, झरने, गुफाएँ और शांत वातावरण हर यात्री के मन में अमिट छाप छोड़ देते हैं। यदि कोई व्यक्ति प्रकृति की गोद में कुछ समय बिताना चाहता है, तो चेरापूंजी उसके लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल है।</div><div><br></div><div>-प्रीटी</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 17:25:12 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/why-is-cherrapunji-the-place-with-the-world-highest-rainfall-the-top-choice-for-nature-lovers</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: नीले जुगनुओं सा चमकता है समंदर, भारत के इन Tourist Destinations पर देखें कुदरत का ये Magic]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/ocean-glows-like-blue-fireflies-witness-this-magic-of-nature-at-tourist-destinations]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>क्या आपने श्रद्धा कपूर की फिल्म 'एक विलेन' देखा है। अगर आपने यह फिल्म देखी होगी, तो आपको वह सीन जरूर याद होगा, जिसमें श्रद्धा एक बीच के किनारे जाती हैं, जहां पर उनको चमकता हुआ समंदर दिखता है। यह समंदर नीले जुगनुओं की तरह चमकते हुए नजर आते हैं। साइंस की भाषा में इसको बायोलुमिनेसेंस कहा जाता है। बता दें कि यह बहुत छोटे समुद्री जीवों के केमिकल रिएक्शन से नीली रोशनी पैदा होती है। जो समुद्र को जुगनुओं की तरह चमका देती है।</div><div><br></div><div>ऐसे में अगर आपके मन में भी इस खूबसूरत नजारे को देखने की इच्छा है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप भारत में कहां पर बायोलुमिनेसेंस देख सकते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/coolness-of-queen-of-hills-and-thrill-of-sundarbans-make-west-bengal-best-destination" target="_blank">Travel Tips: Queen of Hills की ठंडक और Sundarban का रोमांच, Adventure प्रेमियों के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है पश्चिम बंगाल</a></h3><div><br></div><h2>हैवलॉक द्वीप</h2><div>अगर आप बायोलुमिनेसेंस का सबसे बेहतरीन और सबसे साफ नजारा देखना चाहते हैं। तो आपको अंडमान के हैवलॉक द्वीप जाना चाहिए। यहां का फेमस राधानगर बीच रात के समय किसी दूसरी दुनिया में होने का एहसास दिलाता है। जब समुद्र की लहरें रेत से टकराती हैं, तो पानी में मौजूद छोटे जीवों की वजह से किनारों पर नीली रोशनी बिखर जाती है। वहीं अमावस्या की रात में जब आसमान में अंधेरा होता है, तो यह नजारा बेहद खूबसूरत लगता है।</div><div><br></div><h2>मट्टू बीच</h2><div>कर्नाटक के उडुपी में स्थित मट्टू बीच अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां पर भी आप बायोलुमिनेसेंस का नजारा देखने के लिए आ सकते हैं। मॉनसून के बाद यहां के समंदर में रात के समय नीली रोशनी को जगमगाते देख सकते हैं। पर्यटकों की भीड़ से यह बीच काफी दूर है। इसलिए यहां का सन्नाटा और अंधेरा बायोलुमिनेसेंस के नजारे को ज्यादा खूबसूरत और साफ बना देता है।</div><div><br></div><h2>पुडुचेरी</h2><div>पुडुचेरी के सेरेनिटी बीच और इसके आसपास के तटीय इलाकों में भी आप बायोलुमिनेसेंस देख सकते हैं। खासतौर पर मॉनसून के बाद या फिर भारी बारिश के बाद समंदर के तापमान में बदलाव आता है। वहीं इस दौरान पानी में फाइटोप्लैंकटॉन्स की संख्या भी बढ़ जाती है। इससे रात को समंदर का पानी नीली रोशनी से जगमगा उठता है।</div><div><br></div><h2>बंगाराम द्वीप</h2><div>बायोलुमिनेसेंस देखने के लिए आप लक्षद्वीप के बंगाराम द्वीप भी जा सकते हैं। यहां पर आपको भीड़ काफी कम होती है और यहां पर ज्यादा आर्टिफिशियल लाइट्स भी नहीं हैं। इसलिए रात को नीले रंग की रोशनी में चमकता हुआ समुद्र देखने में बेहद खूबसूरत रहता है।</div><div><br></div><h2>इस बातों का ध्यान रखें</h2><div>हालांकि बायोलुमिनेसेंस पूरी तरह से पानी के तापमान, मौसम और समुद्र की स्थिति पर भी निर्भर करती है। इसलिए इसको देखने जाने से पहले अच्छे से रिसर्च कर लें। जिससे कि वहां जाने के बाद आपको निराश न होना पड़े।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 16:25:45 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/ocean-glows-like-blue-fireflies-witness-this-magic-of-nature-at-tourist-destinations</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: Queen of Hills की ठंडक और Sundarban का रोमांच, Adventure प्रेमियों के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है पश्चिम बंगाल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/coolness-of-queen-of-hills-and-thrill-of-sundarbans-make-west-bengal-best-destination]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>जब भी भारत की कला, साहित्य, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता की बात की जाती है, तो पश्चिम बंगाल का नाम सबसे पहले आता है। यह एक ऐसा राज्य है, जहां पर हिमालय की बर्फीली वादियों से लेकर समुद्र तटों तक सुनहरी रेत तक आपको सब देखने को मिलता है। पश्चिम बंगाल की संस्कृति, भोजन, इतिहास, त्योहार और प्राकृतिक सौंदर्य हर साल लाखों की संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।&nbsp;</div><div><br></div><div>ऐसे में अगर आप भी एडवेंचर प्रेमी हैं और साथ में इतिहास में भी रुचि रखते हैं। वहीं प्रकृति की गोद में शांति भरे पल बिताना चाहते हैं। तो हर यात्री के लिए यहां कुछ न कुछ खास जरूर है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको पश्चिम बंगाल की कुछ शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप ट्रिप को प्लान कर सकते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/science-behind-mainpats-gravity-defying-ulta-pani" target="_blank">Ladakh जैसा अहसास और Shimla जैसी वादियां, Mainpat बना पर्यटकों के लिए नया Travel Destination</a></h3><div><br></div><h2>दार्जिलिंग</h2><div>दार्जिलिंग बादलों के बीच बसी एक स्वर्ग जैसी दुनिया का एहसास दिलाती है।</div><div><br></div><div>दार्जिलिंग को 'क्वीन ऑफ हिल्स' भी कहा जाता है।</div><div><br></div><div>यहां पर टॉय ट्रेन, चाय बागान, कंचनजंगा के अद्भुत नजारों के साथ ठंडी हवाएं लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।</div><div><br></div><div>सूर्योदय के समय टाइगर हिल का दृश्य आपको जीवनभर याद रहेगा।</div><div><br></div><h2>सुंदरबन</h2><div>सुंदरवन दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है।</div><div><br></div><div>इसके साथ ही सुंदरवन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।</div><div><br></div><div>इसको प्रसिद्ध रॉयल बंगाल टाइगर का घर माना जाता है।</div><div><br></div><div>यहां पर मैंग्रोव जंगल, बोट सफारी और वन्यजीव अनुभव आपको रोमांच से भर देते हैं।</div><div><br></div><h2>कालिम्पोंग</h2><div>अगर आप पश्चिम बंगाल में सुकून और शांति चाहते हैं, तो आपको कालिम्पोंग जाना चाहिए।</div><div><br></div><div>यहां आप भीड़-भाड़ से दूर रहना चाहते हैं तो कालिम्पोंग आपके लिए बिलकुल परफेक्ट है।</div><div><br></div><div>यहां का खूबसूरत व्यू और सुकून भरा माहौल आपको रिलैक्स कर देंगे।</div><div><br></div><h2>दीघा</h2><div>यह बंगाल का लोकप्रिय समुद्री तट है।</div><div><br></div><div>दीघा समुद्र प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है।</div><div><br></div><div>यहां पर शांत समुद्र, स्थानीय सी फूड और खूबसूरत सनसेट आने वाले पर्यटकों को खास अनुभव देते हैं।</div><div><br></div><div>दीघा वीकेंड ट्रिप के लिए पसंदीदा जगहों में से एक है।</div><div><br></div><h2>कोलकाता</h2><div>बता दें कि कोलकाता को भारत की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है।</div><div><br></div><div>यहां का हावड़ा ब्रिज, विक्टोरिया मेमोरियल, कॉलेज स्ट्रीट और दुर्गा पूजा का उत्सव पूरी दुनिया में लोकप्रिय है।</div><div><br></div><div>कोलकाता की गलियों में आधुनिकता और इतिहास का अनोखा संगम दिखता है।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 12:45:44 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/coolness-of-queen-of-hills-and-thrill-of-sundarbans-make-west-bengal-best-destination</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Ladakh जैसा अहसास और Shimla जैसी वादियां, Mainpat बना पर्यटकों के लिए नया Travel Destination]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/science-behind-mainpats-gravity-defying-ulta-pani]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>घुमक्कड लोग अक्सर कहीं न कहीं घूमने के लिए निकाल जाते हैं। कहीं पहाड़ तो कहीं झरने या फिर समंदर या किसी धार्मिक स्थल पर आदि। ज्यादातर लोगों को चाहत होती है लद्दाख घूमने की। यहां पर तिब्बती कल्चर टूरिस्ट को अपनी ओर आकर्षित करता है। वैस भारत देश विविधताओं से भरा हुआ है। बता दे कि, भारत में तिब्बत एक नहीं बल्कि दो हैं। चलिए आपको इस लेख में बताते हैं&nbsp; छत्तीसगढ़ के मैनपाट की, जो कि बेहद ही खूबसूरत जगह है।</div><div><br></div><div><b>छत्तीसगढ़ का मैनपाट ‘छोटा तिब्बत’&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">छ्त्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट की यह जगह बेहद ही शांत और यहां पर बिल्कुल भी भीड़ नहीं देखने को नहीं मिलती है। यह एकदम शिमला जैसा भी&nbsp; लगता है। क्योंकि मैनपाट की हसीन वादियां शिमला की याद दिलाती है। वैसे यहां का कल्चर भी तिब्बत जैसा है। गर्मियों के दिनों में भी मैनपाट ठंडक का एहसास दिलाता है। वैसे इस जगह की संस्कृति काफी प्रसिद्ध है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>मैनपाट में घूमने लायक जगहें&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आप यहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इन जगहों को जरुर एक्सप्लोर करें-&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>टाइगर मेन प्वाइंट</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आप नेचर लवर है और हरी-भरी जगह घूमने का प्लान बना रहीं तो आप टाइगर मेन प्वाइंट का जरुर घूमने जाएं। यहां पर आपको खूबसूरत झरने देखने को मिलेंगे, जो कि महादेव मुड़ा जलधारा से लगभग 80 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>तिब्बती बौद्ध मंदिर</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यहां पर मौजूद तिब्बती समुदाय बसा है, जो कि दलाई लामा के अनुयायी भी शामिल थे। यहां पर उन्होंने तिब्बती बौद्ध मंदिर का निर्माण करवाया जो शांति और सुकून देने के साथ अध्यात्म का भी प्रतीक है। इधर काफी सुकून देखने को मिलता है।</span></div><div><br></div><div><b>उल्टा पानी&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">छत्तीसगढ़ के बिसरपानी गांव में स्थित उल्टा पानी रहस्यमयी जगहों में से एक है। इसकी खासियत यह है कि यहां का बहता हुआ पानी ढलान की दिशा से उल्टा ऊपर की तरफ चढ़ता है।</span></div><div><br></div><div><b>जलजली&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यह जगह बेहद सुंदर है और यहां पर जंपिंग लैंड के नाम से भी जाना जाता है। यह जगह रोमांच से भर देगी क्योंकि जब भी यहां कोई उछलने या कूदने की कोशिश करता है तो इस एरिया की जमीन किसी स्पंज या गद्दे की तरह हिलती-डुलती नजर आती है।&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 17:47:52 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/science-behind-mainpats-gravity-defying-ulta-pani</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Louisiana Trip: सीफूड से लेकर म्‍यूज‍िक तक, लुइसियाना के 400 से ज्यादा Festivals इस गर्मी आपकी छुट्टियों को बनाएंगे यादगार]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/louisiana-400-plus-festivals-make-your-vacation-this-summer-memorable]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>हम सभी को घूमने-फिरने का काफी शौक होता है। वहीं विदेश जाने का सपना हर किसी का होता है। ऐसे में अगर आप भी इस गर्मी विदेश घूमने का प्लान कर रहे हैं और किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं। जहां पर घूमने के अलावा म्यूजिक, कल्चर, कुजीन और कलरफुल फेस्‍ट‍िवल्‍स का भी मजा मिले। तो आपको अमेरिका के लुइसियाना राज्य जरूर आना चाहिए। यहां पर हर साल 400 से भी ज्यादा फेस्टिवल और मेलों का आयोजन होता है।</div><div><br></div><div>इस कारण इसको फेस्टिवल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड भी कहा जाता है। वहीं गर्मियों में यहां एक अलग रंग देखने को मिलता है। कुछ जगहों पर म्यूजिक शो चल रहा होता है, तो कहीं पर टेस्टी कुजीन का बुफे सजा होता है। ऐसे में अगर आप भी अपनी इस ट्रिप को यादगार बनाना चाहती हैं। तो आपको एक बार लुइसियाना जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/dudhsagar-falls-monsoon-trekking-guide-and-safety" target="_blank">मानसून में Dudhsagar Falls Trek का रोमांच: एडवेंचर लवर्स के लिए पूरी Travel Guide और जरूरी सेफ्टी टिप्स</a><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></h3><div><br></div><h2>लुइसियाना है फेस्टिवल कैपिटल</h2><div>साल भर लुइसियाना में अलग-अलग तरह के फेस्‍ट‍िवल्‍स आयोज‍ित क‍िए जाते हैं। यहां पर फेस्टिवल सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए नहीं बल्कि खानपान, लोकल कल्चर और हिस्ट्री से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि यहां हर उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ खास करने और देखने को मिल जाता है।</div><div><br></div><h2>फूड लवर्स के ल‍िए जन्‍नत</h2><div>अगर आपको भी नई-नई चीजों को खाने का शौक है। तो आपको लुइसियाना जरूर आना चाहिए। यहां पर पीच फेस्टिवल होता है लोगों को पीच से बनी कई डिशेज को खाने का मौका मिलता है। इसके अलावा यहां का टोमैटो और वॉटरमेलन फेस्टिवल लोगों को खूब अपनी ओर अट्रैक्ट करता है। न्यू ऑरलियन्स में होने वाला क्रियोल टोमैटो फेस्टिवल और ब्यूरेगार्ड वॉटरमेलन फेस्टिवल में आपको लोकल फ्रूट्स का स्वाद लेने का मौका मिलेगा। यहां कई मजेदार एक्टिविटीज में हिस्सा भी ले सकती हैं।</div><div><br></div><h2>खास है सीफूड फेस्टिवल</h2><div>बता दें कि लुइसियाना को सी फूड के ल‍िए भी जाना जाता है। यहां पर होने वाले सीफूड फेस्टिवल में झींगे और अन्य सी फूड्स का भी स्वाद लिया जा सकता है। वहीं कई जगहों पर ट्रेजिशनल डांस और स्ट्रीट फेयर भी किए जाते हैं।</div><div><br></div><h2>म्‍यूज‍िक लवर्स के ल‍िए खास</h2><div>लुइसियाना का नाम आते ही ब्लूज, जैज और काजुन म्यूजिक की याद आता है।</div><div><br></div><h2>जैज और ब्लूज</h2><div>यहां पर गर्मियों में कई बड़े म्यूजिक फेस्टिव होते हैं। यहां पर दुनिया भर के आर्टिस्ट हिस्सा लेते हैं। वहीं न्यू ऑरिलियन्स का जैज कल्चर पूरी दुनिया में फेमस है।</div><div><br></div><h2>सैचमो समरफेस्ट</h2><div>सैचमो समरफेस्ट महान जैज कलाकार लुई आर्मस्ट्रॉन्ग की याद में किया जाता है। यहां पर लाइव म्यूजिक के साथ कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होता है।</div><div><br></div><h2>जैज फेस्ट</h2><div>यह लुइसियाना का सबसे ज्यादा फेमस फेस्ट है। यहां पर दुनिया के अलग-अलग देशों से लोग शामिल होते हैं।</div><div><br></div><h2>करीब से जान सकेंगे कल्चर</h2><div>लुइसियाना के फेस्टिवल सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए नहीं बल्कि यहां के कल्चर को भी दिखाते हैं।</div><div><br></div><h2>श्रिम्प और पेट्रोलियम फेस्टिवल</h2><div>लोकल फ‍िशरमैन और ऑयल कंपनी से जुड़े लोगों के सम्मान में यह फेस्टिवल मनाया जाता है। वहीं यहां पर शुगर केन फेस्टिवल भी स्पेशल तरीके से मनाया जाता है। इसमें गन्ने की खेती से जुड़े कई कलरफुल प्रोग्राम होते हैं और परेड निकाली जाती है।</div><div><br></div><h2>डक फेस्टिवल</h2><div>डक फेस्टिवल भी बेहद अलग और दिलचस्प है। इसमें कई फनी कॉम्पिटीशन होते हैं और इनमें लोग हिस्सा भी लेते हैं।</div><div><br></div><h2>सेंटर ऑफ अट्रैक्‍शन</h2><div>एसेंस फेस्‍ट‍िवल अमेरिका का सबसे बड़ा म्यूजिक औक कल्चर फेस्ट है। यहां पर वर्कशॉप, लाइव म्यूजिक, शॉपिंग और कई तरह के प्रोग्राम होते हैं। कुल मिलाकर म्यूजिक लवर के लिए यह फेस्टिवल बेस्ट है।</div><div><br></div><h2>परिवार और दोस्तों के साथ जाएं</h2><div>इस फेस्टिवल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर हर उम्र के लोगों के लिए काफी कुछ है। यह एक एंटरटेनमेंट का हब है। इसलिए यह फैमिली ट्रिप और कपल ट्रिप दोनों के लिए बेस्ट है।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 15:21:17 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/louisiana-400-plus-festivals-make-your-vacation-this-summer-memorable</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[मानसून में Dudhsagar Falls Trek का रोमांच: एडवेंचर लवर्स के लिए पूरी Travel Guide और जरूरी सेफ्टी टिप्स]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/dudhsagar-falls-monsoon-trekking-guide-and-safety]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>बरसात का मौसम काफी सुहावना होता है और इस मौसम में अधिकतर महिलाएं किसी न किसी ट्रिप पर जरूर जाती हैं। यदि आप भी लंबे समय किसी खास ट्रिप पर जाने का प्लान कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। ट्रैकिंग करना हर किसी को काफी पसंद है। वहीं, मानसून के समय ट्रैकिंग करना बेहद परफेक्ट मानी जाती है।&nbsp; मानसून में आप भी एक खूबसूरत और यादगार ट्रैकिंग ट्रिप की योजना बना सकते हैं। आइए आपको बताते हैं मानसून में ट्रैकिंग के लिए सबसे सुंदर जगह कौन-सी है।</div><div><br></div><div><b>गोवा की बॉर्डर पर है खूबसूरत दूधसागर फॉल्स</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, गोवा की बोर्डर पर स्थित 'दूधसागर फॉल्स' भारत का सबसे खूबसूरत झरनों में से एक है। बता दें कि, यह करीब 310 मीटर की ऊंचाई से गिरता है, जो अपनी खूबसूरती और सफेद दूध जैसी धाराओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। असल में दूधसागर फॉल गोवा के 'भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य' और 'मोल्लेम नेशनल पार्क' के अंदर स्थित है।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">यहां पर मौजूद दूध जैसा सफेद झरना, घने जंगल, ऊंचे पहाड़ों और रेलवे ब्रिज के बीचों-बीच बना हुआ है। मानसून के समय यहां पर ज्यादा भीड़ देखी जाती है। अगर आपको ट्रैकिंग पसंद है, तो आप यहां जा सकते हैं। लेकिन कुछ जरुरी बातों का जरुर ध्यान रखें।</span></div><div><br></div><div><b>दूधसागर का फेमस ट्रैकिंग रूट</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">आपको बताते चलें कि, दूधसागर जाने के लिए दो फेमस ट्रैकिंग रुट्स हैं। जो कि सबसे ज्याद पॉपलुर 'कुलेम रुट' माना गया है। यह करीब 11 किलोमीटर का सफर है, जिसे तय करने में करीब 5 से 6 घंटे का समय लगता है। वैसे इस रुट पर खूब घने जंगल, छोटे-छोटे नालों और खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का अनुभव मिलेगा।</span></div><div><br></div><div><b>कैसे पहुंचें दूधसागर?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आप भी इस जगह पर जाना चाहते हैं, तो यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'डाबोलिम एयरपोर्ट' है। वहीं, ट्रेन से यात्रा करने के लिए आपको कुलेम या कैसल रॉक रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक पड़ेगा। बाय रोड जाने पर आप मोल्लेम गांव तक टैक्सी से आ सकती है और फिर वहां से आगे के लिए पर्सनल या शेयरिंग जीप बुक कर सकती हैं।</span></div><div><br></div><div><b>ट्रैकिंग पर जाने से पहले अपने बैग में रखें ये जरूरी सामान</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आप दूधसागर ट्रैक पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप अपने साथ अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज जरुर रखें। इसके साथ ही रेनकोट, एक्सस्ट्रा टॉर्च, एनर्जी ड्रिंक्स, पानी की बोतल और बेसिक मेडिकल किट भी अपने बैग में जरुर शामिल करें। बरसात के मौसम में होने के वजह से आपके कपड़े भीग सकते हैं, इसलिए अपने साथ एक्स्ट्रा कपड़े जरुर रखें।</span></div><div><br></div><div><b>किन बातों का ध्यान रखें</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">बारिश में ट्रैकिंग करना सबसे बेहतरीन और रोमांचक अनुभव होता है, हालांकि आप घूमने का प्लान बना रही, तो मौसम का अपडेट जरुर लें। वहां की सरकारी गाइडलाइंस को जरुर पढ़ें। कई बार भारी बारिश या लैंडस्लाइड की वजह से ट्रैकिंग रुट्स बंद हो जाते हैं। इसके अलावा, कई बार फोटो और सेल्फी लेने के चक्कर में बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इस दौरान आप झरने के बहुत करीब जाकर फोटो या सेल्फी लेने की भूल न करें। वरना पानी के तेज बहाव के कारण कोई न कोई अनहोनी हो सकती है।&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:00:58 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/dudhsagar-falls-monsoon-trekking-guide-and-safety</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Indian Railways में Tatkal और Current Ticket के बीच का फर्क समझिए, जानें Booking Rules और Charges का गणित]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/tatkal-vs-current-ticket-railway-booking-comparison]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>रोजाना हजारों लोग भारतीय रेलवे में यात्रा करते हैं। किसी न किसी जगह पर जाने के लिए ट्रेन के द्वारा ही सफर किया जाता है। आपको भी ट्रेन से यात्रा करना काफी पसंद होगा। कभी भी भारतीय रेलवे में अचानक से यात्रा या इमरजेंसी में सफर करना काफी जरुरी होता है।</div><div><span style="font-size: 1rem;">अक्सर सामान्य रिजर्वेशन की सभी सीटें फुल हो जाती है, तो यात्रियो के पास सिर्फ दो ही ऑप्शन रह जाते हैं- तत्काल टिकट और करंट टिकट। लेकिन एक आम इंसान अक्सर इन दोनों के बीच बड़े अंतर को समझ नहीं पता है और कन्फ्यूज हो जाता है। आखिर कौन-सा टिकट कब और कैसे बुक करें।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">आपको बताते चले कि ये दोनों टिकट पूरी तरह से अलग नियमों और अलग समय पर मिलती है। आइए आपको इस लेख के जरिए करंट और तत्काल टिकट के अंतर में बताते हैं, जिससे अगली बार सफर करते समय आपको कोई परेशानी न हो।</span></div><div><br></div><div><b>बुकिंग का समय और टाइमिंग में है बड़ा अंतर</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">तत्काल टिकट को यात्रा की तारीख से ठीर एक दिन पहले बुक किया जाता है, जिसके बाद एसी क्लास की बुकिंग सुबह 10 बजे और नॉन-एसी की सुबह 11 बजे शुरू होती है। दूसरी तरफ, कंरट टिकट ट्रेन छूटने के महज कुछ महज&nbsp; कुछ घंटे पहले मिलता है। असल में ट्रेन का पहला रिजर्वेशन चार्ट तैयार हो जाता है, तब बची हुई खाली सीटों को करंट टिकट के रुप में बेचा जाता है।</span></div><div><br></div><div><b>टिकट की कीमत और एक्स्ट्रा चार्ज का खेल</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">जब आप तत्काल टिकट बुक करें तो सामान्य किराए के ऊपर 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक का अतिरिक्त तत्काल शुल्क देना पड़ता है, वहीं यह टिकट काफी महंगा हो जाता है। करंट टिकट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगता। कई बार तो ट्रेन छूटने के साथ चार्ट बनने के बाद करंट टिकट पर सामान्य किराया से भी 10 से 20 फीसदी की छूट मिलती है।</span></div><div><br></div><div><b>सीट कंफर्म होने की गारंटी और वेटिंग का नियम</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">तत्काल में आपको कंफर्म सीट के साथ-साथ वेटिंग टिकट भी मिल सकता है। वैसे जब चार्ट बन जाता है, तभी सीट कंफर्म होती है। हालांकि, करंट में ऐसा मामला नहीं होता है। यह टिकट आपको तभी मिलेगी जब ट्रेन में कोई बर्थ खाली बचा है। करंट टिकट हमेशा से 100% कंफर्म ही मिलता है, इसमें वेटिंग टिकट जारी करने का कोई नियम नहीं है।</span></div><div><br></div><div><b>कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े जरूरी नियम</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">इसके अलावा, आप कंफर्म या फिर तत्काल टिकट को कैंसिल करते हैं, तो रेलवे के नियमों के अनुसार आपको एक भी रुपया नहीं मिलेगा। आपका सारा पैसा डूब जाएगा। दूसरी ओर कंरट टिकट को आप ट्रेन छूटने से पहले कैंसिल करते हैं, तो रेलवे के सामान्य कैंसिलेशन नियमों के जरिए क्लैरिकल चार्ज काटकर बाकी की रकम आपके बैंक खाते में वापस रिफंड कर सकता है।&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 18:07:36 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/tatkal-vs-current-ticket-railway-booking-comparison</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: मात्र 5000 रुपये में घूमें भारत का 'Scotland', जानें 3 दिनों का पूरा खर्च और रूट]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/visit-india-scotland-for-just-rs-5000-know-full-cost-and-route-for-3-days]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अगर आप भी पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में घूमना चाहते हैं, लेकिन बजट टाइट होने से आप बार-बार रुक जाते हैं। तो आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आज हम आपके लिए एक ऐसा ट्रिप प्लान लेकर आए हैं। जो आपकी जेब पर भी भारी नहीं पड़ेगा। वहीं आप पहाड़ों के बीच समय बिताकर शानदार अनुभव कर पाएंगे। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कूर्ग ट्रिप के बारे में बताने जा रहे हैं। कूर्ग को अपनी बेइंतहा खूबसूरती की वजह से 'भारत का स्कॉटलैंड' कहा जाता है।</div><div><br></div><div>कर्नाटक में स्थित कूर्ग अपने ऊंचे पहाड़ों, धुंध भरे नजारों, कॉफी के बागानों और शानदार झरनों के लिए पूरी दुनिया में फेमस है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि सिर्फ 5,000 रुपए में कूर्ग की एक यादगार ट्रिप प्लान कर सकते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/netarhat-analytical-guide-to-jharkhand-top-hill-station" target="_blank">Jharkhand Travel Guide: नेतरहाट के Sunset और Sunrise का जादू, आखिर क्यों कहते हैं इसे 'Nature' का स्वर्ग?</a><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></h3><div><br></div><h2>ऐसे पहुंचे कूर्ग</h2><div>बजट में कूर्ग को एक्सप्लोर करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप पहले ट्रेन या बस से बेंगलुरु या मैसूर पहुंचें।</div><div><br></div><div>मैसूर से आपको कूर्ग के लिए आसानी से सरकारी बसें मिल जाएंगी। इन बसों का किराया 150 से 250 के बीच होता है। वहीं यह सफर 3 से 4 घंटे का है।</div><div><br></div><div>बेंगलुरु से भी आपको सीधे बस मिल जाएगी। जिसका किराया करीब 300 से 500 रुपए तक होता है।</div><div><br></div><div>समझें 3 दिनों का पूरा प्लान</div><div><br></div><h2>पहला दिन</h2><div>ट्रिप के पहले दिन कुर्ग पहुंचकर किसी बजट फ्रेंडली होमस्टे या फिर हॉस्टल में चेक-इन करें। यहां का किराया 500-800 रुपए प्रति रात होगा। थोड़ी देर आराम करने के बाद आप कूर्ग की खूबसूरती को निहारने के लिए जा सकते हैं।</div><div><br></div><div>सबसे पहले आप अब्बी फॉल्स पहुंचें। क्योंकि यहां पर कॉफी के बागानों के बीच से बहता झरना आपके मन को सुकून देगा।</div><div><br></div><div>वहीं शाम का समय राजा सीट पर बिताएं। यहां से सनसेट का नजारा इतना खूबसूरत दिखता है कि आप देखते रह जाएंगे। वहीं रात में आप मडिकेरी के लोकल मार्केट को एक्सप्लोर कर स्ट्रीट फूड का लुत्फ उठाएं।</div><div><br></div><h2>दूसरा दिन</h2><div>ट्रिप के दूसरे दिन जल्दी उठकर दुबारे एलीफेंट कैंप की तरफ जाएं। यहां पर आप हाथियों को नहाते देख सकते हैं और उनके साथ समय बिता सकते हैं।</div><div><br></div><div>इसके बाद कुशलनगर जाएं और वहां मौजूद स्वर्ण मंदिर के दर्शन करें। आप यहां तिब्बती संस्कृति को बेहद करीब से जानने का मौका मिलेगा और यहां पर बहुत शांति मिलेगी।</div><div><br></div><div>वहीं शाम को वापसी के समय आप कॉफी के बागानों में टहल सकते हैं और ताजी बनी कूर्ग कॉफी का स्वाद चख सकते हैं।</div><div><br></div><h2>तीसरा दिन</h2><div>ट्रिप के तीसरे दिन को रोमांचक बनाने के लिए मंडलपट्टी व्यू पॉइंट जाएं। यहां तक जाने के लिए आपको शेयरिंग जीप लेना होगा। ऊपर पहुंचकर ऐसा लगता है कि जैसे आप बादलों के बीच खड़े हैं।</div><div><br></div><div>इसके बाद आप तलाकवेरी जा सकते हैं। इसको कावेरी नदी का उद्गम स्थल माना जाता है और यहां के आध्यात्मिक माहौल और प्राकृतिक नजारे काफी खास हैं।</div><div><br></div><div>शाम को कई खूबसूरत यादों और ढेर सारी तस्वीरों के साथ आप बस पकड़ें और घर वापस आ जाएं।</div><div><br></div><h2>खर्च</h2><div>बेंगलुरु/मैसूर से बस के आने-जाने का किराया करीब 800-1000 रुपए के बीच आएगा।</div><div><br></div><div>वहीं 2 रातों के स्टे के लिए आपको हॉस्टल या बजट होमस्टे 1000-1500 के बीच में मिल जाएगा।</div><div><br></div><div>3 दिनों तक आप लोकल और स्ट्रीट फूड्स एंजॉय कर सकते हैं। जिसका खर्च करीब 1200-1500 के बीच हो सकता है।</div><div><br></div><div>घूमने के लिए लोकल बसें, शेयरिंग ऑटो और अन्य जगहों की टिकटें करीब 800-1000 रुपए के बीच हो सकता है।</div><div><br></div><div>ऐसे में आपका कुल खर्च करीब 4500-5000 रुपए के आसपास आएगा।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 12:58:36 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/visit-india-scotland-for-just-rs-5000-know-full-cost-and-route-for-3-days</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Jharkhand Travel Guide: नेतरहाट के Sunset और Sunrise का जादू, आखिर क्यों कहते हैं इसे 'Nature' का स्वर्ग?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/netarhat-analytical-guide-to-jharkhand-top-hill-station]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><span style="font-size: 1rem;">घुमक्कड़ लोग घूमने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। इन लोगों की ट्रिप की प्लानिंग हमेशा बनीं रहती है। भारत में ऐसी कई जगहें जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं। घूमने की जब बात आती है, तो लोग हमेशा शिमला, मनाली, जयपुर, ऋषिकेश, मसूरी और अब तो लेह लद्दाख जाते हैं। हालांकि, लोगों को यह नहीं पता भारत विविधता से सपन्न है, यहां पर कई ऐसी जगहे जिनके बारे में लोगों को पता ही नहीं। तो चलिए आपको बताते हैं झारखंड के नेतरहाट के बारे में, जो किसी जन्नत से कम नहीं है।</span></div><div><br></div><div><b>झारखंड का नेतरहाट</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">झारखंड में रांची से करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नेतरहाट एक ऐसा हिल स्टेशन है जो मन को खुशी और सुकून के लिए सबसे बेस्ट है। असल में इस हिल स्टेशन का यह नाम नेचर ब्यूटी की वजह से दिया गया है। यह लातेहार जिले&nbsp; में समुद्रतल से करीब 1128 मीट की ऊंचाई पर स्थित इस जगह की हरियाली और शांत वातावरण देखकर आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। वैसे यह स्थान छोटानागपुर की रानी के नाम से भी लोकप्रिय है।</span></div><div><br></div><div><b>सनराइज और सनसेट के लिए फेमस&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">खासकर नेतरहाट सनराइज और सनसेट के लिए बेहद फेमस है। यदि आप सनसेट का नजारा देखना चाहते हैं, तो आप मैगनोलिया प्वाइंट की तरफ रुख करें क्योंकि यहां से सबसे खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। इस जगह को लेकर अंग्रेज लड़की मैगनोलिया और स्थानीय आदिवासी चरवाहे की अधूरी लव स्टोरी भी काफी पॉपुलर है। हालांकि, इस लव स्टोरी का कोई प्रमाण नहीं है।</span></div><div><br></div><div><b>नेतरहाट में घूमने लायक जगहें</b></div><div><br></div><div><b>नाशपाती बागान</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">इस हिल स्टेशन में आपको खूबसूरत हरे-भरे पहाड़ और बहते हुए झरने देखने को मिल जाएंगे। नाशपाती का बागान भी इस खूबसूरती को बढ़ाते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>अपर और लोअर घाघरी वॉटरफॉल</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">प्रकृति प्रेमी और फोटोग्राफी के शौकीन लोगों के लिए यह जगह बेहद सुंदर है। यहां पर आपको एकदम शांत और छायादार वातावरण देखने को मिलेगा। सुकून से समय बिताने के लिए यह जगह बेहतरीन है और आपको यहां पर वॉटरफॉल देखने को मिल जाएगा।</span></div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 16:45:06 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/netarhat-analytical-guide-to-jharkhand-top-hill-station</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Goa Tourism Statistics: आबादी से 6 गुना ज्यादा सैलानी, गोवा में आखिर क्यों उमड़ रही Tourists की भारी भीड़?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/goa-tourism-analysis-record-1-crore-tourists]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>बीच पर घूमने की बात आती है, तो सबसे पहला नाम गोवा का आता है। असल में गोवा भारत के एक ऐसा टूरिस्ट स्पॉट है, जहां की पॉपुलेशन से ज्यादा हर साल यहां पर टूरिस्ट घूमने आते हैं। क्षेत्रफल के मुताबिक, गोवा भारत का सबसे छोटा राज्य है। यहां पर सिर्फ 2 जिले हैं, एक उत्तर गोवा और दक्षिण गोवा।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, गोवा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार गोवा का कुल क्षेत्रफल 3,702 वर्ग किलोमीटर है। वास्तव में गोवा इतना बड़ा नहीं लेकिन हर साल यहां पर पर्यटक इससे ज्यादा आते हैं। वहीं, पिछले सालों की रिपोर्ट के अनुसार, यहां पर हर साल पर्यटकों की आने की संख्या बढ़ी है। चलिए आपको इस लेख में पर्यटकों के आने की संख्या के बारे में बताते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>हर साल कितने लोग आते हैं गोवा में घूमने?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">गोवा पर्यटन की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, पिछले 5 से 6 सालों में यहां पर पर्यटकों की संख्या भारी इजाफा देखा है। पहले यह संख्या कम थी, लेकिन साल 2019 से यहां पर पर्यटकों की संख्या अधिक हो गई है। आइए आपको इस रिपोर्ट में अंतर बताते हैं-</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">- गौरतलब है कि पिछले साल 2025 में गोवा में घूमने के लिए 1,02,84,608 घरेलू पर्यटक और 5,17,802 विदेशी पर्यटक आए, जिससे कुल पर्यटकों की संख्या 1,08,02,410 रही।</span></div><div><br></div><div>- खासतौर पर गोवा में पर्यटकों की घूमने की संख्या में कभी कम और कभी ज्यादा देखी गई है। साल 2026 में 68,95,234 घरेलू और 8,90,459 विदेशी पर्यटक आए, जिससे टोटल आकड़ा 77,85,693 रहा।</div><div><br></div><div>&nbsp;- इससे पहले साल 2018 और 2019 में पर्यटकों की संख्या और बढ़ी और&nbsp; 80,15,400 और 80,64,400 तक पहुंची है।&nbsp;</div><div><br></div><div>- साल 2025 में पर्यटकों की भीड़ इतनी थी कि संख्या 1 करोड़ तक पहुंच गई, जबकि गोवा में पॉपुलेशन करीब 16 लाख के करीब है।</div><div><br></div><div><b>क्यों यहां घूमने आते हैं पर्यटक?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">गोवा की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां की नाइट लाइफ। यहां पर आने वाले पर्यटकों को एकदम खुला वातावरण मिलता है। रात भर चलने वाली पार्टी </span><span style="font-size: 1rem; white-space: pre;">	</span><span style="font-size: 1rem;">और पूरी रात बीच के किनारे बैठकर आराम करना। दरअसल,&nbsp; बागा, कलंगुट, पालोलेम, अंजुना और कैंडोलिम बीचों पर कुछ ज्यादा शानदार माने जाते है। यहां की नाइट लाइफ और बीच पार्टियां हर किसी को आकर्षित करती है।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">- यहां पर तरह-तरह की वॉटर एक्टिविटी करने का श्रेष्ठ मौका मिलता है।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- गोवा का सबसे फेमस है यहां का टेस्टी सी-फूड, फिश करी और प्रॉन डिशेज, जिसको आप खूब खा सकते हो।</div><div><br></div><div>&nbsp;- मॉनसून के समय यहां पर सुंदर नजारा देखने को मिलता है। हर तरफ हरियाली और झरने का नजारा और भी सुंदर हो जाता है।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 17:24:05 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/goa-tourism-analysis-record-1-crore-tourists</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: Micro Vacation के लिए Lansdowne और Almora हैं युवाओं की पहली पसंद, देखें Travel List]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/lansdowne-and-almora-first-choice-of-youth-for-micro-vacation-see-travel-list]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>इन दिनों माइक्रो वेकेशन लोगों के घूमने का पसंदीदा तरीका बन गया है। खासकर जेन जी लोग इस वेकेशन को काफी पसंद करते हैं। वहीं उन लोगों की तादाद भी अधिक है, जो 5 दिन ऑफिस में काम करते हैं। वहीं 2 दिन का वीक ऑफ मनाते हैं। ऐसे में अगर आप भी घर पर छुट्टी बिताते-बिताते बोर हो गए हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप दो दिनों की ट्रिप को यागदार बना सकते हैं।&nbsp;</div><div><br></div><h2>जानें क्या है माइक्रो वेकेशन</h2><div>बता दें कि माइक्रो वेकेशन एक छोटा हॉलिडे है। जिसमें 24 से 72 घंटों यानी 2 से 3 दिन की ट्रिप शामिल होती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वह कौन सी जगहें हैं, जहां पर माइक्रो वेकेशन को यादगार और मजेदार बनाया जा सकता है। अगर आप 2 से 3 दिन की एक छोटी सी ट्रिप प्लान कर रहे हैं। आप इन जगहों को अपनी ट्रेवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/visit-bangkok-and-pattaya-for-55-thousand-rupees-know-full-details-from-flight-to-hotel" target="_blank">IRCTC Thailand Tour Package: मात्र 55 हजार में घूमें बैंकॉक और पटाया, जानें फ्लाइट से लेकर होटल तक की Full Details</a></h3><div><br></div><h2>लैंसडाउन</h2><div>उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित लैंसडाउन भी 2-3 दिन की ट्रिप के लिए बेस्ट है। यह दिल्ली से करीब 258 किमी है। यहां पर आप प्राकृतिक सुंदरता के साथ तारकेश्वर महादेव मंदिर, भुल्ला ताल, दरवान सिंह संग्रहालय, वॉर मेमोरियल और सेंट मैरी चर्च आदि एक्सप्लोर कर सकते हैं।</div><div><br></div><h2>कुफरी</h2><div>हिमाचल प्रदेश में स्थित कुफरी शिमला से करीब 20 किमी दूर है। दिल्ली से यहां पहुंचने में करीब 7 से 8 घंटे का समय लगता है। क्योंकि यह जगह शिमला से थोड़ी ऊंचाई पर है, इसलिए ज्यादा ठंडी है। यहां पर आप फागू, कुफरी फन वर्ल्ड, महाशू पीक और हिमालयन नेचर पार्क आदि घूम सकते हैं।</div><div><br></div><h2>नीमराना</h2><div>राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-जयपुर हाइवे पर नीमराना है। यहां पर आने के बाद आपको भीड़ से अलग सुकून का एहसास होगा। यह दिल्ली से 121 किमी की दूरी पर है। यह जगह नीमराना पैलेस के लिए फेमस है। यहां पर आप नीमराना बावड़ी, सरिस्का नैशनल पार्क और तिजारा फोर्ट पैलेस घूम सकते हैं।</div><div><br></div><h2>रणथंभौर</h2><div>दिल्ली से रणथंभौर की दूरी करीब 402 किमी है। यह राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में है। यहां पर आप रणथंभौर का किला, त्रिनेत्र गणेश मंदिर और रणथंभौर नेशनल पार्क को एक्सप्लोर कर सकते हैं।</div><div><br></div><h2>अल्मोड़ा</h2><div>अल्मोड़ा उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र का हिस्सा है, वहीं दूरी की बात करें तो दिल्ली से इसकी दूरी करीब 364 किमी है। यहां पर आप जागेश्वर धाम, बिनसर वाइल्डलाइफ सेंचुरी, कसर देवी मंदिर और जीरो प्वाइंट आदि को एक्सप्लोर कर सकते हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 13:53:18 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/lansdowne-and-almora-first-choice-of-youth-for-micro-vacation-see-travel-list</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[IRCTC Thailand Tour Package: मात्र 55 हजार में घूमें बैंकॉक और पटाया, जानें फ्लाइट से लेकर होटल तक की Full Details]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/visit-bangkok-and-pattaya-for-55-thousand-rupees-know-full-details-from-flight-to-hotel]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अगर आप भी विदेश घूमने का सपना देख रहे हैं। तो भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन का एक शानदार ट्रिप पैकेज लाया है। थाईलैंड का 4 रात और 5 दिन का टूर पैकेज आपके लिए शानदार ऑप्शन हो सकता है। इस ट्रिप में आपको बैंकॉक और पटाया जैसे फेमस पर्यटन स्थलों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। रंगीन नाइटलाइफ, शानदार शॉपिंग, खूबसूरत समुद्र तट और फेमस पर्यटन स्थल आपके ट्रिप को यादगार बना देंगे।</div><div><br></div><h2>फेमस है थाइलैंड</h2><div>बता दें कि थाईलैंड अपनी समृद्ध बौद्ध संस्कृति, सफेद रेतीले समुद्र तटों और खूबसूरत द्वीपों के लिए पूरी दुनिया में फेमस है। यहां आने वाले हर पर्यटक को बीच एक्टिविटी करने के साथ पारंपरिक थाई मसाल, लोकल मार्केट और आधुनिक शॉपिंग मॉल एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है। यही कारण है कि भारतीय पर्यटकों के लिए यह देश हमेशा पसंदीदा डेस्टिनेशन बना रहता है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/irctc-spiritual-south-india-tour-package-details" target="_blank">IRCTC का शानदार Spiritual South India Tour Package, 24 जुलाई से  इन Famous Temples के करें दर्शन</a></h3><div><br></div><h2>ट्रिप की शुरूआत</h2><div>इस टूर पैकेज की शुरूआत 11 अगस्त 2026 से कोलकाता से हो रही है। एयर एशिया की फ्लाइट रात 12:30 बजे कोलकाता से उड़ान भरेगी और सुबह 04:35 मिनट पर बैंकॉक के डॉन मुआंग एयरपोर्ट पहुंचेगी। वहीं वापसी की फ्लाइट 15 अगस्त की रात 10:55 पर बैंकॉक से रवाना होगी और रात 11:59 पर कोलकाता पहुंचेगी। ऐसे में उड़ान से करीब 3 घंटे पहले यानी की 10 अगस्त की रात 09:30 बजे यात्रियों को कोलकाता एयरपोर्ट पर रिपोर्ट करना होगा।</div><div><br></div><h2>कितना आएगा खर्च</h2><div>शेयरिंग के हिसाब से पैकेज की कीमत तय की गई है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन के ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक सिंगल शेयरिंग का किराया 55,000 रुपए प्रति व्यक्ति है। वहीं डबल शेयरिंग का किराया 59,500 रुपए और ट्रिपल शेयरिंग का किराया 59,000 रुपए है। बच्चों के लिए बेड और बिना बेड दोनों तरह से किराया 28,050 रुपए है। बुकिंग के दौरान अलग से निर्धारित टीसीएस राशि भी जमा करनी होगी।</div><div><br></div><h2>पैकेज में क्या-क्या शामिल</h2><div>इस टूर पैकेज में कोलकाता से बैंकॉक और वापस आने का हवाई किराया, 3 स्टार होटल में स्टे, 5 नाश्ते, 5 लंच और 4 डिनर शामिल हैं। इसके अलावा बैंकॉक में चाओ फ्राया रिवर क्रूज डिनर, हाफ डे सिटी टूर, गोल्डन बुद्धा, सफारी वर्ल्ड और मरीन पार्क और मार्बल बुद्धा मंदिर के दर्शन, स्थानीय टूर गाइड, सी लाइफ बैंकॉक ओशन वर्ल्ड, पटाया का कोरल आइलैंड टूर, जेम्स गैलरी, 5 प्रतिशत जीएसटी और 65 वर्ष तक के यात्रियों के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस भी फ्री है।</div><div><br></div><h2>इन चीजों का खुद उठाना होगा खर्च</h2><div>वहीं कुछ चीजों का खर्च इस पैकेज में शामिल नहीं है। थाईलैंड पहुंचने पर मिलने वाले वीजा ऑन अराइवल की फीस अलग से देना होगा। यह करीब 2,000 थाई बहत यानी करीब 5500 से 6000 रुपए हो सकती है। वहीं 2% TCS, एयरपोर्ट टैक्स या फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोत्तरी, लॉन्ड्री, अतिरिक्त भोजन, व्यक्तिगत खर्च, ड्राइवर और गाइड को दी जाने वाली टिप्स जैसी सुविधाओं का भुगतान यात्रियों को स्वयं करना होगा।</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 17:49:09 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/visit-bangkok-and-pattaya-for-55-thousand-rupees-know-full-details-from-flight-to-hotel</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[IRCTC का शानदार Spiritual South India Tour Package, 24 जुलाई से  इन Famous Temples के करें दर्शन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/irctc-spiritual-south-india-tour-package-details]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>घूमने के शौकीन लोगों के लिए भारतीय रेलवे लाया है साउथ इंडियन टूर पैकेज। इस टूर पैकेज में कई मंदिरों के दर्शन कराया जाएगा। एक बार टिकट बुक करने से पहले रुट को अवश्य जान लें। दरअसल, इस पैकेज में साउथ इंडिय के फेमस मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे। यह पैकेज 6 रात और 7 दिनों का है। आइए आपको इस लेख में बताने जा रहे हैं IRCTC के इस टूर पैकेज में क्या सुविधाएं मिलेंगी और क्या नहीं?</div><div><br></div><div><b>Spiritual South India टूर पैकेज</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- यह पैकेज आपको कन्नियाकुमारी, मदुरै, रामेश्वरम और त्रिवेन्द्रम दर्शन कराएगा।</span></div><div><br></div><div>- इस पैकेज का नाम है SPIRITUAL SOUTH INDIA EX BHUBANESWAR है।</div><div><br></div><div>&nbsp;- पैकेज कोड SCBA45 है।</div><div><br></div><div>&nbsp;- इस पैकेज में आपको फ्लाइट से यात्रा कराई जाएगी और घूमने के लिए कैब की सुविधा मिलेगी।</div><div><br></div><div>- वहीं, इस पैकेज में दोपहर का खाना नहीं दिया। मेन्यू पहले से ही तय होगा। अलग खाना खाने से आपको अलग से पे करना होगा।&nbsp;</div><div><br></div><div>- इस पैकेज से संबंधित जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।&nbsp;</div><div><br></div><div><b>पैकेज फीस क्या है?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- यह पैकेज 7 दिनों का है और इसकी शुरुआत 24 जुलाई 2026 से होने जा रही है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div>- दो लोगों के साथ यात्रा करने पर पैकेज फीस प्रति व्यक्ति 55710 रुपये है।</div><div><br></div><div>&nbsp;- 3 लोगों के साथ यात्रा करने पर पैकेज फीस प्रति व्यक्ति 53505 रुपये है।</div><div><br></div><div>&nbsp;- बच्चों के लिए पैकेज फीस 45230 रुपये तय की गई है।</div><div><br></div><div><b>पैकेज फीस में क्या सुविधाएं शामिल है?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">इस पैकेज में आने-जाने की हवाई टिकट का खर्च पहले से ही जुड़ा हुआ है। साथ में आपको एसी होटल में रुकने की सुविधा भी मिलेगी। टूर के दौरान 6 दिन सुबह का नाश्ता और 6 दिन रात का खाना पैकेज में शामिल है। जगह-जगह घूमने के लिए आपको शेयरिंग वाली एसी गाड़ी दी जाएगी। इस पैकेज के साथ IRCTC का टूर एस्कॉर्ट भी रहेगा जो पूरी यात्रा में मदद करेगा। ध्यान दें: टिकट बुक करने के बाद अगर एयरलाइन फ्लाइट में कोई बदलाव करती है तो उसका अतिरिक्त खर्च आपको अलग से देना पड़ेगा।</span></div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 12:58:47 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/irctc-spiritual-south-india-tour-package-details</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पुरी नहीं जा पा रहे? Delhi-NCR के इन Jagannath मंदिरों में करें रथ यात्रा के दर्शन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/delhi-ncr-rath-yatra-jagannath-temples-guide]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><span style="font-size: 1rem;">हर साल आषाढ़ के महीने में ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा दुनिया भर में मशहूर है। इस रथ यात्रा की भव्यता देखने के लिए लोग देश-दुनिया से हजारों लोग पुरी जाते है। बता दें कि, इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा तीन विशाल लकड़ी के रथों में विराजमान होते हैं।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आप भी इस यात्रा को देखना चाहते हैं, लेकिन पुरी नहीं जा पा रहे हैं, तो आप दिल्ली-एनसीआर में स्थित जगन्नाथ मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर काफी धूमधाम और पारंपरिक रिति-रिवाजों के साथ भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली जाती है। तो चलिए बिना देर किए आपको बताते हैं दिल्ली-एनसीआर में स्थित जगन्नाथ मंदिरों के बारे में, जहां आप पावन रथ यात्रा के साक्षी बन सकते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा साल 2026 में कब है?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">पुरी रथ यात्रा का शुभारंभ आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया को होता है। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के तीनों रथों को खींचकर गुंडिचा मंदिर ले जाने का आरंभ होता है। यह आषाढ़ शुक्ल द्वितीय तिथि 15 जुलाई को 11.50 ए एम से लेकर 16 जुलाई को सुबह 8.52 बजे तक है। वहीं, आषाढ़ शुक्ल दशमी को बहुड़ा यानी वापसी यात्रा के साथ ही खत्म होती है।</span></div><div><br></div><div><b>जगन्नाथ मंदिर, हौज खास</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रथ यात्रा देखने चाहते हैं, तो दिल्ली के हौज खास में स्थित जगन्नाथ मंदिर जरुर जाएं। यहां पर आपको भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियां स्थापित होती है। यहां पर आने से पहले आप हौज खास मेट्रो स्टेशन जाएं। फिर आप यहां पहुंचकर ऑटो या रिक्शा लेकर मंदिर पहुंच जाएं। मेट्रो से मंदिर की दूरी 5 मिनट पर है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>श्रीजगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">साउथ दिल्ली में त्यागराज स्टेडियम, कोटला के पास श्रीजगन्नाथ जी का मंदिर स्थित है। यह दिल्ली एनसीआर का सबसे पुराना मंदिर है। बता दें कि, यहां से INA मेट्रो स्टेशन सिर्फ 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 16 जुलाई को आप यहां पर जरुर जाएं।</span></div><div><br></div><div><b>श्री जगन्नाथ मंदिर, नोएडा सेक्टर 34</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आप नोएडा के आस-पास रहते हैं, तो आप श्री जगन्नाथ मंदिर जा सकते हैं। यह नोएडा के सेक्टर-34 उदयगिरी-2, जगन्नाथ मंदिर मार्ग में स्थित है। यहां पर आप मेट्रो में भी पहुंच सकती हैं। इसके लिए ब्लू लाइन से नोएडा सेक्टर-34 जाने वाली मेट्रो पकड़ लें। स्टेशन से इस मंदिर की दूरी सिर्फ 500 मीटर है,जहां से आप 5 मिनट पैदल चलकर या ई-रिक्शा लेकर आसानी से पहुंच सकते हैं।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>जगन्नाथ मंदिर, गुरुग्राम</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आपका निवास गुरुग्राम में है और आप भगवान जगन्नाथ के दर्शन करना चाहती हैं, तो सेक्टर-15 पार्ट-2 में स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह मंदिर हुडा मार्केट रोड के पास स्थित है और श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय है।&nbsp;</span></div><div>मंदिर तक पहुंचने के लिए दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर स्थित इफको चौक तथा मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम सबसे सुविधाजनक मेट्रो स्टेशन हैं। इन स्टेशनों से बाहर निकलने के बाद आप ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा या टैक्सी की सहायता से लगभग 10 मिनट में आसानी से मंदिर पहुंच सकती हैं।</div><div><br></div><div><b>जगन्नाथ मंदिर, द्वारका&nbsp;</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आप द्वारका के आस-पास रहती हैं, तो अपने नजदीकी जगन्नाथ मंदिर जाकर रथ यात्रा में शामिल हो सकती है। यह मंदिर सेक्टर-7, द्वारका, नई दिल्ली प्लॉट नंबर 3, पॉकेट-4 में स्थित है। यदि आप नोएडा जा रही हैं, तो ब्लू लाइन से द्वाराक की मेट्रो पकड़ लें। इस मंदिर का नजदीकी स्टेशन द्वारका सेक्टर-9 या द्वारका सेक्टर-10 है। यहां से आप ई-रिक्शा या ऑटो लेकर जा सकते हैं।&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 17:30:12 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/delhi-ncr-rath-yatra-jagannath-temples-guide</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Plan For Jyotirlingas: 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा का सबसे आसान Travel Plan, महादेव के दर्शन का पूरा Route Map यहां देखें]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/easiest-travel-plan-for-12-jyotirlinga-yatra-see-complete-route-map-for-darshan]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>हिंदू धर्म में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों को सबसे पवित्र तीर्थस्थालों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित इन 12 ज्योतिर्लिगों की यात्रा की योजना बनाना भक्तों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इन सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की यात्रा को आसान बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि आप क्षेत्र के हिसाब से सही रूट और पहला पड़ाव चुनें। इससे आपका समय, खर्च और यात्रा की दूरी तीनों कम हो सकती हैं।</div><div><br></div><h2>उत्तराखंड से करें यात्रा की शुरूआत</h2><div>भक्त के लिए उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम से यात्रा की शुरुआत करना सबसे बेहतर माना जाता है। फिर वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ, झारखंड के देवघर में स्थित बैद्यनाथ, मध्य प्रदेश में मौजूद दो ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर की यात्रा करें।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/how-solo-trips-boost-womens-confidence-and-change-lives" target="_blank">Solo Trip बना महिलाओं का नया Trend, डर छोड़कर बढ़ाएं Confidence और पाएं नई पहचान</a></h3><div><br></div><div>वहीं यात्रा के अगले चरण में महाराष्ट्र में स्थित त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर और घृणेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें। इसके बाद गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग और नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें। वहीं अंत में दक्षिण भारत के मल्लिकार्जुन और रामेश्वर के दर्शन के लिए जाएं।</div><div><br></div><h2>दक्षिण भारत से कैसे करें यात्रा</h2><div>दक्षिण भारत से श्रद्धालुओं को तमिलनाडु के रामेश्वरम स्थित रामनाथस्वामी मंदिर से अपनी यात्रा की शुरूआत करनी चाहिए। फिर आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें। इसके बाद महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर भारत के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करें।</div><div><br></div><h2>पश्चिम भारत से कैसे करें यात्रा</h2><div>गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों को द्वारका स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग से दर्शन करने की शुरुआत करना चाहिए। इसके बाद सोमनाथ, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, घृष्णेश्वर, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर दर्शन करें। यात्रा के अंत में केदारनाथ, काशी विश्वनाथ और बैद्यानाथ के दर्शन कर मल्लिकार्जुन और रामेश्वरम के दर्शन करें।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 16:39:53 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/easiest-travel-plan-for-12-jyotirlinga-yatra-see-complete-route-map-for-darshan</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Solo Trip बना महिलाओं का नया Trend, डर छोड़कर बढ़ाएं Confidence और पाएं नई पहचान]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/how-solo-trips-boost-womens-confidence-and-change-lives]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>आजकल घुमक्कड़ लोगों को घूमना-फिरना काफी पसंद है। महिलाएं अक्सर ट्रिप का प्लान करती ही रहती है। वैसे सोलो ट्रिप का प्लान महिलाएं बना लेती है, लेकिन अकेले जानें के ख्याल से थोड़ा घबरा जाती हैं। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है और आप सोलो ट्रिप पर जानें से डरती हैं, तो यह लेख सिर्फ आपके लिए है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि कैसे एक सोलो ट्रिप आपकी लाइफ बदल सकती है।</div><div><br></div><div><b>कैसे सोलो ट्रिप बदल सकती हैं आपकी लाइफ</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">लाइफ का बेस्ट अनुभव लेने के लिए सोलो ट्रिप बेहतरीन हो सकती है। सोलो ट्रिप आपकी जिंदगी का सबसे खास पल हो सकते हैं। सोलो ट्रिप पर जानें के नाम पर हम लड़कियों थोड़ा डर और झिझक जरुर होती है। लेकिन यही डर आपका स्ट्रेंथ बन सकता है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>बढ़ेगा आत्मविश्वास</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आपको अकेले जाने से काफी डर लगता है, तो आप सोलो ट्रिप पर जरुर जाएं। लेकिन इस चीज को लेकर परेशान बिल्कुल न हो, कैसे करें या सोलो ट्रिप में किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं होगी। जब आप सोलो ट्रिप पर जाती हैं, तो एक अलग ही आत्मविश्वास जाग जाता है। आपको हर एक चीज कॉन्फिडेंस के साथ कर सकती हैं। ध्यान रखें कि आप किसी भी काम को लेकर जरा-भी न घबराएं।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>अलग-अलग विचारों के लोगों के साथ होगी मुलाकात</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, सोलो ट्रिप हमें सिखाता है कि कैसे आप अपने काम को अकेले मैनेज कर सकते हैं। इस ट्रिप में आपको कई तरह के लोग मिलेंगे, जिनसे बातचीत करके आप बहुत कुछ सीख सकती हैं, इसके साथ ही उनके विचारों से प्रेरित भी हो सकती हैं। सोलो ट्रिप के दौरान आप अलग-अलग विषय के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। वैसे इस ट्रिप से आपका कम्यूनिकेशन स्किल भी स्ट्रांग बना सकती हैं।</span></div><div><br></div><div><b>दिखेंगे लाइफस्टाइल में कई बदलाव</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि आप सोलो ट्रिप पर जाएंगी, तो आप सही निर्णय ले सकती हैं साथ ही किसी भी परिस्थिति को बिना हाइपर हुए संभाल भी सकती हैं। वैसे यह आपकी जर्नी के साथ-साथ पर्सनालिटी पर भी गहरा असर छोड़ देती है। वैसे महिलाओं को अपना पूरा जीवन अकेले बिताना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन सोलो ट्रिप के बाद आप अपनी लाइफ अपने हिसाब से अकेले भी जा सकती हैं।</span></div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 15:33:54 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/how-solo-trips-boost-womens-confidence-and-change-lives</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[मानसून में Ooty घूमने का सुनहरा मौका, IRCTC लाया बेहद सस्ता और शानदार Tour Package]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/irctc-ooty-tour-package-5-days-under-10k]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>क्या आप भी काफी समय ऊटी घूमने का प्लान बना रहे हैं? तो यह लेख आपके लिए है। मानसून के समय ऊटी घूमने का एक अलग ही मजा होता है। हर तरफ हरियाली और सुकून भरा नजारा होता है। अगर आप बिना पैकेज के जाते हैं, तो यहां पर आपका बहुत ज्यादा खर्चा हो सकता है।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">इस बीच, भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए इस ट्रिप को आसान बनाने के लिए टूर पैकेज लाइव किया है। पैकेज का कम बजट कम है, इसलिए यात्री इससे घूमने का प्लान कर रहे हैं। तो चलिए बिना देर किए आपको बताते हैं ऊटी टूर पैकेज के बारे में विस्तार से जानें।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>ऊटी पैकेज से संबंधित जानकारी</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">इस पैकेज में आपको हर दिन अलग-अलग जगह पर घुमाया जाएगा। बता दें कि, इस पैकेज में दिन का टूर पैकेज होगा, उसमें ट्रेन से आने-जाने का समय भी एड रहने वाला है। बता दें कि, पैकेज की शुरुआत 16 जुलाई से हो रही है।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">- असल में इस पैकेज की शुरुआत चेन्नई, कोयंबटूर, इरोड, काटपाडी और सलेम से हो रही है।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- पैकेज 4 रात और 5 दिनों का है, जिससे आप हर गुरुवार यात्रा कर पाएंगे।</div><div><br></div><div>&nbsp;- पैकेज की टिकट बुकिंग आप पहले कर सकते हैं, लेकिन यात्रा 16 तारीख से शुरु होगी।</div><div><br></div><div>&nbsp;- इस पैकेज में ट्रेन और शहर में घूमने के लिए कैब की सुविधा दी जाएगी।</div><div><br></div><div><b>पैकेज फीस क्या है?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;दरअसल, यह पैकेज फीस शेयरिंग के आधार पर तय किए गए है। इसमें 3 पैसेंजर और 6 पैसेंजर वाली गाड़ी को बुक करने के लिए यात्रियों को अलग से फीस देनी पड़ेगी। वैसे शेयरिंग में जितना ज्यादा होंगे, पैकेज फीस उतना ही कम होगा।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- यदि आप 6 पैसेंजर वाली शेयरिंग कैब वाले पैकेज की टिकट बुक करते हैं, तो दो लोगों के साथ यात्रा करने पर&nbsp; 12350 रुपये देने होंगे।</div><div><br></div><div>&nbsp;- वहीं, 3 लोगों के साथ यात्रा करने पर पैकेज फीस 11670 रुपये होगी।</div><div><br></div><div>&nbsp;- यदि आप 3 लोगों के साथ यात्रा करना चाहते हैं, तो फीस कम होकर 9360 रुपये हो जाती है।</div><div><br></div><div><b>पैकेज में क्या सुविधाएं मिल रही हैं?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">बता दें कि, 3AC क्लास में आने-जाने की टिकट का खर्च तय पैकेज फीस शामिल किया है। वहीं ऊटी में 2 रात बिना एसी वाले कमरे में ठहरने की सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, होटल मील प्लान के अनुसार खाना मिलेगा। मेन्यू पहले से ही तय रहने वाला है। इस बात का ध्यान रखें कि नाश्ता ही दिया जाएगा। घूमने के लिए एसी कैब दी जाएगी। पैकेज की टिकट बुक करने के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर बुक कर सकते हैं।&nbsp;</span></div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 16:45:06 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/irctc-ooty-tour-package-5-days-under-10k</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Travel Tips: Rajasthan का 'चेरापूंजी' Banswara, Monsoon में 100 द्वीपों वाला यह शहर बन जाता है जन्नत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/banswara-cherrapunji-of-rajasthan-becomes-paradise-during-monsoon-season]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>जब भी राजस्थान का नाम आता है, तो मन में रेगिस्तान की तस्वीर जरूर आती है। ऐसे में लोग कल्पना भी नहीं कर पाते हैं कि यहां पर कोई हिल स्टेशन या आइलैंड भी हो सकते हैं। हिल स्टेशन माउंट आबू के बारे में तो लोग जानने लगे हैं। लेकिन इस राज्य में एक ऐसी जगह भी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इस जगह का नाम बांसवाड़ा है। क्या आप जानते हैं बांसवाड़ा शहर में 10-20 नहीं बल्कि 100 द्वीप हैं। ऐसे में आइए जानते हैं 100 द्वीपों वाले इस शहर के बारे में.</div><div><br></div><h2>100 द्वीपों का शहर</h2><div>राजस्थान के दक्षिणी छोर पर स्थित बांसवाड़ा अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। इस शहर में 100 आइलैंड्स के साथ 100 झरने भी हैं। यही कारण है कि गुजरात और मध्य प्रदेश की सीमाओं से सटे इस शहर को राजस्थान का 'चेरापूंजी' कहा जाता है। बांसवाड़ा झीलों के शहर उदयपुर से करीब 165 किमी की दूरी पर माही नदी के पास स्थित है। इस माही नदी के बैकवॉटर में छोटे-बड़े करीब 100 द्वीप हैं। मॉनसून में इस शहर की सुंदरता देखने लायक होती है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/not-forget-to-visit-only-temples-your-trip-incomplete-without-these-famous-places" target="_blank">Jagannath Rath Yatra 2026: सिर्फ मंदिर दर्शन की भूल न करें, इन फेमस जगहों के बिना अधूरी है यात्रा</a></h3><div><br></div><h2>बांसवाड़ा में कहां घूमें</h2><div>अगर इस मॉनसून आप भी कहीं घूमने का प्लान कर रहे हैं, तो बांसवाड़ा एक परफेक्ट ऑफबीट लोकेशन हो सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि बांसवाड़ा में आप क्या-क्या एक्सप्लोर कर सकते हैं।</div><div><br></div><h2>चाचा कोटा गांव</h2><div>बांसवाड़ा से करीब 34 किमी दूर चाचा कोटा गांव स्थित है। यह जगह आपको स्कॉटलैंड जैसी वाइब दे सकता है। चाचा कोटा गांव माही बांध के पास है। बताया जाता है कि किसी चाचा के नाम पर ही इस जगह का यह नाम पड़ा है।</div><div><br></div><h2>लोढ़ी काशी&nbsp;</h2><div>यह जगह राजस्थान में छोटी काशी के नाम से फेमस है। यहां पर साढ़े 12 शिवलिंग हैं, जिनका अपना-अपना धार्मिक महत्व है। लोढ़ी काशी मंदिर की भव्यता के अलावा आस्था का बड़ा केंद्र है।</div><div><br></div><h2>त्रिपुरा सुंदरी मंदिर&nbsp;</h2><div>यह एक प्राचीन मंदिर है, जहां पर त्रिपुरा सुंदरी मां का शक्तिपीठ है। इनको माताबारी के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है।</div><div><br></div><h2>सिंहपुरा वॉटरफॉल</h2><div>बता दें कि बांसवाड़ा से करीब 26 किमी दूर सिंहपुरा वॉटरफॉल है। सिंहपुरा वॉटरफॉल इस शहर के सेंटर ऑफ अट्रैक्शन में से एक है। यह झरना करीब 100 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। अगर आपको नेचर के बीच समय बिताना पसंद है, तो यह जगह आपको निराश नहीं करेगी।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 15:48:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/banswara-cherrapunji-of-rajasthan-becomes-paradise-during-monsoon-season</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Jagannath Rath Yatra 2026: सिर्फ मंदिर दर्शन की भूल न करें, इन फेमस जगहों के बिना अधूरी है यात्रा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/not-forget-to-visit-only-temples-your-trip-incomplete-without-these-famous-places]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>जुलाई के महीने में जगन्नाथ पुरी की रथयात्रा में लाखों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में अगर आप भी पुरी की रथयात्रा में जा रहे हैं, तो आसपास की जगहों पर जरूर जाना चाहिए। अगर आप भी इतनी दूर से मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो सिर्फ पुरी में मंदिर के दर्शन न करें, बल्कि साथ ही अन्य फेमस जगहों को भी एक्सप्लोर करें। इस तरह से आपकी उड़ीसा यात्रा भी पूरी हो जाएगी और आप इन जगह को भी एंजॉय कर सकेंगे।</div><div><br></div><h2>ऐसे जाएं पुरी</h2><div>उड़ीसा के पुरी के लिए ट्रेन यात्रा सबसे आसान पड़ेगी। पुरी रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी वाली ट्रेनें रुकती हैं। लेकिन अगर आप फ्लाइट से जाने का प्लान कर रहे हैं, तो आपको भुवनेश्वर एयरपोर्ट तक जाना होगा।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/monsoon-travel-alert-indias-danger-zone-list" target="_blank">Monsoon Travel: खूबसूरत वादियां बन सकती हैं काल! Landslide-बाढ़ का Red Alert, इन जगहों से रहें दूर</a></h3><div><br></div><h2>उड़ीसा की फेमस चीजें</h2><div>सिर्फ पुरी ही नहीं बल्कि उड़ीसा की काफी सारी चीजें फेमस हैं। लोग इन चीजों को देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं।</div><div><br></div><div>जगन्नाथ मंदिर</div><div>समुंदर का किनारा और बीच</div><div>महाप्रसाद</div><div>सी-फूड</div><div>भुवनेश्वर का मुक्तेश्वर मंदिर</div><div>बिंदुसागर लेकर भुवनेश्वर</div><div>लिंगराज मंदिर भुवनेश्वर</div><div><br></div><h2>पुरी के मंदिर के अलावा इन जगहों को करें एक्सप्लोर</h2><div>पुरी में जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करने के अलावा आपको चिल्का झील जाना चाहिए। यहां पर राजहंस द्वीप और इरावाडी डॉल्फिन की सैर करें। डॉल्फिन पार्क और बर्ड सेंचुरी देखें, हालांकि इन जगहों पर जाने के लिए आपको बोट की जरूरत पड़ेगी। आप 4 से 5 घंटे में इन सभी चीजों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।</div><div><br></div><h2>पुरी बीच</h2><div>पुरी जाने के साथ ही आपको पुरी बीच जरूर जाना चाहिए। इसको स्वर्ग द्वार भी बोला जाता है। यहां पर लोकल मार्केट और सैंड आर्ट का भी मजा ले सकते हैं।</div><div><br></div><h2>कोणार्क सूर्य मंदिर</h2><div>पुरी से 35 किमी दूर कोणार्क का सूर्य मंदिर है। यह जगह यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल है। कोणार्क मंदिर को देखे बगैर आपकी पुरी की यात्रा अधूरी मानी जाएगी।</div><div><br></div><h2>गुंडीचा मंदिर</h2><div>गुंडीचा मंदिर को भगवान जगन्नाथ का बगीचा बोला जाता है। रथ यात्रा के दौरान भगवान गुंडीचा मंदिर में 7 दिनों तक विश्राम करते हैं।</div><div><br></div><h2>इतने दिन की प्लान करें ट्रिप</h2><div>जगन्नाथ पुरी यात्रा के लिए 3 से 4 दिन की ट्रिप पर्याप्त होगी। इस बीच मंदिर में दर्शन के साथ ही आप लोकल साइट सीइंग आराम कर सकते हैं। वहीं रथ यात्रा के दौरान अधिक भीड़ होने के कारण आपको इन सारे टूरिस्ट स्पॉट्स पर एक अलग ही एक्सपीरियंस होगा।</div><div><br></div><h2>महाप्रसाद लेना न भूलें</h2><div>मंदिर एरिया में बने आनंद बाजार को जरुर एक्सप्लोर करें। यहां दुनिया का सबसे बड़ा टेंपल किचन है। यहां पर मिट्टी के बर्तनों में लकड़ी की आंच पर खाना पकाया जाता है। यहां पर यूनिक ट्रेडिशनल तरीके से पकाया गया खाना हर रोज हजारों श्रद्धालु खाते हैं।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 14:48:29 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/not-forget-to-visit-only-temples-your-trip-incomplete-without-these-famous-places</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Monsoon Travel: खूबसूरत वादियां बन सकती हैं काल! Landslide-बाढ़ का Red Alert, इन जगहों से रहें दूर]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/monsoon-travel-alert-indias-danger-zone-list]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>बारिश के मौसम में घूमना काफी सुहावना लगता है। हर कोई मॉनसून आते ही घूमने का प्लान करने लगता है। गौरतलब है कि भारत में ऐसी कई जगहें, जो मॉनसून में और भी ज्यादा खूबसूरत हो जाती है। इसी कारण से कई लोग मॉनसून के दौरान छुट्टियों की प्लानिंग करते हैं। यह जगहें बारिश में काफी खूबसूरत नजर आती हैं, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है।</div><div><span style="font-size: 1rem;">इसलिए हमेशा सोच-समझकर का ट्रिप का प्लान करें। क्योंकि मॉनसून के समय कुछ ऐसी जगहें है, जहां पर लैंडस्लाइड, बाढ़, सड़क बंद और नदियों के उफान से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान कर रहे हैं, तो वे लोग एक बार जगहों के बारे में सोच-समझकर ही प्लान करें।</span></div><div><br></div><div><b>मसूरी, नैनीताल और उत्तराखंड के कई ह‍िल स्‍टेशंस</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">उत्तराखंड में ऐसे कई हिल स्टेशंस जहां लोग घूमने के लिए जरुर जाते हैं। सालभर यहां पर भीड़ लगी रहती है। लेकिन मॉनसून के समय यहां पर जाना आपके लिए बड़ी चुनौती भी बन सकती है। दरअसल, बरसात के समय कई जगहों पर लैंडस्लाइड होती है। पहाड़ों से पत्थर और मिट्टी गिरने से कभी भी सड़कें बंद हो जाती हैं। इसके अलावा, नदियों का वॉटर फ्लो भी बढ़ जाता है। इस दौरान कई जगहों पर बादल फट जाते हैं। इसलिए मॉनसून के समय मसूरी, नैनीताल, केदारनाथ, बद्रीनाथ और जोशीमठ जैसी जगहों पर जाने का प्लान न करें।</span></div><div><br></div><div><b>कुल्लू-मनाली</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">हिमाचल प्रदेश का कुल्लू-मनाली बेहद ही खूबसूरत है। यहां पर हमेशा लोगों की भीड़ लगी रहती है। हालांकि, बरसात के दौरान यहां जाने पर खतरा हो सकता है। असल में भारी बरसात के समय पहाड़ों से मलबा सड़कों पर आ जाता है। इससे कई बार रास्ते बंद हो जाते हैं। कुछ सालों में यहां पर ऐसा कई बार हुआ है कि कई जगहों पर बाढ़ और बारिश से काफी नुकसान हुआ है। अगर आप यहां पर जाने का प्लान कर रहे हैं, तो मॉनसून के समय बिल्कुल&nbsp; न जाएं।</span></div><div><br></div><div><b>दार्जिलिंग</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">बरसात के मौसम में अधिकत्तर लोग दार्जिलिंग जाने का प्लान जरुर बनाते हैं। वैसे यह जगह अपनी खूबसूरत वादियो और चाय के बागानों के लिए जानी जाती है। बरसात के समय यहां की नेचुरल ब्यूटी में चार चांद लग जाते है। लेकिन इस दौरान काफी खतरे भी बढ़ जाते है। जैसा कि तीस्ता नदी का फ्लो कई बार यहां पर काफी बाढ़ आ जाती है। मॉनसून में यहां पर लैंडस्लाइड की संभावना अधिक बढ़ जाती है। इसलिए सोच-समझकर ही ट्रिप का प्लान करें।</span></div><div><br></div><div><b>नॉर्थ ईस्ट और कुछ इलाके</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">बारिश के दौरान&nbsp; नॉर्थ-ईस्‍ट इंड‍िया के कई राज्यों में बाढ़ का खतरा अधिक रहता है। असम व अरुणाचल प्रदेश जैसी जगहों पर भारी बारिश के कारण से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, यदि आप मुंबई या गोवा जाने का प्लान कर रहे हैं, तो आप थोड़ा रुक जाएं। अभी मुंबई के हालात भी काफी खराब है।</span></div><div><br></div><div><b>इन बातों का रखें ख्याल</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">- जब भी आप ट्रिप का प्लान करें तो मौसम का अपडेट लेना जरुरी होता है।</span></div><div><br></div><div>&nbsp;- जहां जा रही हैं वहां के हालात जरुर पता करें।</div><div><br></div><div>&nbsp;- भारी बारिश अलर्ट के बाद ट्रिप का प्लान न करें।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:47:25 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/monsoon-travel-alert-indias-danger-zone-list</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Sindhu Darshan Yatra Scheme 2026: Ladakh घूमना हुआ सस्ता! Bihar सरकार की नई Scheme, सिंधु दर्शन यात्रा पर मिलेगी भारी छूट]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/bihar-government-new-scheme-huge-discounts-on-sindhu-darshan-yatra]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>सिंधु नदी भारतीय संस्कृति, सभ्यता और इतिहास का आधार मानी जाती है। इसी के चलते हर साल लद्दाख क्षेत्र में सिंधु-दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसमें देश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। बिहार राज्य के लोगों के लिए सिंधु-दर्शन तीर्थयात्रा का अधिक महत्व है। इस यात्रा में होने वाले अधिक खर्च की वजह से राज्य के निवासियों के सामने इस अहम धार्मिक यात्रा को पूरा करने में कठिनाई होती है।</div><div><br></div><div>ऐसे में बिहार के स्थायी निवासियों को लद्दाख स्थित सिंधु नदी के दर्शन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से रुबरू कराने के उद्देश्य से 'सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना 2026' शुरू की गई है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/beyond-tourism-tamil-nadu-record-breaking-sites" target="_blank">Tamil Nadu सिर्फ Tourist Place नहीं, Guinness Record का भी घर, जानें ये 5 खास बातें</a></h3><div><br></div><h2>एलिजिबिलिटी कंडीशन</h2><div>आवेदक को बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।</div><div><br></div><div>आवेदक की उम्र 18 साल या इससे ज्यादा होनी चाहिए।</div><div><br></div><div>यात्रा पूरी करने के बाद अनुदान का लाभ दिया जाएगा। वहीं आवेदक को यात्रा का पूरी करने का संबंधित प्रमाण और व्यय से संबंधित डॉक्यूमेंट्स करना होगा।</div><div><br></div><div>एक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में सिर्फ एक बार इस योजना का लाभ ले सकता है।</div><div><br></div><div>राज्य या केंद्र सरकार की अन्य समरूप योजना से लाभ लेने वाले व्यक्ति अनुदान के पात्र नहीं होंगे।</div><div><br></div><div>इस योजना के तहत हर वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 तीर्थ यात्रियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी।</div><div><br></div><h2>अनुदान की राशि</h2><div>इस योजना के तहत तीर्थयात्रियों/यात्री समूह को यात्रा पूरी करने के बाद वित्तीय सहायता के रूप में यात्रा व्यय के 50% या 20 हजार रुपए की अनुदान दी जाएगी। तीर्थ-यात्रियों के खाते में सीधे अनुदान की राशि बैंक हस्तांतरण के जरिए जरिए दी जाएगी।</div><div><br></div><h2>योजना का क्रियान्वयन</h2><div>इस योजना के तहत अनुदान भुगतान से संबंधित कार्रवाई पर्यटन निदेशालय बिहार पटना के लेवल से की जाएगी। आवेदकों के आधार, पैन, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र और यात्रा व्यय के संबंध में अंडरटेकिंग आदि के साथ अपना आवेदन बिहार के पटना पर्यटन निदेशालय, निदेशक के समक्ष करना होगा।</div><div><br></div><div>पर्यटन निदेशालय के द्वारा आवेदनों की जांच और फिर 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर 100 तीर्थ-यात्रियों का सिलेक्ट कर अनुदान वितरण के संबंध में अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।</div><div><br></div><h2>जानें व्यय से संबंधित प्रावधान</h2><div>बता दें कि इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 पर्यटकों को अनुदान प्रतिपूर्ति की जाएगी। इस आधार पर अधिकतम 20,00,000 रुपए मात्र व्यय प्रत्येक वित्तीय वर्ष में संभावित है।</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 14:33:16 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/bihar-government-new-scheme-huge-discounts-on-sindhu-darshan-yatra</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Tamil Nadu सिर्फ Tourist Place नहीं, Guinness Record का भी घर, जानें ये 5 खास बातें]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/beyond-tourism-tamil-nadu-record-breaking-sites]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारत में घूमने के लिए कई अद्भुत जगहें और एक से बढ़कर सुंदर व रहस्यमी स्थान मौजूद है। जब घूमने-फिरने की बात आती है, तो सबके मन में साउथ इंडिया घूमने का मन में ख्याल जरुर आता है। गौरतलब है कि दक्षिण भारत की कई सारी जगहें बेहद खूबसूरत है।&nbsp;</div><div><span style="font-size: 1rem;">इन्हीं में से एक राज्य है तमिलनाडु, जो कि खूबसूरत मंदिर, स्वादिष्ट साउथ इंडियन खाना और शानदार बीच के लिए जाना जाता है। लाखों लोग हर साल यहां पर आते हैं। शायद ही आप जानती हैं कि तमिलनाडु न केवल एक टूरिस्ट प्लेस नहीं बल्कि कई सारे रिकॉर्ड्स का घर भी है।</span></div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, तमिलनाडु में ऐसी कई जगहें हैं, जो अपने इतिहास, बनावट और खासियतों के कारण पूरी दुनिया में फेमस हैं। यदि आप भी काफी समय से तमिलनाडु घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आप इन जगहों पर जरुर जाएं।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><span style="font-size: 1rem;"><b>रामेश्वरम में है दुनिया का सबसे लंबा मंदिर कॉरिडोर</b></span></div><div><span style="font-size: 1rem;">वैसे तमिलनाडु का रामेश्वरम अपने धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। लेकिन यहां के&nbsp; रामनाथस्‍वामी मंद‍िर की सबसे बड़ी खास‍ियत इसका बड़ा सा कॉर‍िडोर है। इस मंदिर में दुनिया का सबसे लंबा कॉरिडोर है। यहां पर जाने के लिए दूर-दूर तक एक लाइन में बनें खूबसूरत खंभे दिखाई देंगे। इन खंभों पर जो नक्काशी की गई है, उसकी खूबसूरती बढ़ाने का काम करती है।</span></div><div><br></div><div><b>ऊटी की टॉय ट्रेन का ट्रैक भी है बेहद खास</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">साउथ इंडिया के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशन में ऊटी आता है। यहां पर मौजूद नीलगिरी माउंटेन रेलवे, जिसे लोग टॉय ट्रेन के नाम से जानते हैं, पर्यटकों को ये काफी पसंद आती है। इस रेलवे लाइन की सबसे खास बात यही है कि इसे एशिया के सबसे सीधे और नीचे की तरफ झुके हुए रास्तों में से एक माना जाता है। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यही है कि जब पहाड़ों, जंगलों और चाय के बागानों से ट्रेन गुजरती है, तो नजारा काफी खूबसूरत दिखता है।</span></div><div><br></div><div><b>कोडाईकनाल की रहस्यमयी गुफा</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आपको एडवेंचर पसंद है, तो कोडाईकनाल की गुना केव घूमने के लिए बेहतरीन जगह है। पहले इसे डेविल्स किचन के नाम से जाना जाता था। घने जंगलों के बीच बनी यह गुफा अपने रहस्यमयी माहौल के लिए मशहूर है। यहां की गहरी दरारें और बड़ी-बड़ी चट्टानें देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। कोडाईकनाल घूमने आने वाले ज्यादातर पर्यटक इस जगह को देखने जरूर जाते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>तीन सागरों का संगम है कन्याकुमारी</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">गौरतलब है कि कन्याकुमारी भारत के सबसे आखिरी कोने पर बसा हुआ है। दरअसल, यह जगह काफी खूबसूरत है। यहां पर दुनिया के तीन बड़े समंदर जैसे बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और ह‍िंद महासागर आपस में मिलते हैं। इसको इसको तीन सागरों का संगम कहा जाता है। यहां पर सनराइज और सनसेट देखने का अलग ही नजारा होता है। इसके अतिरिक्त यहां पर समंदर के बीचो-बीच बना विवेकानांद रॉक मेमोरियल देखने को मिलता है।</span></div><div><br></div><div><b>मदुरै का इतिहास है हजारों साल पुराना</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">दरअसल, तमिलनाडु का मदुरै शहर उन चुनिंदा जगहों में से एक है जहां हजारों सालों से लोग रहते आ रहे हैं। बता दें कि, इस शहर का इतिहास भी काफी पुराना है। मदुरै का फेमस मीनाक्षी अम्मन मंदिर अपनी खूबसूरती और ऊंचे, कलरफुल दरवाजों (गोपुरम) के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं।</span></div><div><br></div><div><b>कोयंबटूर में है रिकॉर्ड बनाने वाली आदियोगी प्रतिमा</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">तमिलनाडु के कोयंबटूर में स्थित आदियोगी शिव की प्रतिमा देशभर में फेमस है। ईशा फाउंडेशन के अंदर बनी ये बड़ी सी मूर्ति दुनिया में चेहरे और छाती तक के हिस्से वाली सबसे बड़ी मूर्ति है। सबसे खास बात तो यह है कि इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। यहां पर भगवान शिव को ध्यान लगाकर बैठे हुए दिखाया गया है। आपको बता दें कि, अब बंगलुरु में इस तरह भगवान शिव मूर्ति बनाई गई है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div>इसलिए अगली बार कहीं छुट्टियों में घूमने के लिए तमिलनाडु ट्रिप को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरुर शामिल करें।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:03:56 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/beyond-tourism-tamil-nadu-record-breaking-sites</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Nature Lovers का स्वर्ग है Mangalajodi, Chilika Lake के पास करें Wildlife Photography का मजा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/odisha-travel-bird-watching-paradise-mangalajodi]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद के लिए समय निकलना काफी मुश्किल है आज के समय में। काम का स्ट्रेस के चलते हम सभी काफी बिजी हो गए हैं। रोजाना की थकान से हर कोई परेशान हो जाता है फिर अचानक से किसी शांत और खूबसूरत जगह की तलाश रहती हैं। इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं, ऐसी अनोखी जगह के बारे में जहां का शांत वातावरण और हरियाली आपका मन मोह लेगी। आइए आपको इस लेख में बताते हैं इन जगहों के बारे में-</div><div><br></div><div><b>ओडिशा का मंगलाजोड़ी गांव</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यदि आप शांत माहौल, चारों तरफ फैली हरियाली और रंग-बिरंगे पक्षियों को देखना काफी पसंद करते हैं, तो आप एक बार ओडिशा के एक बेहद अनोखे गांव का दीदर कर सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं, ओडिशा के मंगलाजोड़ी गांव की। यह जगह खूबसूरत खारे पानी की झील चिलिका लेक के पास बसा हुआ है। यदि आप चिलिका झील देखने का प्लान बना रही हैं, तो एक बार समय इस गांव बीता सकती हैं।</span></div><div><br></div><div><b>दिखेगा सनसेट और सनराइज का नजारा</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">ओडिशा के इस गांव में ताजी हवा और सोंधी मिट्टी की खुशबू आपके दिमाग को एकदम रीफ्रेश कर देगी। यहां पर एक अलग ही सुकून देखने को मिलता है। मंगलाजोड़ी गांव की सबसे खास बात यही है कि यहां आपको बिना मोटर वाली लकड़ी की खूबसूरत नाव देखने को मिल जाएगी। जिसमें आप बैठकर झील के बीचों-बीच आप जा सकती हैं। इन नावों की मदद से आप अपनी पानी के बीच जाकर सनसेट और सनराइज का सुंदर नजारा देख सकती हैं।</span></div><div><br></div><div><b>वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के लिए एकदम मस्त जगह</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">यहां काफी शांत और खूबसूरत जगह है, जो कि आपको प्रकृति और पानी की लहरों की हर छोटी-छोटी आवाज आपको जरुर सुनाई देंगी। इसके अलावा, यहां पर आप बर्ड वाचिंग या वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी का भी शौक है, तो यहां आपको रुडी शेल्डक और सैंडपाइपर जैसे कई विदेशी पक्षी भी करीब से देखने को मिलते हैं, जिनकी तस्वीरें आप पास के कैमरे में कैप्चर कर सकते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>मंगलाजोड़ी जानें का सबसे सही समय</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आप भी मंगलाजोड़ी घूमने का प्लान बना रही हैं, तो बारिश का मौसम यहां जाने के लिए अच्छा समय है। वहीं, अगर आप तरह-तरह के पक्षी देखना चाहती हैं, तो नवंबर से फरवरी के बीच जाएं। सर्दियों में यहां बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी आते हैं। यह जगह दोस्तों या अपने पार्टनर के साथ सुकून भरा समय बिताने के लिए बेहतरीन मानी जाती है।</span></div><div><br></div><div><b>कैसे पहुंचे मंगलाजोड़ी?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">मंगलाजोड़ी जाने के लिए आपको सबसे नजदीकी एयरपोर्ट से भुवनेश्वर के बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट जा सकती हैं या नजदीकी रेलवे स्टेशन से तंगी स्टेशन भी पहुंचा जा सकता है। तंगी स्टेशन से कैब या शेयरिंग रिक्शा इस गांव तक आराम से पहुंचा सकते हैं।</span></div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 14:58:14 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/odisha-travel-bird-watching-paradise-mangalajodi</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Shoja की भीड़ से दूर Tandi Village में बिताएं सुकून के पल, ये रहा पूरा Travel Plan]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/tandi-village-himachal-pradesh-offbeat-escape-near-shoja]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>आजकल घुमक्कड़ लोग घूमने के लिए कहीं न कहीं निकाल ही जाते हैं। हिमाचल प्रदेश में स्थित शोजा जंगलों के बीच एक छोटा गांव है। इसकी खूबसूरती देखने के लायक होती है। गौरतलब है कि शोजा के बारे में हर कोई जानता है कि यहां की शांत वादियां, प्राकृतिक सुंदरता की वजह से पर्यटक इस जगह पहुंच ही जाते हैं।</div><div><span style="font-size: 1rem;">यहां से कुछ ही दूरी पर स्थित तांडी विलेज एक ऐसी जगह है, जहां पर भीड़भाड़ बिल्कुल भी देखने को नहीं मिलती है। यदि आप शोजा घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार इस जगह को जरुर एक्सप्लोर करें।</span></div><div><br></div><div><b>तांडी विलेज की खासियत</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">भीड़भाड़ की दुनिया से दूर शांत जगह में सुकून पाना है, तो यह आप यहां जरुर जाएं। वैसे शोजा में आपको पर्यटक देखने को मिल ही जाएंगे लेकिन तांडी विलेज में बहुत कम दिखेंगे। यहां बहुत कम टूरिस्ट आते हैं, इसलिए भी लोगों को यह जगह ज्यादा पसंद आती है।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>असली नेचर का अनुभव</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">अगर आप प्रकृति के बीच सुकून भरा समय बिताना चाहते हैं, तो हिमाचल प्रदेश के कम प्रसिद्ध गांव आपके लिए बेहतरीन विकल्प हैं। यहां भीड़-भाड़, ट्रैफिक और शोर-शराबा बहुत कम होता है। कम पर्यटक आने की वजह से ये जगहें साफ-सुथरी और शांत रहती हैं। चारों ओर फैले देवदार और चीड़ के घने जंगल यहां की प्राकृतिक सुंदरता को और भी खास बना देते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>डिजिटल सुविधाएं कम हैं</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">बता दें कि, इस जगह की सबसे खास बात यही है कि यहां आपको नेटवर्क ज्यादा देखने को नहीं मिलेगा। क्योंकि फिर आप यहां पर फोन में बिजी नहीं रहेंगे। यहां के सुंदर नजारों में आप खो जाएंगे।&nbsp; प्रकृति का आनंद यहां पर ले सकते हैं।&nbsp;</span></div><div><br></div><div><b>शोजा से तांडी विलेज की दूरी</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">इस बात का ध्यान रखें कि सबसे पहले तांडी गांव आता है, इसके बाद जिभी होते हुए आप शोजा जा सकते हैं। बता दें कि, इस गांव से सिर्फ शोजा की लगभग दूरी 1 घंटे की है। यहां पर करीब 12 किमी दूरी तय करनी होगी। अगर आप चाहें तो शोजा लौटने के बाद यहां पर इस गांव में रुक सकते हैं।</span></div><div><br></div><div><b>कैसे पहुंचे?</b></div><div><span style="font-size: 1rem;">दिल्ली और आसापास के राज्यों से जिभी और शोजा दोनों के लिए बस मिल जाती है। बस लेने के बाद तांडी विलेज पहुंच जाएं। इसके बाद आप शोजा गांव घूम सकते हैं। बता दें कि, दिल्ली से शोजा के लिए करीब 1000 से 1500 रुपये देने होंगे।</span></div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 17:44:23 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/tandi-village-himachal-pradesh-offbeat-escape-near-shoja</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Monsoon Adventure: ये हैं भारत के 5 सबसे खूबसूरत ट्रेक, जहां मिलता है Thrill और सुकून का डबल डोज]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/these-5-most-beautiful-treks-in-india-where-you-get-double-dose-of-thrill-and-peace]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुकून कहीं खो जाता है। फिर इस सुकून को ढूंढने के लिए अक्सर लोग घूमने के लिए निकल पड़ते हैं। ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा होने लगी है, जो सबसे पहले पहाड़ों का रुख करते हैं और एडवेंचर करने के लिए ट्रेकिंग को चुनते हैं। मॉनसून दस्तक दे चुका है और अगर आप इस मॉनसून में ट्रिप प्लान करने के बारे में सोच रहे हैं, तो हम आपको कुछ सबसे बेहतरीन और खूबसूरत ट्रेक के बारे में बताने जा रहे हैं। मॉनसून में प्रकृति अलग ही निखरकर आती है। तो भला आप ये खूबसूरत नजारे क्यों छोड़ें। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस मौसम में घूमने के लिए 5 सबसे बेहतरीन ट्रेक के बारे में बताने जा रहे हैं।</div><div><br></div><h2>जानें मॉनसून सीजन में घूमने के लिए बेस्ट ट्रेक&nbsp;</h2><div><br></div><h2>फ्लावर वैली ट्रेक&nbsp;</h2><div><div>उत्तराखंड के चमोली में स्थित फ्लावर वैली ट्रेक देश के सबसे फेमस ट्रेक में से एक है। फ्लावर वैली में फूलों की खूबसूरती देखने लायक होती है। यहां पर करीब 500 फूलों की प्रजातियां देखने को मिलती हैं। इनमें से कुछ फूल ऐसे भी हैं, जिनके बारे में आपके कभी सुना भी नहीं होगा। फूलों की सुंदर घाटी UNESCO की विश्व धरोहर लिस्ट में शामिल है। यह ट्रेक 19 किमी लंबा है।</div></div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/amarnath-yatra-2026-an-essential-pilgrim-packing-guide" target="_blank">Amarnath Yatra 2026 शुरू, बाबा बर्फानी के दर्शन से पहले जान लें ये Complete Packing List</a></h3><div><br></div><h2>हंपता पास</h2><div>यह हिमाचल का सबसे फेमस ट्रेक है। यह हिमाचल के पीर पंजाल रेंज का हिस्सा है। हंपता पास समुद्र तल से करीब 14,000 फुट की ऊंचाई पर है। इस ट्रेक की शुरुआत कुल्लू से होती है। इस रास्ते में चंद्रताल लेक, ऊंचे पहाड़ और बहते झरने मन मोह लेते हैं। हंपता पास ट्रेक करीब 25 किमी लंबा है।</div><div><br></div><h2>कश्मीर ग्रेट लेक ट्रेक</h2><div>कश्मीर को ऐसे ही जन्नत नहीं कहा जाता है, कभी यहां कश्मीर ग्रेट लेक ट्रेक को देखें। कुदरत के खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठाना हो, तो कश्मीर की वादियों में स्थित इस ट्रेक पर जरूर जाएं। वहीं यहां की खासियत यह है कि यहां पर आपको 5 झीलें देखने को मिलेंगी। यह ट्रेक 75 किमी लंबा है।</div><div><br></div><h2>भृगु लेक ट्रेक</h2><div>इसका संबंध पौराणिक कथाओं से है। मान्यता है कि भृगु लेक ट्रेक इस स्थान पर महर्षि भृगु ने बैठकर डीप मेडिटेशन किया था। यह जगह हिमाचल के मनाली के पास है। भृगु लेक की ऊँचाई समुद्र तल से 14,000 फीट की है। यहां घास के मैदान, खुद भृगु झील और खूबसूरत फूलों की प्रजाति आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र है। यह ट्रेक 26 किमी लंबा है।</div><div><br></div><h2>कनामो पीक</h2><div>हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में कनामो पीक स्थित है। यहां बारिश के मौसम में एडवेंचर करने लायक ट्रेड है। यह पीक समुद्र तल से करीब 19,553 फीट ऊंची है। इस ट्रेक की खासियत यह है कि कनामो पीक भले ही इतनी ऊंचाई पर है। लेकिन यह दुनिया की सबसे ऊंची और आसान ट्रेक में शामिल है। कनामो पीक ट्रेक 30 किमी लंबा है।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 12:42:02 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/touristplaces/these-5-most-beautiful-treks-in-india-where-you-get-double-dose-of-thrill-and-peace</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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